Behavioural Intelligence: आज के समय में लोगों को समझना पहले से ज्यादा मुश्किल लगने लगा है. हम रोज बात करते हैं, मिलते हैं, साथ काम करते हैं, लेकिन फिर भी गलतफहमियां बढ़ती जा रही हैं. मास्टर माय लाइफ ईक्यू एजुकेशन के फाउंडर और ‘आत्मन इंटेलिजेंस' के लेखक हेमंत लावंघरे बताते हैं कि बिहेवियरल इंटेलिजेंस (Behavioural Intelligence) आज के समय की सबसे जरूरी लाइफ स्किल बनती जा रही है. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि हमें कभी यह सिखाया ही नहीं गया कि किसी के व्यवहार के पीछे छिपी भावनाओं को कैसे समझें.हम सिर्फ सामने दिख रही बातों पर प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन उस गहराई को नहीं देख पाते जहां असली कहानी छिपी होती है.
क्यों उलझते हैं रिश्ते?
अक्सर हम किसी के शब्दों को ही सच मान लेते हैं. अगर कोई गुस्से में बोलता है, तो हम भी गुस्से में जवाब देते हैं. लेकिन हम यह नहीं सोचते कि उसके गुस्से के पीछे कोई दर्द या दबाव भी हो सकता है. यही छोटी-छोटी गलतियां रिश्तों में दूरी और तनाव पैदा कर देती हैं.

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‘लौ नहीं, उसका तेल देखना' सीखिए
एक पुरानी कहानी इस बात को समझाती है. एक दिन एक शिष्य को रास्ते में अपमान झेलना पड़ा. वह दुखी और गुस्से में मठ पहुंचा. वहां एक साधारण सवाल पर भी वह भड़क गया. तब गुरु ने एक दीपक दिखाकर पूछा कि इसकी लौ को कौन जिंदा रखता है. जवाब मिला, तेल.
गुरु ने समझाया कि गुस्सा सामने वाले की वजह से नहीं, बल्कि भीतर के दर्द की वजह से होता है. जब हम यह समझ लेते हैं, तो हमारी सोच बदल जाती है.
आईना नहीं, प्रिज्म बनना होगा
ज्यादातर लोग आईने की तरह होते हैं. जैसा सामने दिखा, वैसा ही जवाब दे दिया. लेकिन समझदार लोग प्रिज्म (Prism) की तरह होते हैं. वे एक ही बात में छिपे कई पहलुओं को देख पाते हैं. वे जानते हैं कि गुस्से के पीछे अक्सर दुख होता है और चुप्पी के पीछे डर.
सहानुभूति, लेकिन संतुलन के साथ
दूसरों को समझना जरूरी है, लेकिन इसमें खुद को खो देना सही नहीं है. असली समझदारी यह है कि आप सामने वाले के दर्द को महसूस करें, लेकिन खुद अंदर से मजबूत बने रहें. यही आपको बेहतर इंसान और बेहतर साथी बनाता है.
तीन नजरियों से देखिए हर स्थिति
किसी भी समस्या को समझने का एक आसान तरीका है. उसे तीन नजरियों से देखें. पहला, आपका अपना नजरिया. दूसरा, सामने वाले का नजरिया. और तीसरा, एक निष्पक्ष व्यक्ति का नजरिया. जब आप ऐसा करते हैं, तो आपको पूरी तस्वीर साफ दिखने लगती है. कई बार समस्या किसी व्यक्ति में नहीं, बल्कि परिस्थितियों में होती है.
आज के समय में क्यों जरूरी है यह स्किल?
आज लोग पहले से ज्यादा जुड़े हुए हैं, लेकिन अंदर से उतने ही अकेले हैं. ऐसे में गलतफहमियां और तनाव बढ़ना स्वाभाविक है. इस स्थिति में सिर्फ बात करना काफी नहीं है, बल्कि समझना जरूरी है.
बिहेवियरल इंटेलिजेंस हमें यही सिखाती है. यह सिखाती है कि तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय थोड़ा ठहरें, समझें और फिर जवाब दें. यही छोटी-सी आदत हमारे रिश्तों, काम और जिंदगी को बेहतर बना सकती है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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