पेट की चर्बी कम करने की कोशिश में सबसे पहले लोग चावल छोड़ देते हैं। कई लोग रोटी को भी वजन बढ़ाने की वजह मानते हैं. लेकिन क्या वाकई आपकी तोंद का जिम्मेदार सिर्फ रोटी या चावल है? सच यह है कि बैली फैट का सीधा संबंध आपकी पूरी लाइफस्टाइल, कैलोरी इनटेक और फिजिकल एक्टिविटी से है. आइए जानते हैं कि वजन घटाने के लिए रोटी और चावल में से किसे बेहतर माना जाता है.
रोटी वजन घटाने वालों की पहली पसंद क्यों मानी जाती है?
गेहूं की रोटी में सफेद चावल के मुकाबले फाइबर ज्यादा होता है. यही वजह है कि रोटी खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और जल्दी भूख नहीं लगती. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी सफेद चावल से कम होता है, इसलिए ब्लड शुगर अपेक्षाकृत धीरे बढ़ता है. अगर रोटी मल्टीग्रेन, बाजरा या जौ जैसे अनाज से बनी हो, तो उसका पोषण और भी बेहतर हो सकता है.
रोटी या चावल? याद रखें ये 5 बातें |
| सिर्फ चावल खाने से पेट नहीं निकलता. |
| जरूरत से ज्यादा कैलोरी असली समस्या है. |
| रोटी में फाइबर ज्यादा होता है. |
| चावल के साथ प्रोटीन और सब्जियां खाना जरूरी. |
| वजन घटाने में डाइट के साथ एक्सरसाइज भी अहम. |
क्या सच में चावल खाने से बढ़ती है पेट की चर्बी?
सिर्फ चावल खाने से पेट की चर्बी नहीं बढ़ती. सफेद चावल जल्दी पच जाता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. लेकिन अगर इसे जरूरत से ज्यादा मात्रा में खाया जाए और शरीर उतनी कैलोरी खर्च न करे, तो अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा हो सकती है. इसलिए चावल के साथ दाल, सब्जियां और दूसरी प्रोटीन वाली चीजें शामिल करना बेहतर माना जाता है. ब्राउन राइस खाना व्हाइट राइस से बेहतर चॉइस हो सकती है.
एनडीटीवी से बात करते हुए पोषण विशेषज्ञ दीप्ति खटूजा ने बताया कि वजन बढ़ने की मुख्य वजह लगातार जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना है. अगर शरीर जितनी कैलोरी खर्च करता है उससे ज्यादा कैलोरी लंबे समय तक ली जाए तो अतिरिक्त ऊर्जा फैट के रूप में जमा होने लगती है. इसलिए सिर्फ चावल या सिर्फ रोटी को बैली फैट की वजह मानना सही नहीं है.
रोटी कई लोगों को ज्यादा देर तक भरा हुआ क्यों महसूस कराती है?
- रोटी में फाइबर ज्यादा होता है
- प्रोटीन भी अपेक्षाकृत ज्यादा होता है
- इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कई प्रकार के सफेद चावल से कम हो सकता है
; इन वजहों से कुछ लोगों को भोजन के बाद भूख देर से लग सकती है.
बैली फैट बढ़ने की असली वजह क्या है?
दीप्ति खटूजा की मानें तो पेट निकलने की असली वजह जरूरत से ज्यादा कैलोरी इनटेक और कैलोरी को बर्न न कर पाना है. इसका रोटी या चावल से सीधा संबंध नहीं है. जरूरत से ज्यादा खाना, जंक फूड, मीठे ड्रिंक्स, कम फिजिकल एक्टिविटी, खराब नींद और लंबे समय तक बैठे रहना पेट की चर्बी बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. यानी अगर लाइफस्टाइल ठीक नहीं है, तो सिर्फ चावल छोड़ने से भी ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा.
व्हाइट राइस और ब्राउन राइस में कौन बेहतर?
अगर आपका लक्ष्य बैली फैट कम करना है, तो रोटी और चावल दोनों को संतुलित मात्रा में खाया जा सकता है. रोटी में फाइबर ज्यादा होने की वजह से कई लोगों के लिए यह थोड़ा बेहतर विकल्प हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि चावल पूरी तरह छोड़ दिया जाए.
दीप्ति सलाह देती हैं कि जो भी खाएं, उसकी मात्रा पर ध्यान दें और खाने में प्रोटीन व सब्जियां जरूर शामिल करें. असली फर्क आपके कुल कैलोरी इनटेक, एक्सरसाइज और पूरी लाइफस्टाइल से पड़ता है. इसलिए सिर्फ चावल छोड़ देने या सिर्फ रोटी खाने से पेट की जिद्दी चर्बी नहीं पिघलेगी.
(डॉ. दीप्ति खटूजा, विशेषज्ञता: वेट मैनेजमेंट-न्युट्रीशियन (वजन प्रबंधन और पोषण) फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट - गुड़गांव)
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