आज के समय में जब हम सभी अपनी फास्ट लाइफ में अपने काम, करियर और जिम्मेदारियों के बीच बहुत ज्यादा उलझ गए हैं कि फैमिली में हर किसी से बात ही नहीं हो पाती है. मुझे खुद भी ऐसा लगता है. ऑफिस और फिर घर में इतना बिजी हो जाती हूं कि घर पर मां के अलावा किसी और से बात नहीं हो पाती है. जिसके चलते मैनें अपने बाकी रिश्तों को खुद से दूर या कह सकें कि कम्यूनिकेशन गैप होते हुए देखा है जिसकी वजह से इमोशनल कनेक्टिविटी भी कम होने जैसा फील होता है. इसकी एक वजह है कि मुझे पता ही नहीं होता है कि किसकी लाइफ में क्या चल रहा है. इस वजह से घर के दूसरे सदस्य पीछे छूट जाते हैं. धीरे-धीरे रिश्तों के बीच खामोशी और दूरी बढ़ जाती है. लेकिन अच्छी बात ये है कि अगर आप थोड़ी प्लानिंग और समझदारी के साथ और कुछ छोटे-छोटे बदलावों के साथ आप अपने रिश्तों और काम के बीच सही बैलेंस बना सकते हैं. ताकि अपने करियर के साथ ही आप अपने लोगों के दिल के करीब भी बने रहें.
रिश्तों को समय देना क्यों जरूरी है?
भागदौड़ भरी जिंदगी और करियर के बीच हम उन रिश्तों से दूर हो जाते हैं जो हमारे इमोशनल सपोर्ट सिस्टम होते हैं. जब हम थके और परेशान रहते हैं तो यही रिश्ते हमें सुकून देते हैं. अगर हम इन्हें नजरअंदाज करते हैं, तो धीरे-धीरे दूरी बढ़ने लगती है, जो बाद में खलती है.

ऐसे बनाएं काम और रिश्तों के बीच बैलेंस
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1. छोटे-छोटे कम्युनिकेशन को आदत बनाएं
आपके पास अगर टाइम की कमी है तो जरूरी नहीं है कि आप हर रोज लंबी बातें करें. आप हर रोज सिर्फ 5–10 मिनट निकाल कर बात कर लें इतना ही काफी होता है.
2. फैमिली व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं
फैमिली का व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं जिसमें आप सुबह एक गुड मॉर्निंग का मैसेज भेज दें. या फिर ग्रुप पर कोई जोक फॉर्वर्ड करें और रात में ग्रुप में एक ऐसा मैसेज डाल दें कि सब लोग कैसे हैं. ऑफिस में कुछ अच्छा हुआ हो आपको प्रमोशन मिला है तो ये फोटोज और बातें ग्रुप पर शेयर करें और अपनी सफलता को सभी के साथ शेयर करें. ऐसा करने से बातचीत अपने आप बढ़ने लगती है.
3. ग्रुप कॉल को आदत बनाएं
ग्रुप कॉल हर दिन पॉसिबल नहीं है. इसलिए अपने वीकेंड वाले दिन एक बार फैमिली ग्रुप पर कॉल जरूर करें. ऐसे में 10 से15 मिनट की बात आपके रिश्तों को बेहतर बनाने में मदद करता है.
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4. ट्रैवल टाइम का सही इस्तेमाल करें
अगर आपके पास ऑफिस के आने के बाद या जाने से पहले टाइम नहीं मिलता है तो, आप ऑफिस आने-जाने के बीच का समय सबसे अच्छा होता है.
5. रूटीन बना लें
ऑफिस से आने के बाद अपना एक टाइम फिक्स कर लें जिसमें आप इस बात को सुनिश्चित करें कि आप जहां भी हो आपको इस टाइम पर घर में कॉल कर के बात जरूर करनी है.
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