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This Article is From Oct 05, 2025

भारत में हर 5वां शख्स मोटापे का शिकार, ये 11 जड़ी-बूटियां बढ़ते वजन को कम करने में करेंगी फुल सपोर्ट...

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, भारत का हर पांचवां शख्स मोटापे का शिकार है या उसकी ओर अग्रसर है. मोटापा कई बीमारियों को जन्म देता है.

भारत में हर 5वां शख्स मोटापे का शिकार, ये 11 जड़ी-बूटियां बढ़ते वजन को कम करने में करेंगी फुल सपोर्ट...
मोटापे से ग्रसित होने पर हाई बीपी, दिल की बीमारी, हड्डियों का कमजोर होना, थायरॉयड और डायबटीज जैसी बीमारियां जन्म लेती हैं.

Obesity cause : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोटापे के खिलाफ लोगों को जागरुक कर रहे हैं, क्योंकि बढ़ता वजन अच्छे स्वास्थ्य की निशानी नहीं होता है. बढ़ता मोटापा शरीर में कई बीमारियों की वजह होता है और नजरअंदाज करने पर शरीर जानलेवा बीमारियों का शिकार हो जाता है.  विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, भारत का हर पांचवां शख्स मोटापे का शिकार है या उसकी ओर अग्रसर है. मोटापा कई बीमारियों को जन्म देता है.

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मोटापा से कौन सी होती हैं बीमारियां

मोटापे से ग्रसित होने पर हाई बीपी, दिल की बीमारी, हड्डियों का कमजोर होना, थायरॉयड और डायबटीज जैसी बीमारियां जन्म लेती हैं, लेकिन आयुर्वेद में मोटापे से बचने के लिए बेहतरीन उपाय दिए गए हैं.

मोटापा कम करने की जड़ी बूटी

आयुर्वेद में मोटापे को कफ दोष से जोड़ा गया है. शरीर में कफ दोष होने की वजह से शरीर में वसा जमा होने लगता है और धीरे-धीरे शरीर मोटा होने लगता है. मोटापे से बचने के लिए आयुर्वेद में कई औषधीय पौधों के बारे में बताया गया है, जिनमें त्रिफला, ब्राह्मी, गार्सिनिया कैंबोगिया, कलौंजी, करी पत्तियां, हल्दी, पुदीना, मेथी, अदरक, दालचीनी और काली मिर्च शामिल हैं. इन सभी औषधियों और मसालों का सही तरह से सेवन करने से वजन कम होगा.

मोटापा कम करने में जड़ी-बूटी का कैसे करें यूज

त्रिफला पेट के लिए बहुत अच्छा होता है. रात के समय अगर त्रिफला के चूर्ण को गर्म पानी के साथ लिया जाए तो ये वजन कम करने में मदद करता है. त्रिफला चूर्ण पाचन तंत्र को सही करता है और खाने के सारे गुणों को अवशोषित करता है. इसके अलावा दालचीनी और मेथी दोनों ही चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को दुरुस्त करते हैं और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करते हैं. इसके लिए दालचीनी और मेथी को रात में भिगोकर उसका सेवन किया जा सकता है.

कलौजीं की मेटाबॉलिज्म को सही तरीके से काम करने में मदद करती है जिससे भूख नहीं लगती है और शरीर में ज्यादा वसा इकट्ठा नहीं होती.

सावधानियां

आयुर्वेद में कुछ ऐसी सावधानियां भी बरतने के लिए कहा गया है, जो वजन को कम करने में कारगर हैं. जिनका वजन तेजी से बढ़ता है, उन लोगों को दूध और दूध से बने उत्पादों से परहेज करना चाहिए और साथ ही चावल का सेवन भी कम करना चाहिए. चावल में कार्ब्स बहुत ज्यादा होते हैं, जो शुगर और मोटापे दोनों को बढ़ाते हैं. दोपहर और रात के खाने के बीच में भूख लगने पर कुछ अच्छा खाना खाएं. इस समय फल या ड्राई फ्रूट ले सकते हैं. चिप्स, कैफीन और डिब्बाबंद उत्पादों का सेवन न करें. इसके अलावा, अपनी जीवनशैली में व्यायाम और टहलने को प्राथमिकता दें.


 

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

लेखक के बारे में
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सुभाषिनी त्रिपाठी
Senior sub editor
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