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हरीश राणा के ना हाथ चले ना पैर, क्या है क्वाड्रिप्लेजिया जिसने बना दिया उन्हें पूरी तरह लाचार, जानें लक्षण, कारण और इलाज

क्वाड्रिप्लेजिया क्या है? हाल ही में हरीश राणा के मामले ने इस बीमारी को चर्चा में ला दिया है. आइए समझते हैं कि यह क्या है, क्यों होती है और क्या इससे ठीक होना संभव है.

हरीश राणा के ना हाथ चले ना पैर, क्या है क्वाड्रिप्लेजिया जिसने बना दिया उन्हें पूरी तरह लाचार, जानें लक्षण, कारण और इलाज
क्वाड्रिप्लेजिया में सबसे बड़ा असर स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) पर पड़ता है.

कभी-कभी जिंदगी एक ऐसी बीमारी के सामने खड़ी हो जाती है, जहां शरीर साथ देना बंद कर देता है. ऐसी ही एक गंभीर स्थिति है क्वाड्रिप्लेजिया (Quadriplegia), जिसे टेट्राप्लेजिया भी कहा जाता है. हाल ही में हरीश राणा के मामले ने इस बीमारी को चर्चा में ला दिया है. हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए थे. उनका लंबे समय तक इलाज कराया गया, लेकिन उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ. मां बाप बूढ़े हो चले हैं और बेटे को इस हालत में देख उन्होंने हरीश के लिए इच्छामृत्यु मांगी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 32 साल के हरीश को इच्छामृत्यु की इजाज़त दे दी. आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, क्यों होती है और क्या इससे ठीक होना संभव है.

क्वाड्रिप्लेजिया क्या है? | What Is Quadriplegia?

क्वाड्रिप्लेजिया में व्यक्ति के दोनों हाथ और दोनों पैर काम करना बंद कर सकते हैं. यह आमतौर पर गर्दन के पास रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) में चोट लगने से होता है. इस बीमारी में ब्रेन से शरीर तक जाने वाले सिग्नल बाधित हो जाते हैं, जिससे चलना-फिरना ही नहीं, बल्कि सांस लेना भी मुश्किल हो सकता है.

क्वाड्रिप्लेजिया में शरीर के अंदर क्या होता है? | What Happens Inside the Body In Quadriplegia?

क्वाड्रिप्लेजिया में सबसे बड़ा असर स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) पर पड़ता है. यही वह रास्ता है जिससे दिमाग शरीर को आदेश देता है. जब इसमें चोट लगती है, तो ये संदेश नीचे के हिस्सों तक नहीं पहुंच पाते.

  • शरीर के चारों अंग (दोनों हाथ और पैर) प्रभावित हो जाते हैं.
  • मांसपेशियों की ताकत खत्म या बहुत कमजोर हो जाती है.
  • कई बार शरीर का संवेदन (touch, pain) भी खत्म हो जाता है.
  • सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है

न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार, जितनी ऊपर (गर्दन के पास) चोट होगी, उतना ज्यादा असर पूरे शरीर पर पड़ेगा.

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इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं?

क्वाड्रिप्लेजिया के लक्षण व्यक्ति और चोट की गंभीरता पर निर्भर करते हैं, लेकिन आम संकेत ये हो सकते हैं:

  • हाथ और पैरों में कमजोरी या पूरी तरह लकवा
  • शरीर के नीचे के हिस्से में संवेदना खत्म होना
  • सांस लेने में कठिनाई
  • मूत्र और मल पर नियंत्रण न रहना
  • मांसपेशियों में जकड़न (स्पैज़्म)
  • लगातार थकान और कमजोरी

क्वाड्रिप्लेजिया होने के कारण | Causes of Quadriplegia

यह बीमारी अचानक भी हो सकती है और धीरे-धीरे भी विकसित हो सकती है. इसके मुख्य कारण हैं:

  • सड़क दुर्घटनाएं (सबसे आम कारण)
  • ऊंचाई से गिरना
  • खेल के दौरान गंभीर चोट
  • स्पाइनल इंफेक्शन या ट्यूमर
  • न्यूरोलॉजिकल बीमारियां

एक्सपर्ट बताते हैं कि युवाओं में यह ज्यादा ट्रॉमा (चोट) के कारण होता है.

इलाज और देखभाल क्या विकल्प हैं क्या है?

क्वाड्रिप्लेजिया का इलाज आसान नहीं होता, लेकिन सही देखभाल से जीवन बेहतर बनाया जा सकता है.

  • दवाएं: दर्द और मांसपेशियों की जकड़न कम करने के लिए.
  • फिजियोथेरेपी: शरीर को एक्टिव रखने और ताकत बढ़ाने के लिए.
  • ऑक्यूपेशनल थेरेपी: रोजमर्रा के काम आसान बनाने के लिए.
  • सर्जरी: जरूरत पड़ने पर स्पाइन को स्थिर करने के लिए.
  • सहायक उपकरण: व्हीलचेयर, सपोर्ट आदि.

न्यूरोलॉजिस्ट के मुताबिक, रीहैबिलिटेशन ही सबसे बड़ा इलाज है.

रिकवरी में कितना समय लगता है?

यह सबसे अहम सवाल है क्या मरीज ठीक हो सकता है? अगर चोट हल्की है, तो कुछ महीनों से 1-2 साल में सुधार संभव. गंभीर स्पाइनल इंजरी में पूरी तरह ठीक होना मुश्किल. जल्दी इलाज और लगातार थेरेपी से बेहतर सुधार होता है. हर मरीज की रिकवरी अलग होती है, इसलिए धैर्य और रेगुलर देखभाल बहुत जरूरी है.

क्वाड्रिप्लेजिया एक जीवन बदल देने वाली स्थिति है, लेकिन यह अंत नहीं है. सही इलाज, परिवार का सहयोग और मजबूत इच्छाशक्ति से मरीज अपनी जिंदगी को नए तरीके से जी सकता है। जागरूकता, सावधानी और समय पर इलाज ही इस गंभीर बीमारी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है.

(डॉ. आकाश छेडा, न्यूरोलॉजिस्ट, जिनोवा शाल्बी अस्पताल मुंबई)

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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