अक्सर सड़क किनारे, खाली प्लॉट या झाड़ियों के बीच एक ऐसा पौधा उगा हुआ दिख जाता है, जिस पर छोटे-छोटे कांटेदार फल लगे होते हैं. चलते समय इसके बीज कपड़ों से चिपक जाते हैं. कई जगह इसे लटजीरा, चिरचिटा, चिटचिटा या अपामार्ग के नाम से जाना जाता है. आयुर्वेद में इस पौधे का खास महत्व बताया गया है और हमारी दादी-नानी भी इसका इस्तेमाल शरीर की कई तरह की समस्याओं में करती जा रही है. Sameer Singh Garden नाम के एक यूट्यूब चैनल पर इस पौधे की कई खासियत बताई गई है. इसमें कहा गया है कि लटजीरा की जड़ से बना घरेलू नुस्खा किडनी, यूरिनरी ट्रैक्ट और गॉल ब्लैडर की पथरी को गलाने में मदद कर सकता है. यहां जानते हैं इस वीडियो में दी गई सभी जानकारी-
लटजीरा पौधे की पहचान कैसे करें?
लटजीरा एक जंगली पौधा है, जो खेतों, सड़क किनारे और झाड़ियों में आसानी से मिल जाता है. इसके फल या बीज कांटेदार होते हैं और कपड़ों से चिपक जाते हैं. यही इसकी सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है.
वीडियो में कहा गया है कि इस पौधे की जड़ का इस्तेमाल करने से पथरी की समस्या को दूर किया जा सकता है. ऐसा बताया गया है कि इसकी जड़ का अर्क और धागे वाली मिश्री मिलाकर तैयार किए गए मिश्रण का अगर आप कुछ दिनों तक सेवन करते हैं, तो इससे पथरी की परेशानी दूर हो सकती है.
कैसे आजमाएं ये नुस्खा?
- लटजीरा की जड़ को निकालकर अच्छी तरह साफ करें.
- जड़ के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें.
- इन्हें कूटकर आधा कप पानी में 15 से 30 मिनट तक भिगो दें.
- जब पानी में इसका अर्क उतर जाए तो उसे छान लें.
- इसमें थोड़ी मात्रा में धागे वाली मिश्री मिलाएं.
- इस मिश्रण को सुबह खाली पेट और शाम को पीने की सलाह दी गई है.
वीडियो में दावा किया गया है कि अगर आप लगातार 7 दिनों तक इसका सेवन करते हैं, तो पथरी की परेशानी दूर हो सकती है. ऐसा कहा गया है कि इसके सेवन से पथरी पेशाब के रास्ते से बाहर निकल सकती है.
आयुर्वेद में अपामार्ग का क्या है महत्व?
आयुर्वेद में अपामार्ग का इस्तेमाल कई पारंपरिक उपचारों में बताया गया है. इसकी जड़, पत्तियां और बीज विभिन्न औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं. हालांकि, किसी भी गंभीर बीमारी या पथरी के इलाज में इसके प्रभाव को लेकर आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं.
डॉक्टर क्या कहते हैं?
किडनी या गॉल ब्लैडर की पथरी का इलाज उसकी जगह, आकार और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है. बड़ी पथरी कई बार दवा, लेजर या सर्जरी की जरूरत पैदा कर सकती है. इसलिए सिर्फ घरेलू नुस्खों के भरोसे रहना रिस्क भरा हो सकता है.
NOTE : ये नुस्खा लोक परंपराओं और वीडियो में किए गए दावों पर आधारित है. पथरी, किडनी रोग या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या में कोई भी घरेलू उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. वैज्ञानिक रूप से ये साबित नहीं हुआ है कि लटजीरा की जड़ 15-20 मिमी की पथरी को 7 दिन में गलाकर बाहर निकाल सकती है.
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