आजकल महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) की समस्या तेजी से बढ़ रही है. पहले इसे सिर्फ शहरों की महिलाओं की परेशानी माना जाता था, लेकिन अब गांवों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और अनियमित दिनचर्या इसके प्रमुख कारण हैं. अगर समय रहते इस समस्या को कंट्रोल न किया जाए, तो आगे चलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और यहां तक कि इंफर्टिलिटी का खतरा भी बढ़ सकती है.
इसी बीच, AIIMS की एक रिसर्च में सामने आई है, जिसमें ये बताया गया है कि नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान PCOS के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है.
AIIMS की रिसर्च में क्या पता चला?
इस रिसर्च को AIIMS के एनाटॉमी विभाग में मॉलिक्यूलर रिप्रोडक्शन एंड जेनेटिक्स लैब की प्रोफेसर डॉक्टर रीमा दादा के नेतृत्व में किया गया. डॉक्टर रीमा के अनुसार, देश में PCOS के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इसके पीछे एक बड़ी वजह बदलता लाइफस्टाइल है, लेकिन रिसर्च में यह देखा गया कि अगर महिलाएं नियमित रूप से योग, प्राणायाम और ध्यान करें तो इस समस्या से जुड़े कई लक्षणों में सुधार आ सकता है.
A recent study by our team at AIIMS Delhi, led by Dr. Rima Dada, highlights how adding regular yoga to standard medical care can truly help women dealing with PCOS.
— AIIMS, New Delhi 🇮🇳 (@aiims_newdelhi) June 17, 2026
The research shows that a simple, dedicated routine—including gentle asanas, pranayama, and meditation—can help… pic.twitter.com/IPR1EGbBoe
PCOS होने पर शरीर में क्या बदलाव होते हैं?
PCOS की वजह से महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, इसका असर कई तरह से दिखाई देता है
- पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं
- वजन तेजी से बढ़ सकता है
- चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल आने लगते हैं
- मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है
- गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है
डॉक्टर रीमा बताती हैं कि समय रहते इस समस्या पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि यह आगे चलकर महिलाओं की प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है.
100 से ज्यादा महिलाओं पर की गई रिसर्च
AIIMS की इस रिसर्च में 100 से अधिक महिलाओं को शामिल किया गया था, इन महिलाओं ने 12 सप्ताह तक हर सप्ताह पांच दिन, रोजाना 90 मिनट योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया. अध्ययन पूरा होने के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि इन महिलाओं के शरीर में कई सकारात्मक बदलाव आए.
क्या बदलाव आएं?
रोज योग करने से महिलाओं के पीरियड्स समय पर आने लगे साथ ही, उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन नाम का हार्मोन कम हो गया, जिससे चेहरे और शरीर पर जो ज्यादा बाल उग आते थे, वो कम होने लगे. इसके अलावा मुंहासों की समस्या भी कम हुई और कई महिलाओं ने अपने वजन में सुधार महसूस किया. कुछ महिलाओं ने यह भी बताया कि योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के बाद उन्हें गर्भधारण करने में सफलता मिली.
क्या फायदे मिलें?
- मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार
- ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद
- वजन घटाने में सहायता मिली
- ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी मदद मिली
- महिलाओं में तनाव और डिप्रेशन के लक्षण पहले की तुलना में कम थे
PCOS में कौन से योगासन फायदेमंद हो सकते हैं?
- बद्ध कोणासन
- सेतु बंधासन
- कोबरा मुद्रा
- नौकासन
- मलासन
- सूर्य नमस्कार
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