Vakrasana Benefits: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और बीमारियां होना आम बात है. इसी के साथ ही मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखना एक चुनौती के समान हो गया है. ऐसे में योगासन एक प्रभावी उपाय है. योग न सिर्फ शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि मन को शांत और रोगों से लड़ने की ताकत भी प्रदान करता है. आयुष मंत्रालय ने भी वक्रासन पर विशेष जानकारी दी, जिसमें बताया गया है कि वक्र शब्द का अर्थ घुमाव है. इस आसन में रीढ़ की हड्डी को घुमाया जाता है, जिससे शरीर में नई ऊर्जा आती है.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
यह स्पाइनल कोर्ड में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है और साथ ही डायबिटीज को भी कंट्रोल करता है. मंत्रालय का कहना है कि हर दिन योग अपनाएं और हेल्दी लाइफस्टाइल का संकल्प लें. वक्रासन को ट्विस्टेड पोज या हाफ स्पाइनल ट्विस्ट भी कहते हैं, एक योगासन है जिसमें रीढ़ की हड्डी को फ्लैक्स किया जाता है. यह पाचन, रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन और पेट की चर्बी कम करने में सहायक है.
वक्रासन करने के फायदे (Benefits of Doing Vakrasana)
वक्रासन को करने से पैंक्रियास सक्रिय रहता है और इंसुलिन हार्मोन बनाता है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल रखता है. साथ ही, यह मन को शांत रखता है और दिन भर की थकान मिटाता है और मानसिक तनाव को कम करता है.
वक्रासन को करने के लिए दंडासन में सीधे बैठ जाएं. फिर, बाएं पैर को मोड़कर दाएं घुटने के पास रखें और दाएं हाथ को घुमाकर बाएं पैर के पास ले जाएं और बाएं हाथ को पीछे जमीन पर टिकाएं. फिर कमर, कंधे और गर्दन को धीरे-धीरे बाईं ओर मोड़ें और रीढ़ सीधे रखें और सामान्यता के साथ सांस लें और 30 सेकंड तक रखें. वहीं, दूसरी तरफ भी यही दोहराएं और रोजाना 5-10 मिनट तक अभ्यास करें.
ये भी पढ़ें: दही के साथ कभी भूलकर भी नहीं खानी चाहिए ये 3 चीजें, नुकसान जान चौंक जाएंगे आप
आयुष मंत्रालय की सलाह है कि पीठ दर्द, हाल की सर्जरी, रीढ़ की गंभीर समस्या या मासिक धर्म के दौरान यह आसन न करें. डॉक्टर से सलाह लें। योग अपनाकर हम स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं.
Gurudev Sri Sri Ravi Shankar: Stress, Anxiety, से लेकर Relationship, Spirituality तक हर बात
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं