Riyan Parag Vaping Viral Video: रियान पराग इस समय सोशल मीडिया पर विवादों से घिरे हुए हैं. और इसकी वजह है उनका एक वीडियो जो वायरल हो गया है, जिसमें वो राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के ड्रेसिंग रूम में वेप (e-cigarette) करते हुए नजर आ रहे हैं. ये वीडियो उस समय का है जब पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान दूसरी पारी के 16वां ओवर खेला जा रहा था, उसी समय लाइव कैमरे ने उन्हें कैद कर लिया. इसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गई और अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे.
भारत के सभी क्रिकेट स्टेडियम में स्मोकिंग पूरी तरह से बैन है, जिसमें स्टैंड, ड्रेसिंग रूम और डगआउट शामिल हैं. कुछ जगहों पर अलग से स्मोकिंग जोन हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर स्टेडियम “टबैको-फ्री जोन” होते हैं.
The Prohibition of Electronic Cigarettes Act 2019 के तहत भारत में वेपिंग पूरी तरह बैन है. इस कानून का उल्लंघन करने पर जेल और भारी जुर्माना हो सकता है.
Riyan parag was caught vaping in dressing room ,how it's allowed inside dressing room bcci whats happening pic.twitter.com/BsYHuunBuj
— cherry_gems (@Introvert2core) April 28, 2026
वेपिंग के नुकसान ( E-Cigrette Side Effects)
वेपिंग आजकल खासकर युवाओं में लोकप्रिय हो रही है, लेकिन ये सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं, जो कई बार सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं.
1. जहरीले केमिकल्स का असर
वेपिंग से शरीर में टॉक्सिक केमिकल्स, भारी मेटल्स और ज्यादा मात्रा में निकोटिन पहुंचता है, जिससे फेफड़ों को नुकसान, दिल की बीमारी और दिमाग के विकास पर असर पड़ सकता है.
2. निकोटिन की लत
अधिकांश वेप में निकोटिन होता है, जो बेहद नशे की लत लगाने वाला होता है. इससे बार-बार क्रेविंग होती है और छोड़ना मुश्किल हो जाता है.
3. फेफड़ों को नुकसान
स्टडीज के अनुसार वेपिंग से गंभीर फेफड़ों की चोट हो सकती है. कुछ मामलों में अस्पताल में भर्ती होने और मौत तक की नौबत आ सकती है.
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वेपिंग सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक क्यों हो सकती है
ज्यादा निकोटिन: कई वेप्स में सिगरेट से ज्यादा निकोटिन होता है.
गहरे असर: इसके कण फेफड़ों के अंदर तक पहुंचते हैं.
खतरनाक केमिकल्स: हाई टेंपरेचर पर नए जहरीले तत्व बनते हैं.
दिल पर असर: यह दिल में ब्लड फ्लो को तुरंत कम कर सकता है.
हेल्थ एक्सपर्ट की रायडॉक्टरों के अनुसार, ई-सिगरेट को सुरक्षित समझना गलत है. इसमें मौजूद केमिकल्स डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं और लंबे समय में कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं.
लंबे समय तक वेपिंग के खतरे1. क्रॉनिक बीमारियां
लंबे समय तक वेपिंग करने से सांस की बीमारी, फेफड़ों की क्षमता में कमी और COPD का खतरा बढ़ जाता है.
2. दिल की समस्या
निकोटिन के कारण हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा रहता है.
3. मेंटल हेल्थ पर असर
निकोटिन की लत से एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
वेपिंग छोड़ने के टिप्स
अगर आप वेपिंग छोड़ना चाहते हैं, तो अपने ट्रिगर्स को पहचानें और जरूरत पड़े तो डॉक्टर की मदद लें. जितनी जल्दी इसे छोड़ेंगे, उतना ही आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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