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Walking vs Running : वेट लॉस के लिए दोनों में से कौन सा है बेहतर? 

वजन कम करने के लेकर अक्सर लोग परेशान रहते हैं. उन्हें समझ नहीं आता रहता है कि आखिर वे अपना वजन कैसे कम करें. कई लोग वजन कम करने के लिए रनिंग और कुछ लोग वॉकिंग का सहारा लेते हैं. यहां जानते हैं दोनों में से कौन सा बेहतर है?

Walking vs Running : वेट लॉस के लिए दोनों में से कौन सा है बेहतर? 
Running Vs Walking : वेट लॉस के लिए दोनों में से कौन सा है बेहतर

वजन कम करने की बात आते ही हम में से अधिकतर लोगों के दिमाग में सबसे पहले रनिंग का ख्याल आता है. ऐसा कहते हैं कि जितना ज्यादा पसीना बहेगा और जितनी ज्यादा थकान होगी, उतनी ही तेजी से फैट बर्न हो सकता है. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि वेट लॉस के लिए सिर्फ इसी बात पर निर्भर रहना सही नहीं होता है. क्योंकि वेट लॉस कैलोरी बर्न पर निर्भन नहीं करता है. असल सवाल ये है कि आप कौन-सी एक्सरसाइज लंबे समय तक नियमित रूप से कर सकते हैं.

सीके बिड़ला हॉस्पिटल, गुरुग्राम के डॉ. पारस अग्रवाल, डायरेक्टर - डायबिटीज, ओबेसिटी एंड मेटाबॉलिक क्लिनिक, का कहना है कि वजन घटाने के लिए किसी हार्ड वर्कआउट की नहीं, बल्कि लगातार महीनों तक निरंतरता जरूरी है. 

कैलोरी बर्न ही नहीं है सब कुछ 

डॉक्टर कहते हैं कि रनिंग, वॉकिंग की तुलना में कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न करती है. आधे घंटे की फास्ट रनिंग आमतौर पर आधे घंटे की वॉक से ज्यादा एनर्जी खर्च कराती है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि रनिंग हमेशा बेहतर ऑप्शन है. अगर कोई व्यक्ति रोज 45 मिनट की ब्रिस्क वॉक करता है, तो वह लंबे समय में उससे ज्यादा फायदा पा सकता है, जो कुछ सप्ताह उत्साह में दौड़ने के बाद इसे छोड़ दे.

चोट का खतरा भी समझना जरूरी

रनिंग के दौरान घुटनों, टखनों, पीठ और टेंडन्स पर अधिक प्रेशर पड़ता है. मुख्य रूप से उन लोगों के लिए जो लंबे समय बाद एक्सरसाइज शुरू कर रहे हैं या जिनका वजन ज्यादा है. डॉक्टर का कहना है कि कई लोग जोश में रनिंग शुरू तो कर देते हैं, लेकिन कुछ ही सप्ताह में घुटने के दर्द, शिन स्प्लिंट्स या एड़ी से जुड़ी समस्याओं के कारण रुक जाते हैं.

इसके उलट वॉकिंग शरीर पर रनिंग की तुलना में कम दबाव डालती है. यही वजह है कि इसे लगभग हर उम्र और फिटनेस लेवल के लोगों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ विकल्प माना जाता है.

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कई लोगों को लगता है कि अगर एक्सरसाइज के बाद शरीर टूटने जैसा महसूस नहीं हुआ, तो वर्कआउट असरदार नहीं रहा. लेकिन एक्सपर्ट इस सोच को गलत मानते हैं. वजन कम करने के लिए जरूरी है कि शरीर लगातार कैलोरी डेफिसिट में रहे और मेटाबॉलिक हेल्थ बेहतर हो. तेज चाल से की गई नियमित वॉक भी फैट बर्निंग में प्रभावी साबित हो सकती है.

दोनों में से सबसे बेहतर कौन?

डॉ. पारस अग्रवाल का कहना है कि सबसे अच्छी एक्सरसाइज वही है, जिसे आप सप्ताह दर सप्ताह और महीने दर महीने जारी रख सकें. अगर आपको रनिंग पसंद है और इससे कोई परेशानी नहीं होती, तो यह बेहतरीन ऑप्शन है. लेकिन अगर वॉकिंग आपके लिए ज्यादा सहज है, तो उसे कमतर नहीं आंकना चाहिए.

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