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क्या मानसून में भी आपने नहीं बदला अपना रेगुलर स्किनकेयर रूटीन? त्वचा को हो सकता है नुकसान, एक्सपर्ट से जान लें जरूरी टिप्स

एक्सपर्ट का मानना है कि मानसून में नमी, पसीना, प्रदूषण और लगातार बदलते तापमान से स्किन पर बुरा असर पड़ता है. अगर इस मौसम में सही देखभाल न की जाए, तो स्किन से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं.

क्या मानसून में भी आपने नहीं बदला अपना रेगुलर स्किनकेयर रूटीन? त्वचा को हो सकता है नुकसान, एक्सपर्ट से जान लें जरूरी टिप्स
मानसून स्किनकेयर टिप्स
Photo Credit: NDTV

मानसून की शुरुआत गर्मी से राहत जरूर दिलाती है, लेकिन मौसम बदलने के साथ-साथ त्वचा की जरूरतें भी बदल जाती हैं. लेकिन अधिकतर लोग अपनी स्किनकेयर रूटीन में कोई बदलाव नहीं करते, जिसके कारण फायदा होने की जगह नुकसान होना शुरू हो जाता है. आज हम आपको कुछ ऐसी जरूरी स्किनकेयर टिप्स बताने जा रहे हैं, जिनका ध्यान आपको मानसून में जरूर रखना चाहिए. इसकी जानकारी इंस्टीट्यूट ऑफ लेजर एंड एस्थेटिक मेडिसिन के संस्थापक डॉक्टर अजय राणा ने दी है.

सही देखभाल है जरूरी

डॉक्टर अजय राणा ने बताया कि मानसून में नमी, पसीना, प्रदूषण और लगातार बदलता तापमान मिलकर स्किन बैरियर को प्रभावित करते हैं. अगर इस मौसम में सही देखभाल न की जाए, तो स्किन से जुड़ी 
समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं. 

ज्यादा फेसवॉश करना

मानसून में सबसे आम गलती है चेहरे को बार-बार धोना. इस मौसम में स्किन ज्यादा ऑयली महसूस होती है, जिसके कारण लोग दिन में कई बार स्ट्रॉन्ग फेस वॉश का इस्तेमाल करने लगते हैं. शुरुआत में स्किन साफ महसूस होती है, लेकिन ज्यादा सफाई स्किन की नेचुरली नमी और सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचाती है. साथ ही इससे डिहाइड्रेशन, जलन और कई नुकसान होना शुरू हो जाते हैं. 

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मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल

एक और बड़ी गलतफहमी यह है कि उमस भरे मौसम में मॉइस्चराइजर की आवश्यकता नहीं होती. जबकि असल में त्वचा में नमी और ऑयलिनेस दो अलग-अलग चीजें हैं. ऑयली स्किन को भी मॉइस्चराइजर की जरूरत होती है. इसके लिए हल्के और नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए, जो पोर्स को बंद किए बिना स्किन की सुरक्षा परत को मजबूत बनाए रखें.

सनस्क्रीन छोड़ देना

कई लोग बादल या बारिश वाले दिनों में सनस्क्रीन लगाना भी छोड़ देते हैं. यह भी त्वचा के लिए नुकसानदायक है. हानिकारक यूवीए किरणें त्वचा तक पहुंचती हैं और पिग्मेंटेशन, समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत और कोलेजन को नुकसान पहुंचाने का काम करती रहती हैं. ऐसे में मौसम चाहे जैसा भी हो, रोजाना ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना बहुत जरूरी है.

बिना जानकारी के प्रोडक्ट इस्तेमाल करना

आजकल सोशल मीडिया से प्रेरित होकर लोग बिना विशेषज्ञ सलाह के कई एक्टिव स्किनकेयर इंग्रीडिएंट्स का एक साथ उपयोग करना शुरू कर देते हैं. एक्सफोलिएटिंग एसिड, रेटिनॉल और विटामिन-सी जैसे प्रोडक्ट को बिना उनकी समझ के एक साथ इस्तेमाल करने से त्वचा की प्रोटेक्टिव लेयर कमजोर हो सकती है, जिससे रेडनेस और लगातार सूजन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

डॉ. अजय राणा के अनुसार हेल्दी स्किन का मतलब ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्ट का उपयोग करना नहीं है. अच्छी त्वचा तब मिलती है जब आप अपनी त्वचा की जरूरतों को समझते हैं और मौसम के अनुसार अपनी स्किनकेयर रूटीन में बदलाव करते हैं.

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