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Mamaearth की को-फाउंडर घजल अलघ संडे को 5 घंटे रहती हैं फोन से दूर, जीती हैं सादा जीवन, जानिए क्यों

अलघ ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताती हैं, चाहे वह अपने बच्चों के साथ पार्क में जाना हो, कोई अच्छी किताब पढ़ना हो या बस उस पल में मौजूद रहना हो.

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Mamaearth की को-फाउंडर घजल अलघ संडे को 5 घंटे रहती हैं फोन से दूर, जीती हैं सादा जीवन, जानिए क्यों
अलघ ने कहा, "डिस्कनेक्ट करने से आपको साधारण जीवन में आनंद खोजने में मदद मिलेगी."

स्मार्टफोन ने हमारी जिंदगी पूरी तरह से बदल दी है. ये उपकरण हमारा ही विस्तार बन गए हैं. हम उनका उपयोग दूसरों से जुड़ने, ऑनलाइन जानकारी खोजने और चित्रों और वीडियो के जरिए से मूमेंट्स को सहेजने के लिए करते हैं. हम व्यावहारिक रूप से हर दिन कई घंटे फोन का उपयोग करते हुए बिताते हैं और हम उन्हें हमेशा पहुंच के भीतर रखते हैं. यह सोचकर हैरानी होती है कि हममें से कितने लोग स्मार्टफोन को जरूरी, रोजमर्रा का सामान मानते हैं. मामाअर्थ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी घजल अलघ (Ghazal Alagh) ने हाल ही में खुलासा किया कि वह "नो डिजिटल डिस्ट्रैक्शन" को फॉलो करती हैं. उन्होंने कहा कि वह हर रविवार को पांच घंटे तक अपने फोन का उपयोग न करने के नियम को फॉलो करती है, जिसे वह "सादा जीवन" कहती है.

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इस समय के दौरान, अलघ अपने परिवार के साथ क्वालिटी टाइन बिताती हैं, चाहे वह अपने बच्चों के साथ पार्क में जाना हो, कोई अच्छी किताब पढ़ना हो या बस उस पल में मौजूद रहना हो. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "हर रविवार, मेरा एक नियम है: 5 घंटे तक कोई फोन नहीं. मैं 'नो डिजिटल डिस्ट्रेक्शन रूल' नाम की चीज को फॉलो करती हूं. उस समय में मैं परिवार की तरह साधारण जीवन जीती हूं." साथ समय बिताना, बच्चों के साथ पार्क में जाना, पढ़ना आदि."

अलघ ने कहा, "डिस्कनेक्ट होने से आपको साधारण जीवन में आनंद पाने में मदद मिलेगी, जो इन दिनों खो रहा है. यह आपको खुद से बेहतर तरीके से जुड़ने में मदद करेगा."

शनिवार को शेयर किए जाने के बाद से, उनकी पोस्ट को माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर 16,000 से ज्यादा बार देखा जा चुका है.

एक यूजर ने कहा, "स्क्रीन के बाहर एक विशाल जीवन है."

एक अन्य ने कहा, "इसे हर रोज 2 घंटे तक करें. गेम चेंजर."

"बचपन में ऐसा किया था क्योंकि ध्यान भटकाने के लिए कोई फोन नहीं था. शादी के दौर में ऐसा किया... प्रसूति के दौर में ऐसा किया... फिर भी इसे किसी न किसी तरह से अंजाम दे रहा हूं क्योंकि एक माता-पिता या जीवनसाथी के रूप में हमारा समय कीमती, बहुत महत्वपूर्ण है" एक एक्स यूजर ने कमेंट किया.

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"वास्तव में अमूल्य!" एक व्यक्ति ने कमेंट किया.

कुछ दिन पहले, अलघ ने तेजी से नई स्किल प्राप्त करने में "100-घंटे के नियम" की प्रभावशीलता पर चर्चा करने के लिए माइक्रोब्लॉगिंग साइट का सहारा लिया. अपनी पोस्ट में, उन्होंने बताया कि कैसे यह नियम किसी को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर स्किन सीखने में मदद कर सकता है. उन्होंने खुलासा किया कि शुरुआत में उन्होंने इस मानसिकता को अपनाया, जिससे उन्हें ऐसी क्षमताएं हासिल करने में मदद मिली जिसके बारे में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था.

"सबसे आम सवाल जो मुझे मिलता रहता है वह है: 'मैं कुछ ऐसा कैसे सीखूं जो मेरे दायरे में नहीं है?' उत्तर? 100-घंटे का नियम लागू करें. किसी भी नए कौशल के लिए 100 घंटे का जानबूझकर अभ्यास करें और आप इसमें महारत हासिल कर लेंगे," अलघ ने लिखा, "इस मानसिकता ने मुझे तेजी से उन क्षमताओं को हासिल करने की अनुमति दी, जिनके बारे में मुझे तब पता नहीं था जब मैं शुरुआत कर रही थी. अगर आप कड़ी मेहनत करते हैं और किसी चीज को पर्याप्त समय देते हैं, तो आप किसी भी क्षेत्र को जीत सकते हैं."

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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