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10 दिन से अच्छी बारिश का इंतजार, दिल्ली NCR पर छाए बादल क्यों नहीं बरसते, मॉनसून ब्रेक से क्यों बिगड़ा मौसम

Monsoon Update: भारत में मॉनसून का मिजाज इस बार अलग दिख रहा है. जुलाई में बारिश नहीं हो रहे हैं, उत्तर पश्चिम भारत में 10 दिन से अच्छी बारिश नहीं हुई है. इसे मॉनसून पर अल नीनो का असर माना जा रहा है.

10 दिन से अच्छी बारिश का इंतजार, दिल्ली NCR पर छाए बादल क्यों नहीं बरसते, मॉनसून ब्रेक से क्यों बिगड़ा मौसम
मॉनसून पर क्यों लगा ब्रेक ?
  • देश में मॉनसून पर ब्रेक लगा हुआ है. कई राज्यों में पिछले 10 दिनों से बारिश नहीं हुई है.
  • बादल छा रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही है. ऐसे में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है.
  • बारिश पर ब्रेक लगने की वजह से उमस भरी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है.

भारत में मॉनसून की स्थिति इस बार अलग है. सैटेलाइट तस्वीरों में बारिश वाले घने बादलों की मोटी परत दिख तो रही है. लेकिन इसके बाद भी बरसात नहीं हो रही है. पिछले 10 दिनों से उत्तर पश्चिम भारत के ज्यादातर राज्यों में अच्छी बारिश नहीं हुई है. मौसम विभाग का कहना है कि आम तौर जब घने बादल छाते हैं तो बारिश की संभावना रहती है. लेकिन इस बार बादलों के छाने के बाद भी बारिश नहीं रही है. भारत में इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का व्यवहार काफी बदला है. देश के कई राज्यों में जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है, वहीं कुछ राज्यों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं. उत्तर पूर्वी राज्य असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर में बीते कुछ दिनों में झमाझ बारिश बाढ़ की स्थिति है. वहीं दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सामान्य कम बारिश हुई है. मॉनसून के इस बदलते पैटर्न को अल नीनो का असर माना जा रहा है. 

बादल छा रहे पर बारिश नहीं हो रही 

दरअसल, लेटेस्ट सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि 16 से 18 जुलाई के बीच मध्य भारत से लेकर मैदानी राज्यों और पूर्वी तट तक घने बादल छा रहे हैं. ऐसे में उम्मीद रही कि अब अच्छी बारिश होगी. लेकिन बादल छाने के बाद भी बड़े पैमाने पर भारी बारिश नहीं हुई है. ऐसे में उत्तर और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में उमस भरा मौसम बना हुआ है. केवल कुछ इलाकों में हल्की बौछारें ही देखने को मिल रही हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक 'मॉनसून ट्रफ' प्रभावित है. यह अमृतसर से होते हुए उत्तर भारत से पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है. इस सिस्टम के कारण नमी पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत में केंद्रित हो गई है, जबकि बाकी हिस्सों को अभी भी अच्छी और लगातार बारिश का इंतजार है. लेकिन अब तक यहां उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई है. 

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24 प्रतिशत कम बारिश

जुलाई का महीना आधा बीत चुका है. लेकिन अब तक उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई है. बादल छाते हैं लगता है कि कुछ ही मिनटों में अच्छी बरसात होगी, लेकिन लेकि कुछ ही घंटों में वे घने बादल बिना एक बूंद बरसाए आगे निकल जाते हैं. भारतीय मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जुलाई के इस दौर में देश में सामान्य से लगभग 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है. बादलों की यह बेरुखी और आसमान का यह धोखा देश के किसानों और आम जनता के लिए चिंता का बड़ा विषय बन गया है. क्योंकि बारिश नहीं होने से खेती-किसानी पर भी इसका असर पड़ा है.

मॉनसून पर अल नीनो का प्रभाव

मौसम विभाग के मुताबिक भारत में मॉनसून पर लगे ब्रेक की एक वजह अल नीनो का प्रभाव भी माना जा रहा है. अल नीनो अक्सर भारतीय मानसून को पूरी तरह से रोकने के बजाय उसे कमजोर कर देता है या उसकी दिशा बदल देता है. इसी तरह का पैटर्न दिख रहा है. जहां बादल छा रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही है. इसके चलते देशव्यापी एक समान बारिश होने के बजाय, नमी कुछ खास इलाकों में सिमट कर रह जाती है और पड़ोसी इलाके सूखे रह जाते हैं. मौसम विभाग ने विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में अल नीनो अगर और मजबूत होता है तो ऐसे में मानसून के बाकी बचे सीजन में भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह का मौसम जारी रहेगा. 

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कहां रुकी बारिश

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस अजीब स्थिति के पीछे 'ब्रेक इन मानसून' की स्थिति जिम्मेदार है. दरअसल, बारिश कराने वाली हवाओं की मानसून ट्रफ होती है, वह इस समय उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों से खिसककर हिमालय की तलहटी और पूर्वी भारत की ओर चली गई है. अल-नीनो के असर के कारण ऊपरी वायुमंडल में शुष्क और गर्म हवा की एक ऐसी अदृश्य परत बन गई है. जो नीचे से उठने वाली नमी को संघनित होकर पानी की बड़ी बूंदों में बदलने नहीं दे रही है. हवा में उमस पूरी है, बादल घने हैं, लेकिन वे इतने भारी नहीं हो पा रहे कि नीचे बरस सके. 

कब तक एक्टिव होगा मॉनसून ?

मौसम विभाग की सैटेलाइट तस्वीरों और पूर्वानुमानों के अनुसार यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहने वाली है. बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि 20 से 24 जुलाई के बाद मॉनसून ट्रफ एक बार फिर अपने सामान्य स्थान पर लौट आएगी, जिससे मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में बादलों का यह मौन टूटेगा और झमाझम बारिश का दौर फिर शुरू होगा. तब तक, देश को बादलों के इस लुका-छिपी के खेल को सहना होगा. 

दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में उमस 

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा, राजस्थान समेत उत्तर पश्चिम के कई राज्यों में लोगों को भीषण गर्मी और उमस से कोई खास राहत नहीं मिलेगी. IMD ने अगले तीन दिनों के लिए गर्मी और उमस का अलर्ट जारी किया है. चेतावनी दी गई है कि रुक-रुक कर होने वाली बारिश के बावजूद तापमान और नमी का स्तर सामान्य से अधिक रहेगा. पंजाब और हरियाणा में अब तक काफी कम बारिश दर्ज की गई है. हालांकि अगले दो से तीन दिनों के बाद इन राज्यों में भारी बौछारें देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि मानसून ट्रफ धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है.

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