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मिर्गी और उससे जुड़े मिथ्स, जिन्हें जानकर आप किसी की मदद कर सकते हैं, जानें एक्सपर्ट की राय

Epilepsy Myths: मिर्गी के बारे में फैली हुई गलतफहमियों और मिथ्स को समझना जरूरी है. मिर्गी का इलाज संभव है और इसे ठीक करने के लिए मेडिकल सपोर्ट की जरूरत होती है.

मिर्गी और उससे जुड़े मिथ्स, जिन्हें जानकर आप किसी की मदद कर सकते हैं, जानें एक्सपर्ट की राय
Epilepsy Myths: जानिए मिर्गी से जुड़े मिथकों के बारे में.

Epilepsy and their myths: मिर्गी, जिसे हम आम बोलचाल में "एपिलेप्सी" के नाम से भी जानते हैं, एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है, जिसमें ब्रेन में अचानक से एब्नॉर्मल इलेक्ट्रिकल एक्टिविटीज़ होती है, जिससे मिर्गी के दौरे (सीजर्स) आते हैं. यह स्थिति दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है. हालांकि मिर्गी के बारे में बहुत सी मिथ्स और गलतफहमियां फैली हुई हैं, जो रोगियों और उनके परिवारों को अधिक परेशान करती हैं. इस आर्टिकल में हम मिर्गी से जुड़े कुछ प्रमुख मिथ्स के बारे में जानेंगे. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहीं हैं डॉक्टर नेहा कपूर, जिससे लोगों को इस स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी.

मिर्गी और उससे जुड़े मिथ्स (Epilepsy and their myths)

1. मिर्गी एक मेंटल प्रॉब्लम है
एक नॉर्मल मिथ यह है कि मिर्गी मेंटल डिसऑर्डर या पागलपन का कारण है. यह बिल्कुल गलत है. मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम है, जिसका मुख्य कारण ब्रेन में एब्नॉर्मल इलेक्ट्रिकल एक्टिविटीस है. यह कोई ब्रेन या मेंटल डिस्ऑर्डर नहीं है, बल्कि यह ब्रेन के काम करने के फंक्शन में असंतुलन की वजह से होता है. इसलिए मिर्गी से ग्रस्त व्यक्ति को मानसिक रूप से बीमार समझना गलत है.

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Photo Credit: iStock


2. मिर्गी के दौरे हमेशा खतरनाक होते
कई लोग मानते हैं कि मिर्गी के दौरे हमेशा जानलेवा होते हैं या बहुत गंभीर होते हैं. हालांकि, यह सच नहीं है. मिर्गी के दौरे की इंटेंसिटी और ड्यूरेशन अलग-अलग हो सकती है. कुछ दौरे सिर्फ कुछ सेकंड्स या मिनटों के लिए होते हैं और बाद में व्यक्ति नॉर्मल स्थिति में लौट आता है. हालांकि, अगर दौरे लंबे समय तक जारी रहें या बार-बार आएं, तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है और तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है.

3. मिर्गी से ग्रस्त व्यक्ति नॉर्मल जीवन नहीं जी सकते हैं
यह मिथ्स भी बहुत आम है कि मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति नॉर्मल जीवन नहीं जी सकता. सही जानकारी यह है कि अगर मिर्गी का इलाज सही तरीके से किया जाए और दवाइयों का लगातार सेवन किया जाए, तो मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति नॉर्मल जीवन जी सकता है. वे काम कर सकते हैं, शादी कर सकते हैं और बच्चे पैदा कर सकते हैं. हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में जैसे कि गाड़ी चलाना या स्विमिंग करते समय, दौरे पड़ने की स्थिति में खतरा हो सकता है. लेकिन, यह सब सही इलाज और डॉक्टर की निगरानी में संभाला जा सकता है.

4. दौरे के दौरान मुंह में चम्मच या अंगुली डालना चाहिए
मिर्गी के दौरे के दौरान एक और आम मिथ यह है कि मरीज के मुंह में चम्मच या उंगली डालनी चाहिए ताकि वह अपनी जीभ को दांतों से काट न ले. यह एक खतरनाक गलतफहमी है. दौरे के दौरान मुंह में किसी भी वस्तु को डालना मना है, क्योंकि इससे मुंह के अंदर चोट लग सकती है या गला ब्लॉक हो सकता है. अगर कोई व्यक्ति मिर्गी के दौरे से गुजर रहा है, तो उसे सुरक्षित स्थान पर लिटाना चाहिए और डॉक्टर को तुरंत सूचित करना चाहिए.

5. मिर्गी का इलाज सिर्फ दवाइयों से ही संभव है
बहुत से लोग मानते हैं कि मिर्गी का इलाज सिर्फ दवाइयों से किया जा सकता है और कोई घरेलू उपाय या उपचार इसका समाधान नहीं है. जबकि सही इलाज दवाइयों से किया जाता है, लेकिन कुछ मामलों में लाइफ स्टाइल में बदलाव और अन्य मेडिकल रेमेडी भी मददगार हो सकती है. जैसे कि स्ट्रेस से बचना, अच्छी नींद लेना और रेग्युलर एक्सरसाइज़ करना मिर्गी के दौरे को कंट्रोल करने में सहायक हो सकता है. 

6. मिर्गी के दौरे का कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होता
कभी-कभी मिर्गी के दौरे का कारण स्पष्ट नहीं होता. इसे "एपिलेप्सी" कहा जाता है, जिसमें ब्रेन में एब्नॉर्मल इलेक्ट्रिकल एक्टिविटीस होती है, लेकिन इसका कारण हमेशा मालूम नहीं होता. कुछ मामलों में यह जेनेटिक हो सकता है, तो कुछ में ब्रेन में चोट, इंफेक्शन या ट्यूमर जैसे कारण हो सकते हैं. कभी-कभी यह बुखार या दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स से भी जुड़ा हो सकता है. इस स्थिति में, डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है.

7. मिर्गी का उपचार सरल और प्रभावी है
मिर्गी के इलाज में दवाइयों का महत्वपूर्ण योगदान है. आजकल मिर्गी के इलाज के लिए बहुत सारी दवाइयां उपलब्ध हैं जो दौरे को कंट्रोल करने में मदद करती हैं. इसके अलावा, डॉक्टर की देखरेख में जीवनशैली में बदलाव और योग आदि भी मदद कर सकते हैं. लगातार इलाज और सही दवाई का सेवन करना बहुत जरूरी है. 

8. मिर्गी और मानसिक विकास
कुछ लोग यह मानते हैं कि मिर्गी से ग्रस्त लोग मानसिक रूप से कमजोर होते हैं. यह भी एक गलतफहमी है. मिर्गी के कारण मानसिक विकास पर कोई असर नहीं पड़ता. मिर्गी के रोगी नॉर्मल रूप से अपने जीवन के ऑब्जेक्टिव को प्राप्त कर सकते हैं. अगर सही समय पर इलाज लिया जाए, तो यह स्थिति उनकी मेंटल या फिजिकल कैपेसिटी को प्रभावित नहीं करती. 

Epilepsy Treatment: मिर्गी क्या है? कारण, लक्षण, इलाज | किन लोगों को होती है? डॉ. नेहा कपूर से जानिए

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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