सोचिए, अगर आपको 2 और 2 जोड़ने में पसीने आने लगें या आप घड़ी देखना चाहें और सुइयां आपको उलझन में डाल दें, तो कैसा लगेगा? हममें से कई लोगों को बचपन में गणित यानी Maths से डर लगता था, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके लिए नंबरों को समझना सचमुच एक बहुत बड़ी चुनौती होती है. हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस तारा सुतारिया ने अपने बारे में एक ऐसी बात शेयर की है, जिसे सुनकर सब हैरान हैं.

डिसकैलकुलिया क्या है?
जैसे कुछ बच्चों को अक्षर पढ़ने में दिक्कत होती है (जिसे डिस्लेक्सिया कहते हैं), ठीक वैसे ही डिसकैलकुलिया में दिमाग को नंबर समझ नहीं आते. यह दिमाग से जुड़ी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें इंसान का दिमाग गणित के नियमों और नंबरों को उस तरह से प्रोसेस नहीं कर पाता जैसे आम लोग करते हैं.
जरूरी बात:
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वह इंसान कम दिमाग वाला या कम समझदार है. बार-बार हिसाब में गलती होने की वजह से कई बार इंसान का आत्मविश्वास कम होने लगता है और उसे तनाव भी हो सकता है.
डिसकैलकुलिया के लक्षण
- गिनती सीखने में देरी: बाकी बच्चों के मुकाबले देर से गिनती सीखना या बार-बार भूल जाना.
- अंदाजा न लगा पाना: जैसे लूडो के पासे को देखकर तुरंत न बता पाना कि कितने बिंदु हैं, बल्कि उन्हें एक-एक करके उंगली रखकर गिनना.
- दिनों और कामों का क्रम भूलना: हफ्ते के दिनों के नाम या रोज के कामों की लिस्ट याद रखने में दिक्कत होना.
- पहाड़े भूल जाना: आज बहुत मेहनत से 5 का पहाड़ा याद किया और अगले ही दिन सब साफ.
- घड़ी न देख पाना: सूई वाली पुरानी घड़ी में टाइम समझने में बहुत परेशानी होना.
- मैथ्स के नाम से ही डर लगना: गणित का काम आते ही बहुत ज़्यादा घबरा जाना या रोने लगना.
इसे भी पढ़ें: Nepal Floods: क्या बाढ़ के पानी से बीमारी हो सकती है? ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं