Side Effects of Pollution: दिल्ली-एनसीआर हर साल सर्दियों के मौसम में एक "गैस चैंबर" की स्थिति में आ जाता है. इन दिनों प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक सीमा तक पहुंच चुका है, जो लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है. धुंध, धूल निर्माण कार्यों से निकलने वाला धुआं, पराली जलाने और वाहनों के उत्सर्जन के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब हो जाता है. दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण की चादर में लिपटना एक गंभीर चेतावनी है. यह समय है कि हम इस समस्या से मिलकर निपटें और एक हेल्दी, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में प्रयास करें. प्रदूषण के दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए हमें खुद की और अपने परिवार की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए.
यह भी पढ़ें: कॉटन, सर्जिकल या कार्बन मास्क, खतरनाक प्रदूषण से बचाव के लिए कौन सा मास्क सबसे अच्छा है? जानिए
-
'कॉकटेल 2' को मिले रिव्यू पर कृति सेनन ने NDTV वर्ल्ड समिट में कहा- फिल्म देखना एक पर्सनल एक्सपीरियंस है -
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
प्रदूषण से सबसे ज्यादा जोखिम किन लोगों को है? | Who Are Most At Risk From Pollution?
- वरिष्ठ नागरिक
- शिशु और बच्चे
- कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
- डायबिटीज रोगी
- धूम्रपान करने वाले
- गर्भवती महिलाएं.
प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से होने वाले सबसे आम दुष्प्रभाव | Common Side Effects of Exposure To Polluted Air
- त्वचा में जलन और एलर्जी
- एलर्जिक राइनाइटिस
- आंखों में जलन और आंखों से पानी आना
- ब्रोंकाइटिस और अस्थमा के दौरे
- थकावट, सिरदर्द, थकान, नींद न आना
- मौजूदा हार्ट और फेफड़ों की बीमारियों का बढ़ना
- लो इम्यूनिटी (आपको संक्रमण होने का खतरा ज्यादा हो जाता है.)
यह भी पढ़ें: प्रदूषण के प्रभावों को कम करने और खुद को हेल्दी रखने के लिए 3 कारगर योगासन, फेफड़ों को मिलेगी ताकत
प्रदूषण से खुद को कैसे बचाएं? | How To Protect Ourselves From Pollution?
- प्रदूषित वातावरण में बाहर निकलते समय मास्क पहनें.
- बाहर जाने से बचें, खासकर सुबह और शाम के समय.
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें.
- अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए धूप का चश्मा पहनें.
- योग और सांस लेने के व्यायाम का अभ्यास करें.
डायबिटीज और अस्थमा जैसी पहले से मौजूद लाइफस्टाइल रिलेटेड डिजीज को मैनेज करें. धूम्रपान और शराब पीना छोड़ दें. प्रदूषण के कारण लक्षण दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें.
फेफड़ों को हेल्दी और मजबूत कैसे बनाएं? डॉक्टर से जानिए लंग्स की कैपेसिटी बढ़ाने के लिए क्या करें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं