Heat Wave: महाराष्ट्र के लातूर जिले में गर्मी से एक बच्ची की मौत की खबर आई है. भीषण गर्मी और लू की वजह से यहां 9 महीने की एक मासूम बच्ची की जान चली गई. औसा तालुका के गोंद्री गांव में 9 महीने की इस मासूम बच्ची को उनकी मां झूले में सुला कर अपना काम कर रही थी. तभी तेज गर्मी के कारण बच्ची का गला सूख गया और उनकी तालू जीभ में चिपक गई. कुछ ही समय बाद बच्ची की मौत हो गई. इस समय लातूर का तापमान 42 डिग्री है. तेज गर्मी और हीटवेव में छोटे बच्चों को हीटस्ट्रोक से बचाने के आसान और जरूरी उपाय। माता‑पिता के लिए जरूरी सलाह-
गर्मी में बच्चों को हीटस्ट्रोक से कैसे बचाएं? | Health Tips
देश के अधिकतर हिस्से में तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच है और गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है. गर्मी और लू से खुद को सुरक्षित रखने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
गर्मी से होने वाली बीमारियां: लक्षण और रोकथाम
हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर में पसीना आना बंद हो जाता है और शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है. हीट स्ट्रोक के लक्षणों में शामिल हैं:
- सूखी, गर्म और लाल स्किन और पसीना न आना
- उच्च शारीरिक तापमान
- तेज और तीव्र नाड़ी
- ठंड लगना
- भ्रम
- अस्पष्ट बोलना
हीट एग्जॉस्टशन शरीर की पानी और नमक की कमी के प्रति प्रतिक्रिया है, जो आमतौर पर पसीने के माध्यम से होती है. हीट एग्जॉस्टशन के लक्षणों में शामिल हैं:
- अत्यधिक पसीना आना
- कमजोरी या थकान
- चक्कर आना और/या भ्रम
- चिपचिपी त्वचा
- मांसपेशियों में ऐंठन
- चेहरे का लाल होना

गर्मी में बच्चे को हीटस्ट्रोक से बचाने के उपाय
गर्मी में बच्चों को हीटस्ट्रोक से बचाने के आसान उपाय
1. बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं
छोटे बच्चों को बार‑बार पानी, दूध या तरल आहार देते रहें. मां का दूध पीने वाले शिशुओं को ज्यादा बार फीड कराएं.
2. धूप में बाहर ले जाने से बचें
- तेज धूप के समय (दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक) बच्चों को बाहर न ले जाएं. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो:
- सिर को टोपी या कपड़े से ढकें
- छायादार जगह चुनें
3. हल्के और ढीले कपड़े पहनाएं
बच्चों को:
- हल्के रंग के
- सूती और ढीले कपड़े पहनाएं
- ताकि शरीर को हवा मिलती रहे.
4. कमरे को ठंडा और हवादार रखें
- पंखे या कूलर का सही इस्तेमाल करें
- बहुत ठंडी AC हवा सीधे बच्चे पर न डालें
- कमरे में हवा का प्रवाह बना रहे
5. बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडा न नहलाएं
गर्मी से आने के बाद बच्चों को तुरंत ठंडे पानी से न नहलाएं. पहले उन्हें सामान्य तापमान पर ले आएं, फिर गुनगुने पानी से नहलाएं.
माता‑पिता कौन‑सी गलतियां न करें
बच्चों को लंबे समय तक बंद कमरे या गाड़ी में न छोड़ें
बहुत मोटे या सिंथेटिक कपड़े न पहनाएं
प्यास लगने का इंतजार न करें, समय‑समय पर पानी दें
हीटस्ट्रोक में तुरंत क्या करें?
अगर बच्चे में हीटस्ट्रोक के लक्षण दिखें:
- बच्चे को तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं
- शरीर को गीले कपड़े से पोंछें
- पानी या तरल दें (अगर बच्चा पी सकता हो)
- तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
कब डॉक्टर को तुरंत दिखाना जरूरी है?
अगर बच्चे में:
- बेहोशी
- बार‑बार उल्टी
- तेज बुखार
- कोई असामान्य व्यवहार
दिखे तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें.
डिस्क्लेमर : यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है. किसी भी तरह के गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें.
FAQs
Q1. किस उम्र के बच्चों को हीटस्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है?
शिशु और 5 साल से कम उम्र के बच्चों को.
Q2. क्या AC में रहने से हीटस्ट्रोक से बचा जा सकता है?
हां, लेकिन AC की हवा सीधे बच्चे पर न पड़े.
Q3. गर्मी में बच्चों को क्या खिलाना चाहिए?
हल्का, तरल और आसानी से पचने वाला खाना.
Q4. क्या रात में भी हीटस्ट्रोक हो सकता है?
अगर कमरा बहुत गर्म और हवादार न हो, तो हां.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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