आयुष मंत्रालय की ओर से शनिवार को मुंह की सेहत को अच्छा रखने के लिए पारंपरिक उपचार पद्धति गंडूषा की प्रैक्टिस को लेकर जानकारी साझा की गई है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में आयुष मंत्रालय ने लिखा, "अपने दिन की शुरुआत गंडूषा से करें, जो एक पुरानी आयुर्वेदिक ओरल केयर प्रैक्टिस है और मुंह की पूरी सेहत में मदद करती है."
मंत्रालय की ओर से लिखा गया, "एक हेल्दी दिनचर्या के हिस्से के तौर पर यह पारंपरिक माउथ रिंस ज्यादा प्यास को रोकने, स्वाद समझने की क्षमता को बेहतर बनाने और नैचुरली मुंह की सफाई बनाए रखने में मदद करता है. इस आसान रोजाना की आदत को अपनाएं और आयुर्वेद के फायदों का अनुभव करें. एक बार में एक ध्यान देने वाली आदत अपनाएं."
Start your day with Gandusha, a time-honoured Ayurvedic oral care practice that supports overall oral wellness.
— Ministry of Ayush (@moayush) July 18, 2026
As part of a healthy Dinacharya, this traditional mouth rinse helps prevent excessive thirst, improves taste perception, and naturally maintains oral hygiene. Embrace… pic.twitter.com/NsA1FYHSmi
आयुष मंत्रालय ने बीते दिन शुक्रवार को अर्धचक्रासन को लेकर जानकारी साझा की थी. आयुष मंत्रालय की ओर से 'एक्स' पोस्ट में लिखा गया, "अर्धचक्रासन (हाफ व्हील पोज) रीढ़ की हड्डी की फ्लेक्सिबिलिटी को बेहतर बनाने, पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने और बेहतर पोस्चर में मदद करता है. रेगुलर प्रैक्टिस से, सही गाइडेंस में सही तरीके से करने पर, सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के मैनेजमेंट में भी मदद मिल सकती है."
Ardhachakrasana (Half Wheel Pose) helps improve spinal flexibility, strengthens the back muscles, and supports better posture. Regular practice may also aid in the management of cervical spondylosis when performed correctly under proper guidance.#Yoga365 #Ardhachakrasana… pic.twitter.com/khHTbpshRr
— Ministry of Ayush (@moayush) July 17, 2026
बीते दिन आयुष मंत्रालय ने नारी बनने से लेकर मां बनने तक एक बैलेंस्ड लाइफस्टाइल के बारे में पोस्ट शेयर किया था. मंत्रालय की ओर से लिखा गया था, "नारी बनने से लेकर मां बनने तक एक बैलेंस्ड लाइफस्टाइल अपनाना मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए बहुत जरूरी है. पूरा आराम, अच्छी साफ-सफाई, रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी और समय पर एंटीनेटल चेक-अप एक हेल्दी प्रेग्नेंसी और बच्चे के जन्म के अच्छे अनुभव में मदद करते हैं.
From womanhood to motherhood, adopting a balanced lifestyle plays a vital role in supporting the well-being of both mother and baby. Adequate rest, good hygiene, regular physical activity, and timely antenatal check-ups contribute to a healthier pregnancy and a positive… pic.twitter.com/WYwxeID0ff
— Ministry of Ayush (@moayush) July 17, 2026
आयुष मंत्रालय की ओर से आगे लिखा गया था, "आज की छोटी-छोटी, ध्यान देने वाली आदतें आपके और आपके बच्चे के लिए एक हेल्दी कल बनाने में मदद कर सकती हैं."
ये भी पढ़ें: क्या आप भी ऑफिस में घंटों बैठे रहते हैं? बढ़ सकती है सर्वाइकल की परेशानी, जानें बचाव के उपाय
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं