
शत्रुघ्न सिन्हा (फाइल फोटो).
नई दिल्ली:
भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने नोटबंदी के बाद की स्थिति को अफरातफरी वाला बताया है. उन्होंने इसके लिए जवाबदेही तय किए जाने की मांग की क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनकी टीम के सदस्यों ने निराश किया है.
संसद भवन के बाहर आज संवाददाताओं से बात करते हुए सिन्हा ने कालाधन पर रोक लगाने के ‘साहसिक, बुद्धिमानी भरे और समय पर उठाए गए कदम’ के लिए ‘उत्साही, ऊर्जावान और एक्शन हीरो’ मोदी की सराहना की. लेकिन नोटबंदी को त्रुटिपूर्ण तरीके से लागू किए जाने को लेकर सरकार को जिम्मेदार भी ठहराया.
उन्होंने तय सीमा से अधिक रुपये निकालने पर लगे प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को अपना ही पैसा निकालने से रोका जा रहा है. उन्होंने हैरान होकर पूछा, ‘‘यह किस तरह का नाटक है? ’’ सिन्हा ने कालाधन के खिलाफ नोटबंदी को एक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ बताए जाने के दावों को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘‘सरकार की टीम को अपना होमवर्क करना चाहिए था. क्या आपको नहीं लगता कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे सर्जिकल स्ट्राइक के बाद की स्थिति की भी सुध लें.’’
अक्सर ही सरकार और अपनी पार्टी की आलोचना करने वाले सिन्हा ने आधिकारिक संदेश फैलाने के लिए अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा और सुब्रहमण्यम स्वामी की सेवाएं लेने की भी मांग की क्योंकि उनकी साफ सुथरी छवि है. उन्होंने संभवत: शौरी की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा कि शौरी ने अच्छी बातें कही हैं. दरअसल, शौरी ने अपनी टिप्पणी में इस कदम की आलोचना की थी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संसद भवन के बाहर आज संवाददाताओं से बात करते हुए सिन्हा ने कालाधन पर रोक लगाने के ‘साहसिक, बुद्धिमानी भरे और समय पर उठाए गए कदम’ के लिए ‘उत्साही, ऊर्जावान और एक्शन हीरो’ मोदी की सराहना की. लेकिन नोटबंदी को त्रुटिपूर्ण तरीके से लागू किए जाने को लेकर सरकार को जिम्मेदार भी ठहराया.
उन्होंने तय सीमा से अधिक रुपये निकालने पर लगे प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को अपना ही पैसा निकालने से रोका जा रहा है. उन्होंने हैरान होकर पूछा, ‘‘यह किस तरह का नाटक है? ’’ सिन्हा ने कालाधन के खिलाफ नोटबंदी को एक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ बताए जाने के दावों को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘‘सरकार की टीम को अपना होमवर्क करना चाहिए था. क्या आपको नहीं लगता कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे सर्जिकल स्ट्राइक के बाद की स्थिति की भी सुध लें.’’
अक्सर ही सरकार और अपनी पार्टी की आलोचना करने वाले सिन्हा ने आधिकारिक संदेश फैलाने के लिए अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा और सुब्रहमण्यम स्वामी की सेवाएं लेने की भी मांग की क्योंकि उनकी साफ सुथरी छवि है. उन्होंने संभवत: शौरी की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा कि शौरी ने अच्छी बातें कही हैं. दरअसल, शौरी ने अपनी टिप्पणी में इस कदम की आलोचना की थी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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