
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार को दो बार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को बहस के लिए ललकार चुके हैं लेकिन जिन मुद्दों पर वह बहस के लिए ललकार रहे थे वह अलग थे. उन मुद्दों से अलग बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और केजरीवाल ट्विटर पर भिड़े हुए नजर आ रहे हैं. मुद्दा है रविवार को लॉन्च हुई मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना का जिसके तहत देश के 50 करोड़ लोगों को 5 लाख तक का इंश्योरेंस कवर दिया जाना है.
दिल्ली में मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं की गई जिससे नाराज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सीधे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ और द्वेष के कारण दिल्ली के गरीब लोगों को इस योजना के लाभ से केजरीवाल वंचित कर रहे हैं. अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा, 'प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा शुरू की गयी विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना - आयुष्मान भारत' को दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा मात्र अपने राजनीतिक स्वार्थ व द्वेष के कारण प्रदेश की जनता को इसके लाभ से वंचित रखना बहुत ही दु:खद व निंदनीय है. आम आदमी पार्टी की संकीर्ण सोच की वजह से दिल्ली की गरीब जनता को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा. आप को अपनी इस हीन राजनीति के लिए जनता को जवाब देना होगा. भाजपा कार्यकर्ता आपकी इस गरीब विरोधी राजनीति के विरुद्ध घर-घर जाकर जनता को उसके अधिकार के लिए जागृत करेंगे.'
जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर बाकायदा दो पन्नों का स्पष्टीकरण जारी करके यह बताया है कि आखिर दिल्ली के अंदर यह योजना लागू क्यों नहीं की गई. केजरीवाल के मुताबिक मोदी सरकार की ये योजना सफेद हाथी साबित होगी.
केजरीवाल ने दिल्ली में क्यों लागू नहीं की आयुष्मान भारत योजना
1. प्राथमिक स्वास्थ्य- आम आदमी पार्टी सरकार के मुताबिक मोदी सरकार की इस योजना में प्राथमिक स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया गया जोकि सबसे ज्यादा जरूरी है. दिल्ली सरकार मानती है कि स्वास्थ्य के लिए 3 लेवल जरूरी हैं प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च, सेकेंडरी और ट्रशरी. इसी के तहत दिल्ली सरकार मोहल्ला क्लीनिक, पॉलीक्लिनिक और बड़े अस्पताल पर काम कर रही है.
2. सबके लिए नहीं योजना- आप सरकार के मुताबिक यह योजना यूनिवर्सल यानी सब के लिए नहीं है, केवल गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग ही इस के पात्र होंगे. उदाहरण के तौर पर दिल्ली में 50 लाख परिवार हैं जबकि यह योजना केवल 6 लाख परिवारों को कवर करेगी. जबकि दिल्ली सरकार बिना किसी भेदभाव के या आय में अंतर माने हुए सबको मुफ़्त स्वास्थ्य सेवाएं देती है.
3. केवल एडमिट हुए मरीजों के लिए - दिल्ली सरकार के मुताबिक इस योजना की सबसे बड़ी खामी है कि इसमें केवल एडमिट होने वाले मरीजों को ही कवर किया जा रहा है. यह योजना ऐसे मरीजों को बिल्कुल कवर नहीं करती जो एडमिट नहीं हुए जबकि दिल्ली सरकार मौजूदा स्वरूप में हर मरीज को मुफ्त दवाएं, टेस्ट और ऑपरेशन की सुविधा देती है चाहे वो एडमिट हो या ना हो.
VIDEO: पीएम मोदी ने आयुष्मान भारत का किया शुभारंभ
दिल्ली में मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं की गई जिससे नाराज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सीधे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ और द्वेष के कारण दिल्ली के गरीब लोगों को इस योजना के लाभ से केजरीवाल वंचित कर रहे हैं. अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा, 'प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा शुरू की गयी विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना - आयुष्मान भारत' को दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा मात्र अपने राजनीतिक स्वार्थ व द्वेष के कारण प्रदेश की जनता को इसके लाभ से वंचित रखना बहुत ही दु:खद व निंदनीय है. आम आदमी पार्टी की संकीर्ण सोच की वजह से दिल्ली की गरीब जनता को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा. आप को अपनी इस हीन राजनीति के लिए जनता को जवाब देना होगा. भाजपा कार्यकर्ता आपकी इस गरीब विरोधी राजनीति के विरुद्ध घर-घर जाकर जनता को उसके अधिकार के लिए जागृत करेंगे.'
जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर बाकायदा दो पन्नों का स्पष्टीकरण जारी करके यह बताया है कि आखिर दिल्ली के अंदर यह योजना लागू क्यों नहीं की गई. केजरीवाल के मुताबिक मोदी सरकार की ये योजना सफेद हाथी साबित होगी.
केजरीवाल ने दिल्ली में क्यों लागू नहीं की आयुष्मान भारत योजना
1. प्राथमिक स्वास्थ्य- आम आदमी पार्टी सरकार के मुताबिक मोदी सरकार की इस योजना में प्राथमिक स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया गया जोकि सबसे ज्यादा जरूरी है. दिल्ली सरकार मानती है कि स्वास्थ्य के लिए 3 लेवल जरूरी हैं प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च, सेकेंडरी और ट्रशरी. इसी के तहत दिल्ली सरकार मोहल्ला क्लीनिक, पॉलीक्लिनिक और बड़े अस्पताल पर काम कर रही है.
2. सबके लिए नहीं योजना- आप सरकार के मुताबिक यह योजना यूनिवर्सल यानी सब के लिए नहीं है, केवल गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग ही इस के पात्र होंगे. उदाहरण के तौर पर दिल्ली में 50 लाख परिवार हैं जबकि यह योजना केवल 6 लाख परिवारों को कवर करेगी. जबकि दिल्ली सरकार बिना किसी भेदभाव के या आय में अंतर माने हुए सबको मुफ़्त स्वास्थ्य सेवाएं देती है.
3. केवल एडमिट हुए मरीजों के लिए - दिल्ली सरकार के मुताबिक इस योजना की सबसे बड़ी खामी है कि इसमें केवल एडमिट होने वाले मरीजों को ही कवर किया जा रहा है. यह योजना ऐसे मरीजों को बिल्कुल कवर नहीं करती जो एडमिट नहीं हुए जबकि दिल्ली सरकार मौजूदा स्वरूप में हर मरीज को मुफ्त दवाएं, टेस्ट और ऑपरेशन की सुविधा देती है चाहे वो एडमिट हो या ना हो.
VIDEO: पीएम मोदी ने आयुष्मान भारत का किया शुभारंभ
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