खेत-खलिहानों, खाली जमीनों और सड़क किनारे उगने वाले कई पौधों को लोग बेकार घास-फूस समझकर इग्नोर कर देत हैं और उसे काटकर फेंक देते हैं. लेकिन आपको बता दें कि इन घास-फूस में कुछ पौधे ऐसे भी होते हैं, जो आयुर्वेद में खास महत्व रखते हैं. इनमें एक ऐसी ही खास जड़ी-बूटी है, जिसका नाम तोदरी है. आयुर्वेद में इस खास जड़ी-बूटी का इस्तेमाल कई तरह की परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है. इसे इंग्लिश में पेपर ग्रास (Pepper Grass) के नाम से जाना जाता है.
सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि तोदरी एक कड़वी, गर्म प्रकृति वाली और कफ-वात को संतुलित करने वाली जड़ी-बूटी है. इससे कई तरह की समस्याएं दूर हो सकती हैं. यहां जानते हैं तोदरी के गुणों और फायदों के बारे में-
तोदरी क्या है?
डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि तोदरी मुख्य रूप से 3 तरह की होती है, जिनमें सफेद, लाल और पीले बीज वाली तोदरी शामिल है. इनमें पीले बीज वाली तोदरी को अधिक गुणकारी माना गया है. यह एक छोटा शाकीय पौधा होता है, जिसके पत्ते लंबे और फूल छोटे सफेद रंग के होते हैं.
तोदरी के फायदे क्या हैं?
सांस से जुड़ी परेशानी से दिलाए राहत : आयुर्वेद में तोदरी के बीजों का इस्तेमाल श्वसन नली की सूजन और ब्रोंकियल समस्याओं में होता है. पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में इसके बीजों से तैयार फांट का प्रयोग किया जाता रहा है.
दस्त से दिलाए आराम : आयुर्वेद के एक्सपर्ट का कहना है कि तोदरी के पंचांग से तैयार काढ़े का इस्तेमाल बार-बार होने वाली दस्त की परेशानी को दूर करने के लिए किया जाता है. अगर आपको दस्त की दिक्कत है, तो एक्सपर्ट की सलाह पर इसका प्रयोग कर सकते हैं.
पेशाब से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी : तोदरी का उल्लेख यूरिन संबंधी दिक्कतों को दूर करने में भी किया जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, तोदरी पेशाब में जलन, दर्द और कुछ अन्य यूरीनल परेशानियों को दूर करने में प्रभावी हो सकता है.
कमजोरी और थकान दूर करने में मददगार: तोदरी से तैयार चूर्ण को मिश्री और दूध के साथ लेने से थकान और कमजोरी को दूर किया जा सकता हगै. आयुर्वेदिक एक्सपर्ट का कहना है कि ये शरीर को मजबूती और एनर्जी देने में मदद कर सकता है.
जोड़ों के दर्द और सूजन में भी उपयोग : आयुर्वेद के अनुसार, तोदरी का लेप सूजन और गठिया जैसी समस्याओं में इस्तेमाल किया जाता है. इसके फूलों से तैयार तेल का उपयोग भी जोड़ों की मालिश के लिए किया जाता रहा है.
ध्यान रखें कि आयुर्वेद में तोदरी का इस्तेमाल फायदेमंद माना गया है, लेकिन बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसका सेवन सेहत को लिए नुकसानदेह हो सकता है. ऐसे में बिना एक्सपर्ट की सवाह के इसका सेवन न करें.
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