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पेट फूलना और टेंशन ने जीना मुश्किल कर दिया है? रोज करें ये 5 योगासन, हफ्ते भर में दिखेगा असर

शशांकासन का एक बेहद सरल और असरदार अभ्यास है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है, आइए जानते हैं इसके फायदे और करने का सही तरीका क्या है?

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योग हमारे शरीर और मन को स्वस्थ रखने का सबसे प्राकृतिक तरीका है. ऐसे ही एक सरल और लाभकारी योगासन का नाम है शशांकासन. शशक शब्द का अर्थ होता है खरगोश. इस आसन के अभ्यास के दौरान शरीर की आकृति खरगोश जैसी बन जाती है, इसलिए इसे शशांकासन कहा जाता है. यह आसन दिखने में जितना सरल है, इसके लाभ उतने ही प्रभावशाली हैं. आयुष मंत्रालय के मुताबिक शशांकासन का अभ्यास बहुत ही आसान है और इसे किसी भी शांत वातावरण में किया जा सकता है.

शशांकासन कैसे करते हैं?

  1. सबसे पहले योग मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं.
  2. आपकी रीढ़ सीधी होनी चाहिए.
  3. अब दोनों पैरों के घुटनों को धीरे-धीरे एक-दूसरे से दूर फैलाएं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि पैरों के अंगूठे आपस में मिले हुए रहें.
  4. गहरी श्वास लेते हुए अपनी दोनों हथेलियों को घुटनों के बीच जमीन पर रखें.
  5. अब धीरे-धीरे श्वास छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और अपनी ठुड्डी को जमीन पर टिकाने का प्रयास करें.
  6. इस स्थिति में दोनों भुजाओं को समानांतर और सीधा रखें.
  7. सामने की ओर देखें और सामान्य गति से श्वास लेते हुए 10 से 30 सेकंड तक इस स्थिति में बने रहें.
  8. इसके बाद धीरे-धीरे वापस वज्रासन की स्थिति में आ जाएं.
  9. शुरुआत में इस आसन को अपनी क्षमता के अनुसार ही करें और धीरे-धीरे समय अवधि बढ़ाएं.

शशांकासन के फायदे?

शशांकासन के नियमित अभ्यास से कई शारीरिक और मानसिक लाभ मिलते हैं. यह आसन तनाव और चिंता को कम करने में बेहद मददगार है. जब हम आगे झुकते हैं, तो मन शांत होता है और मस्तिष्क को आराम मिलता है.

यह आसन पाचन तंत्र के लिए वरदान है. यह कब्ज से मुक्ति दिलाता है, पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है और पेट संबंधी विकारों को दूर करता है, इसके अलावा यह जननांगों में कसावट लाने, पीठ दर्द में राहत देने और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में भी सहायक है.

सावधानियां:

हालांकि शशांकासन एक सरल आसन है, फिर भी कुछ स्थितियों में इसे करने से बचना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक पीठ दर्द है, तो उसे इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए साथ ही, जो लोग घुटनों से संबंधित ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित हैं, उन्हें भी शशांकासन करने से परहेज करना चाहिए. किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह अवश्य लें.

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