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मोटापे के खिलाफ पीएम मोदी की मुहिम, एंटी-ओबेसिटी अभियान के लिए 10 बड़ी हस्तियों को चुना, मोटापा बढ़ने से होती हैं ये बीमारियां

PM Modi's Anti-obesity Campaign: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह अभियान भारत में मोटापे के खिलाफ एक बड़ा कदम है. अगर इस अभियान को सही दिशा में बढ़ाया जाए, तो यह लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.

मोटापे के खिलाफ पीएम मोदी की मुहिम, एंटी-ओबेसिटी अभियान के लिए 10 बड़ी हस्तियों को चुना, मोटापा बढ़ने से होती हैं ये बीमारियां
पीएम मोदी ने मोटापे के खिलाफ लड़ाई की जोरदार वकालत की.

Weight Loss: मोटापा आज के समय में दुनिया भर में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है. भारत में भी बढ़ते वजन और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण मोटापे से संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं. यह केवल शरीर की बनावट को प्रभावित नहीं करता, बल्कि डायबिटीज, हार्ट डिजीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है. मोटापे के खिलाफ लड़ाई की जोरदार वकालत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने ‘मन की बात' कार्यक्रम में लोगों से भोजन में कम तेल का उपयोग करने की भी सलाह दी. पीएम मोदी ने हेल्दी लाइफ जीने के महत्व पर जोर दिया. इस दौरान उन्होंने मोटापे की बढ़ती समस्या पर भी चर्चा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए एक नेशनल लेवल का अभियान शुरू किया है. यह पहल उनकी फिट इंडिया मुहिम के साथ जुड़ी हुई है. इस अभियान के तहत 10 प्रमुख हस्तियों को नामित किया गया है, जो अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व से देशभर में जागरूकता फैलाने में मदद करेंगे.

भारत में मोटापे की स्थिति

भारत में पिछले कुछ सालों में मोटापा की समस्या तेजी से बढ़ी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, 1990 से 2023 के बीच भारत में मोटापे की दर में कई गुना बढ़ोत्तरी हुई है. शहरी इलाकों में खासतौर से बच्चे और युवा तेजी से इस समस्या का शिकार हो रहे हैं. मुख्य कारणों में असंतुलित खानपान, फिजिकल एक्टिविटीज की कमी, तनाव और डिजिटल युग में बढ़ता निष्क्रिय जीवन शामिल हैं.

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नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (एनएफएचएस-5) के मुताबिक:

  • 23 प्रतिशत महिलाएं और 22.1 प्रतिशत पुरुष ज्यादा वजन वाले हैं.
  • 40 प्रतिशत महिलाएं और 12 प्रतिशत पुरुष मोटापे से ग्रस्त हैं.
  • महिलाओं में पेट का मोटापा एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है.
  • महिलाओं में हेल्थ बीएमआई होने के बावजूद भी ज्यादा पेट की चर्बी होती है.

साल दर साल बढ़ रहे मोटापे के आंकड़े

  • साल 2022 तक, करीब 9.8 प्रतिशत महिलाएं और 5.4 प्रतिशत पुरुष मोटापे से ग्रस्त थे. 
  • साल 1990 में यह दर सिर्फ़ 1.2 प्रतिशत महिलाओं और 0.5 प्रतिशत पुरुषों के लिए थी.

मोटापे बढ़ने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं (Health Problems Caused By Obesity)

मोटापा केवल शरीर की बनावट को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है, जिनमें शामिल हैं:

हार्ट डिजीज: वजन बढ़ने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ जाता है, जिससे हार्ट रिलेटेड बीमारियां हो सकती हैं.
डायबिटीज (टाइप-2): ज्यादा वजन वाले लोगों में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है.
हाई ब्लड प्रेशर: मोटापा शरीर में एक्स्ट्रा स्ट्रेस डालता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है.
जोड़ों की समस्याएं: वजन बढ़ने से घुटनों और जोड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे गठिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
मानसिक स्वास्थ्य पर असर: मोटापा अक्सर आत्मविश्वास की कमी और अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं का कारण बनता है.

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हर 8 में से एक व्यक्ति मोटापे से परेशान 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बढ़ते मोटापे के मामलों पर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि “आज हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे की समस्या से परेशान है” और इस समस्या को हल करने के लिए बिना देर किए प्रयास बढ़ाने होंगे. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि हमें इसे अपने जीवन में उतारने की जरूरत है और हम सब मिलकर इसे खेल-खेल में बहुत प्रभावी रूप से कर सकते हैं

पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में बताया, कि मोटापा घटाने के लिए हम सभी को क्या करना चाहिए:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  "मन की बात" प्रोग्राम में देश को संबोधित करते हुए लोगों से अनुरोध किया कि देश में मोटापे की समस्या से लड़ने के लिए उन्हें अपने खाने में से तेल की मात्रा को 10 प्रतिशत तक कम करने को कहा. साथ ही प्रोग्राम के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के बाद वह 10 लोगों को नॉमिनेट करें. नॉमीनेट 10 लोगों से वह आग्रह करेंग क्या वो अपने खाने के 10 प्रतिशत तेल कम करेगें? साथी उन्हें और 10 लोगों को नॉमिनेट करने की अपील का आग्रह किया.

पीएम मोदी का एंटी-ओबेसिटी अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से हेल्दी लाइफस्टाइल और योग को बढ़ावा देते आए हैं. उनके नेतृत्व में पहले भी ‘फिट इंडिया मूवमेंट' और ‘योग दिवस' जैसे सफल अभियान चलाए गए हैं. इस बार उन्होंने मोटापे से निपटने के लिए एक नया राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करना है. पीएम मोदी ने इस मिशन को और प्रभावी बनाने के लिए 10 पॉपुलर हस्तियों को चुना है.

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नामित की गई 10 बड़ी हस्तियां

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चुनी गई हस्तियां अलग-अलग क्षेत्रों से हैं, जो अपने प्रभाव और लोकप्रियता से इस अभियान को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएंगी. ये हस्तियां इस अभियान के जरिए मोटापे के खतरों पर जागरूकता फैलाएंगी और हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देंगी.

1. आनंद महिंद्रा (उद्योगपति)

आनंद महिंद्रा, महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन, भारत के सबसे प्रभावशाली बिजनेस लीडर्स में से एक हैं. वे हमेशा हेल्दी लाइफस्टाइल और फिटनेस को प्राथमिकता देते हैं. इस अभियान में उनका नामित होना लोगों को वर्कप्लेस पर हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करेगा.

2. दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ' (भोजपुरी अभिनेता और राजनेता)

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार और राजनेता निरहुआ अपनी फिटनेस और एनर्जी के लिए जाने जाते हैं. उनके जुड़ने से उत्तर भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ेगी, जहां मोटापा तेजी से बढ़ रहा है.

3. मनु भाकर (शूटर, एथलीट)

मनु भाकर भारतीय खेल जगत का एक बड़ा नाम हैं. वे इस अभियान के जरिए युवाओं को फिटनेस और खेलों की ओर आकर्षित करने का कार्य करेंगी.

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4. मीराबाई चानू (भारतीय वेटलिफ्टर)

वेटलिफ्टिंग में भारत का नाम रोशन करने वाली मीराबाई चानू इस अभियान के जरिए खासतौर से महिलाओं को प्रेरित करेंगी कि वे अपने स्वास्थ्य और फिटनेस को प्राथमिकता दें.

5. मोहनलाल (मलयालम फिल्म अभिनेता)

दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार मोहनलाल को नामित करने का मुख्य उद्देश्य दक्षिण भारत में इस अभियान की पहुंच बढ़ाना है. वे अपनी फिटनेस और अनुशासित जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं.

6. नंदन नीलेकणी (इन्फोसिस के सह-संस्थापक और टेक्नोलॉजी लीडर)

नंदन नीलेकणी जैसे बिजनेस लीडर को इस अभियान में शामिल करने से कॉर्पोरेट क्षेत्र के लोगों को प्रेरित किया जा सकेगा कि वे अपने व्यस्त जीवन में भी फिटनेस को प्राथमिकता दें.

7. उमर अब्दुल्ला (राजनेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री)

उमर अब्दुल्ला को इस अभियान में शामिल करने का उद्देश्य उत्तर भारत के पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में फिटनेस और हेल्दी डाइट को बढ़ावा देना है.

8. आर माधवन (फिल्म अभिनेता)

आर माधवन न केवल एक अभिनेता हैं, बल्कि वे फिटनेस और वेलनेस को भी महत्व देते हैं. उनका इस अभियान में जुड़ना युवाओं को मोटापे से बचने और नियमित व्यायाम करने के लिए प्रेरित करेगा.

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9. श्रेया घोषाल (गायिका)

संगीत की दुनिया की प्रसिद्ध हस्ती श्रेया घोषाल का नाम इस अभियान में जोड़ने का उद्देश्य यह दिखाना है कि बिजी लाइफस्टाइल के बावजूद फिट और हेल्दी रहा जा सकता है.

10. सुधा मूर्ति (लेखिका और समाजसेवी)

सुधा मूर्ति का इस अभियान में शामिल होना खासतौर से महिलाओं और बुजुर्गों को प्रेरित करेगा कि वे भी एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपना सकते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के ओर से एक अभियान के लिए नॉमिनेट किए जाने पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा मोटापे के खिलाफ शुरू किए गए अभियान में शामिल होकर बहुत खुश हूं. आज मैं मोटापे के खिलाफ प्रधानमंत्री के अभियान में शामिल होने के लिए इन 10 लोगों को नामांकित कर रहा हूं और उनसे अनुरोध करता हूं कि वे इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए 10 और लोगों को नामांकित करें. उमर अब्दुल्ला ने जिन लोगों को नामित किया उनमें किरण शॉ, सज्जन जिंदल, दीपिका पादुकोण, सानिया मिर्जा, इरफान पठान, सुप्रिया सुले, कुलदीप हांडू, शीतल आर्चर,इकरा रसूल, पलक बिजराल शामिल हैं.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)