विज्ञापन
This Article is From Apr 09, 2025

कोविड के कारण बनी 'इम्यूनिटी डेब्ट' से फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी, स्टडी में हुआ खुलासा

जब लोग लंबे समय तक बीमारियों के संपर्क में नहीं आते, तो उनके शरीर की इम्यूनिटी (रोगों से लड़ने की ताकत) कमजोर हो जाती है. इसी को 'इम्यूनिटी डेब्ट' कहा जाता है. इसका मतलब है कि अब लोग सामान्य संक्रमणों के लिए भी ज्यादा सेंसिटिव हो जाते हैं.

कोविड के कारण बनी 'इम्यूनिटी डेब्ट' से फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी, स्टडी में हुआ खुलासा

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों की एक टीम ने यह पाया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान लंबे समय तक लगे प्रतिबंधों की वजह से लोगों की 'इम्यूनिटी डेब्ट' की स्थिति बनी, जिससे अब दुनिया भर में फ्लू फैलने के तरीके में बदलाव देखने को मिल रहा है. जब लोग लंबे समय तक बीमारियों के संपर्क में नहीं आते, तो उनके शरीर की इम्यूनिटी (रोगों से लड़ने की ताकत) कमजोर हो जाती है. इसी को 'इम्यूनिटी डेब्ट' कहा जाता है. इसका मतलब है कि अब लोग सामान्य संक्रमणों के लिए भी ज्यादा सेंसिटिव हो जाते हैं.

कोविड महामारी के समय दुनियाभर के देशों ने लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना और यात्रा पर रोक जैसी सख़्त सावधानियां अपनाई थी. इन उपायों ने कोविड को रोकने में मदद की, लेकिन साथ ही फ्लू और अन्य सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों में बहुत तेज गिरावट भी देखी गई, लेकिन अब कोविड के बाद दुनिया भर में फ्लू के मामलों में अचानक तेज बढ़ोतरी हुई है.

यह भी पढ़ें: कान में जमी धूल-मिट्टी वाली चिपचिप को साफ करने के लिए 4 कारगर घरेलू उपाय, कबाड़ा अपने आप निकलेगा बाहर

शोधकर्ताओं ने क्या कहा...?

शोधकर्ताओं का कहना है कि 'इम्यूनिटी डेब्ट' के कारण आने वाले सालों में फ्लू के बड़े प्रकोप हो सकते हैं, क्योंकि अब लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है और वे अन्य वायरस से संक्रमित होने के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं.

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डैनियल प्रिएटो-अल्हाम्ब्रा ने कहा, "हमारे अध्ययन से यह साफ हुआ है कि पिछले कुछ सालों में फ्लू के संपर्क में न आने से लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो गई है और अब संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है. राहत की बात यह है कि इसके प्रभाव को कम करने के लिए रणनीतियां मौजूद हैं और फ्लू के टीकाकरण को बढ़ावा देना जरूरी है."

एडवांस्ड साइंस नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ

यह अध्ययन एडवांस्ड साइंस नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है. इसमें 2012 से 2024 तक 116 देशों के फ्लू से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया गया. पता चला कि कोविड के प्रतिबंधों के दौरान फ्लू के मामलों में औसतन 46 प्रतिशत की गिरावट आई थी. लेकिन, जैसे ही 2022 में प्रतिबंध हटे, उसी सर्दी के मौसम में फ्लू के मामलों में औसतन 132 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि जिन देशों में कोविड के दौरान सख्त प्रतिबंध लगे थे, वहां बाद में फ्लू के मामलों में ज़्यादा उछाल देखा गया. इसलिए वैज्ञानिकों ने हेल्थ डिपार्टमेंट से आग्रह किया है कि भविष्य में जब भी कोई महामारी हो, तो 'इम्यूनिटी डेब्ट' के खतरे को ध्यान में रखकर योजना बनाई जाए.

Watch Video: क्या है वजन कम करने का सही तरीका, उम्र के हिसाब से कितना होना चाहिए वजन, पद्मश्री डॉक्टर से जानें

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Immunity Debt Caused By Covid Explained, Flu Cases Surge Due To Covid-induced Immunity Debt, Impact Of Immunity Debt On Global Flu Outbreaks, Covid Pandemic And Immunity Debt Connection, Rapid Increase In Flu Cases Post-Covid Restrictions, Immunity Debt And Its Effects On Public Health, Flu Resurgence Linked To Covid Immunity Debt, How Covid Restrictions Created Immunity Debt, Global Flu Cases Rise Due To Immunity Debt, Understanding Immunity Debt After The Covid Pandemic, Flu Outbreaks And Immunity Debt CorrelationPublic Health Challenges From Covid-induced Immunity Debt
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com