1 Month Married Pregnant: शादी के कुछ ही हफ्तों बाद जब एक महिला को पता चलता है कि वह गर्भवती है, तो कई बार यह उसके लिए उलझन और चिंता का कारण बन जाता है. वह सोचने लगती है कि परिवार या पति इस स्थिति को कैसे लेंगे. यह स्थिति असामान्य नहीं है और मेडिकल रूप से पूरी तरह समझी जा सकती है. इसमें शंका या गलतफहमी की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. हाल ही में डॉ. प्रज्ञा तोमर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के जरिए इस बारे में विस्तार से समझाया. उन्होंने बताया कि शादी के एक महीने बाद भी गर्भावस्था डेढ़ महीने की कैसे हो सकती है.
मेडिकल साइंस के अनुसार गर्भावस्था की गणना कैसे होती है?
डॉ. प्रज्ञा तोमर के मुताबिक, मेडिकल साइंस में गर्भावस्था की अवधि महिला के अंतिम मासिक धर्म यानी LMP के पहले दिन से गिनी जाती है, न कि गर्भधारण के दिन से. मासिक धर्म के बाद लगभग 14वें दिन ओव्यूलेशन होता है, और इसी दौरान गर्भधारण की संभावना सबसे ज्यादा होती है. डॉक्टर ने उदाहरण देकर समझाया कि अगर किसी महिला का पीरियड शादी से 15-20 दिन पहले आया हो, और शादी के आसपास ओव्यूलेशन के समय गर्भ ठहर जाए, तो LMP के हिसाब से गर्भावस्था को डेढ़ महीने का माना जाएगा. भले ही शादी को सिर्फ एक महीना हुआ हो.
शादी के आठवें महीने में डिलिवरी
इस स्थिति में शादी के ठीक एक महीने बाद मेडिकल रिपोर्ट में भ्रूण 45 दिन यानी डेढ़ महीने का दिखेगा. इस स्थिति में डिलीवरी भी शादी के 8 महीने बाद ही हो सकती है. कई बार ऐसे हालात में लोग महिला पर शक कर सकते हैं. लेकिन, डॉक्टर ने बताया कि ये स्वाभाविक है और पति को अपनी पत्नी पर शक करने की कोई जरूरत नहीं है. घरवालों को भी ये विज्ञान समझना चाहिए.
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