What to Do for Hives: कई बार बिना किसी चेतावनी के शरीर पर लाल-लाल चकत्ते या सूजन जैसी पित्ती (हाइव्स) उभर आती है. इसके साथ तेज खुजली, जलन और बेचैनी भी महसूस होती है, जिससे व्यक्ति परेशान हो जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार पित्ती आमतौर पर एलर्जी, मौसम में बदलाव, कुछ खास खाने-पीने की चीजों या तनाव की वजह से हो सकती है. यह समस्या अचानक आती है और कभी-कभी कुछ घंटों में खुद ठीक भी हो जाती है, लेकिन कई बार यह ज्यादा बढ़कर गंभीर रूप ले सकती है. इसलिए जरूरी है कि सही समय पर सही उपाय किए जाएं, ताकि राहत जल्दी मिले और समस्या ज्यादा न बढ़े.
पित्ती क्या होती है?
पित्ती में त्वचा पर लाल, सूजे हुए दाने या चकत्ते दिखाई देते हैं, जो अचानक आते हैं और कुछ समय बाद गायब भी हो सकते हैं. यह शरीर की एलर्जिक प्रतिक्रिया होती है.
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पित्ती होने के मुख्य कारण | Main Causes of Hives
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार पित्ती कई कारणों से हो सकती है, जिनमें शामिल हैं-
- खाने से एलर्जी: जैसे नट्स, दूध, अंडा या सी फूड्स.
- दवाइयों का रिएक्शन.
- मौसम में बदलाव: खासकर ठंड या गर्मी.
- कीड़े के काटने से
- ज्यादा तनाव या चिंता

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पित्ती उछल आए तो तुरंत क्या करें? | What Should You Do Immediately if Hives Break Out?
1. तुरंत ठंडा सेक करें | Apply Cold Compress Right Away
त्वचा पर बर्फ का टुकड़ा पतले कपड़े में लपेटकर या ठंडे पानी में भीगा कपड़ा 10-15 मिनट तक रखें. ठंडक ब्लड वेसल्स को सिकोड़ती है जिससे खुजली, जलन और लाल दाने तेजी से कम होते हैं. दिन में 3-4 बार दोहराएं.
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2. डॉक्टर से पूछकर एंटीहिस्टामिन लें | Take Antihistamine After Consulting Doctor
सेट्रीजीन, लोराटाडीन जैसी एंटी-एलर्जिक दवाएं हिस्टामिन को ब्लॉक करके पित्ती को 30-60 मिनट में कंट्रोल करती हैं. बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार दवा न लें, खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए.
3. खुजलाना बिल्कुल बंद करें, नाखून छोटे रखें | Stop Scratching to Prevent Infection
खुजलाने से हिस्टामिन और रिलीज होता है जिससे दाने और फैलते हैं. त्वचा छिल सकती है और बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. खुजली तेज लगे तो थपथपाएं या कोल्ड सेक करें.
4. ढीले, सूती और सांस लेने वाले कपड़े पहनें | Wear Loose, Breathable Cotton Clothes
टाइट, सिंथेटिक या ऊनी कपड़े त्वचा से रगड़ खाकर पित्ती को ट्रिगर करते हैं. हल्के रंग के ढीले कॉटन कपड़े हवा पास होने देते हैं, पसीना सोखते हैं और इरिटेशन नहीं बढ़ाते.
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5. ट्रिगर पहचानें और तुरंत दूर हटें | Identify & Remove the Trigger Immediately
नया खाना, दवा, पालतू जानवर, धूल, परफ्यूम या स्ट्रेस, जिस चीज से रिएक्शन हुआ हो उसे तुरंत बंद करें. ट्रिगर हटाते ही नई पित्ती आना रुक जाएगी। फोटो खींचकर डॉक्टर को दिखाएं.

घरेलू उपाय जो पित्ती से राहत दे सकते हैं:
- नीम का पानी: इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं.
- एलोवेरा जेल: ठंडक देता है और खुजली कम करता है.
- ओटमील बाथ: त्वचा को शांत करता है.
- नारियल तेल: स्किन को मॉइश्चराइज करता है.
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि अगर पित्ती के साथ ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- सांस लेने में दिक्कत
- चेहरे, होंठ या गले में सूजन
- चक्कर या कमजोरी
- पित्ती बार-बार होना
कैसे करें बचाव?
- जिन चीजों से एलर्जी हो, उनसे दूर रहें.
- स्ट्रेस कम करें.
- हेल्दी डाइट लें.
- त्वचा को साफ और हाइड्रेटेड रखें.
पित्ती एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है, जो अचानक किसी को भी हो सकती है. हालांकि, सही जानकारी और समय पर उपाय अपनाकर इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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