कॉमेडियन समय रैना ने हाल ही में अपनी हेल्थ एंग्जायटी के बारे में खुलकर बात की, उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब रात में सोते हुए हल्का-सा झटका लगता तो उन्हें लगता कि कुछ सीरियस हो गया है. कभी ऐसा महसूस होता कि पूरी सांस नहीं आ रही, तो कभी छाती में हल्की सी सनसनी से हार्ट अटैक का डर सताने लगता. समय की ये बातें सुनकर करोड़ों लोग खुद को उनसे जोड़ पाए. क्योंकि ऐसी परेशानियां कई लोग महसूस करते हैं. न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता के मुताबिक. इसके पीछे अक्सर हेल्थ एंग्जायटी हो सकती है.
हर छोटी परेशानी बड़ी क्यों लगने लगती है?
डॉ. रोहित गुप्ता के अनुसार कई लोगों में हेल्थ एंग्जायटी की वजह से बॉडी में होने वाले सामान्य बदलाव भी किसी बड़ी बीमारी जैसे लगने लगते हैं. उदाहरण के लिए सोते समय शरीर में हल्का सा झटका महसूस हुआ तो लगता है कि कुछ गड़बड़ हो गई. सांस नॉर्मल होने के बावजूद ऐसा महसूस होता है कि पूरी सांस नहीं आ रही. छाती में हल्की सी जकड़न या सनसनी होते ही मन में हार्ट अटैक का डर बैठ जाता है. असल में एंग्जायटी शरीर की छोटी से छोटी हरकत के लिए भी ज्यादा सेंसिटिविटी बढ़ा देती है. नतीजा ये होता है कि सामान्य महसूस होने वाली चीजें भी खतरनाक लगने लगती हैं.
कैसे पहचानें कि ये हेल्थ एंग्जायटी हो सकती है?
अगर आप बार बार अपनी हार्टबीट या पल्स चेक करते हैं. हर छोटे सिंपटम को गूगल पर खोजते रहते हैं. मेडिकल रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद भी सेटिस्फाई नहीं होते या बार-बार डॉक्टर बदलकर वही टेस्ट करवाने का मन करता है तो ये हेल्थ एंग्जायटी का संकेत हो सकता है. डॉ. रोहित गुप्ता बताते हैं कि इसका मतलब ये नहीं कि ये सिंपटम गलत है. उनका कहना है कि जो बेचैनी या घबराहट होती है. वो पूरी तरह सही होती हैं. लेकिन उनकी वजह हमेशा कोई गंभीर बीमारी नहीं होती. इसलिए खुद से किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले या इंटरनेट पर भरोसा करने की बजाय डॉक्टर की सलाह लें. अगर सभी टेस्ट नॉर्मल हैं तो मेंटल हेल्थ पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है.
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