
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने राज्यसभा में आरोप लगाया है कि सरकार के रवैये से नाराज़ होकर आईआईटी के प्रोफेसर और निदेशक इस सम्मानित संस्था को छोड़ रहे हैं।
आज़ाद ने इस मसले में सरकार से जवाब की मांग की। शून्यकाल में गुलाम नबी आज़ाद ने यह मसला उठाते हुए सरकार से जवाब की मांग की। आज़ाद ने यह बात आईआईटी बंबई के संचालन मंडल के अध्यक्ष पद से परमाणु वैज्ञानिक अनिल काकोदकर के इस्तीफे के बाद कही है।
हालांकि ख़बर थी कि मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से लंबी बातचीत के बाद काकोदकर मई तक इस पद पर बने रहने के लिए तैयार हो गए हैं। काकोदकर ने इस्तीफे का कारण बताने से इनकार कर दिया था। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब आईआईटी पटना, भुवनेश्वर और रोपड़ के निदेशक नियुक्त करने के लिए सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी की अहम बैठक 22 मार्च को होने वाली है।
समिति की अध्यक्ष स्मृति ईरानी हैं। इसके लिए मंत्रालय में 37 प्रोफेसरों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। माना जा रहा है कि काकोदकर मंत्रालय में साक्षात्कार के लिए बुलाए गए लोगों के चयन से सहमत नहीं हैं।
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