LPG Vs PNG: आपके घर के किचन में स्टोरेज के लिए जगह बढ़ने वाली है. LPG सिलेंडर वाली जगह खाली होने वाली है. रसोई से सिलेंडर हटेगा और पाइप से साफ-सस्ती गैस पहुंचेगी. दरअसल देश में LPG सिलेंडर की जगह घर-घर तक PNG कनेक्शन पहुंचाने के लिए सरकार नई स्कीम लेकर आई है. घरों की रसोई के 'मंगल' के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को इस स्कीम को मंजूरी दी. स्कीम 10-11 दिन बाद यानी 1 सितंबर से लागू होगी. इस इंसेंटिव स्कीम के तहत प्रोत्साहन राशि भले ही PNG डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों को मिलेगी, लेकिन इसका फायदा सीधे आम लोगों तक पहुंचेगा. आम लोगों को हर महीने-20-22 दिन पर LPG सिलेंडर बुक करने के झंझट से मुक्ति मिलेगी. LPG की तुलना में PNG सस्ती भी होगी. कभी भी अचानक गैस खत्म होने की समस्या खड़ी नहीं होगी. कनेक्शन के लिए आवेदन का तरीका भी बहुत आसान हो जाएगा. इतना ही नहीं... और भी कई फायदे होंगे.
सरकार ने क्या बताया?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोत्साहन योजना का सीधा उद्देश्य घरेलू PNG कनेक्शन को बढ़ावा देना है. उनके मुताबिक, ये सरकार की एक बड़ी पहल है, जिसका मकसद देश भर के घरों तक साफ, सुरक्षित और सस्ती पाइप वाली कुकिंग गैस पहुंचाना है. 1 सितंबर 2026 से लागू होने वाली इस योजना का मकसद PNG कनेक्शन के विस्तार में तेजी लाना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार जल्द से जल्द अपनी रसोई में पाइप वाली नेचुरल गैस का इस्तेमाल शुरू कर सकें.
इससे आम लोगों को क्या फायदे होंगे?
अभी देश भर में 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन हैं. नई योजना सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को सीधे तौर पर प्रोत्साहित करेगी कि वे बिना बिल वाले कनेक्शन को भी चालू गैस कनेक्शन में बदलें और नए इलाकों में PNG नेटवर्क का विस्तार करें. पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) घरों को LPG सिलेंडर और खाना पकाने के पारंपरिक ईंधन की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, साफ और सुविधाजनक विकल्प देती है.
- सुरक्षा: PNG की सप्लाई जमीन के नीचे पाइपलाइन के ज़रिए कम दबाव पर की जाती है, जिससे सिलेंडर को स्टोर करने और संभालने से जुड़े जोखिम खत्म हो जाते हैं. साथ ही, हवा से हल्की होने के कारण, किसी भी तरह के रिसाव की स्थिति में यह तेजी से और सुरक्षित रूप से फैल जाती है.
- सुविधा: सिलेंडर बुक करने, स्टोर करने या बदलने की कोई ज़रूरत नहीं होती. गैस सीधे घर पर 24 घंटे उपलब्ध रहती है, और बिलिंग बिजली या पानी की तरह असल खपत (मीटर रीडिंग) के आधार पर होती है.
- किफायती: घर वाले सिर्फ उतनी ही गैस के लिए पैसे देते हैं जितनी वे असल में इस्तेमाल करते हैं और PNG आम तौर पर प्रति-यूनिट एनर्जी के आधार पर LPG से सस्ती होती है, जिससे समय के साथ घर के ईंधन का मासिक खर्च कम हो जाता है.
- पर्यावरण के अनुकूल: साफ जलने वाला ईंधन होने के कारण, PNG पारंपरिक कुकिंग ईंधन की तुलना में कम प्रदूषण फैलाती है, जिससे घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता बेहतर होती है और कार्बन उत्सर्जन कम होता है.
- बिना रुकावट सप्लाई: पाइपलाइन से लगातार सप्लाई मिलने के कारण सिलेंडर डिलीवरी पर निर्भरता खत्म हो जाती है, जिससे खासकर ऊंची इमारतों और घनी शहरी कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों को फायदा होता है.
नई प्रोत्साहन योजना से क्या-क्या बदलेगा?
'नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर, 2026' के तहत तेज मंजूरी का फ्रेमवर्क और और स्टैंडर्ड 'राइट-ऑफ-वे' चार्ज जारी किए गए हैं. इससे PNG इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तय समय-सीमा के भीतर आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और चार्ज को स्टैंडर्ड बनाने में मदद मिलेगी.
- VAT को तर्कसंगत बनाना: राज्यों को नेचुरल गैस पर VAT घटाकर 5% करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि घरों के लिए PNG ज्यादा किफायती हो सके; कई राज्यों ने पहले ही VAT कम कर दिया है.
- नेशनल PNG ड्राइव 2.0: एक देशव्यापी अभियान, जिसमें LPG सिलेंडर सरेंडर करने के लिए पोर्टल, घरों को नोटिस, जागरूकता कैंप और LPG इस्तेमाल करने वाली हाउसिंग सोसायटियों को PNG में बदलना शामिल है, ताकि ज्यादा परिवार पाइप वाली गैस अपना सकें.
- यूनिफाइड PNG रजिस्ट्रेशन पोर्टल: नए PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करने और उन्हें ट्रैक करने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए एक सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है.
घरेलू PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए APM/NAPM इंसेंटिव स्कीम इस दिशा में एक बड़ा कदम है. यह देश भर में घरों तक साफ, सुरक्षित और किफायती पाइप वाली कुकिंग गैस पहुचाने के सरकार के लगातार प्रयासों को और मजबूत करती है.
कंपनियों को कम दरों पर मिलेगी गैस, 10 साल में नहीं, 3 साल में ही ऊपर होगा खर्च
इस स्कीम के तहत, गैस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों को परफॉर्मेंस पीरियड के दौरान हासिल किए गए हर नए बिल वाले घरेलू PNG कनेक्शन के लिए, तय थ्रेशोल्ड लेवल से ऊपर, घरेलू स्तर पर उत्पादित और कम कीमत वाली (APM) गैस की अतिरिक्त 200 SCM मात्रा आवंटित की जाएगी.
ये स्कीम छह महीने की अवधि में दो चरणों में लागू की जाएगी. अतिरिक्त गैस आवंटन उस महंगी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की जगह लेगा जिसे CGD कंपनियां अभी अपने कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (ट्रांसपोर्ट) सेगमेंट के लिए खरीदती हैं, जिससे उनकी गैस खरीदने की कुल लागत कम हो जाएगी.
इससे होने वाली लागत बचत से D-PNG कनेक्शन पर किए गए कैपिटल खर्च (पूंजीगत व्यय) की भरपाई की अवधि (पेबैक पीरियड) लगभग 10 साल से घटकर लगभग 3 साल होने की उम्मीद है. इससे CGD कंपनियों को घरों में PNG कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ाने के लिए एक मजबूत आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे आने वाले महीनों में ज्यादा भारतीय परिवारों को साफ, सुरक्षित और किफायती पाइप वाली कुकिंग गैस का लाभ मिल सकेगा.
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