आज के समय में लोग बेहतर इलाज के लिए सिर्फ अपने देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अच्छे डॉक्टर्स, आधुनिक तकनीकों और कम खर्च के लिए दूसरे देशों का रुख कर रहे हैं. इस मामले में साउथ कोरिया तेज़ी से दुनिया भर के मरीजों की पहली पसंद बनता जा रहा है. हाल ही में सामने आए नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले कुछ सालों में साउथ कोरिया आने वाले विदेशी मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है. चाहे बात कॉस्मेटिक सर्जरी की हो, कैंसर के इलाज की या फिर फुल बॉडी चेकअप की दुनिया भर के लोग अब साउथ कोरिया के हेल्थकेयर सिस्टम पर भरोसा जता रहे हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर ऐसा क्या खास है साउथ कोरिया के अस्पतालों में, जो इसे एशिया का सबसे बड़ा मेडिकल टूरिज्म हब बना रहा है.
मरीज़ क्यों चुन रहे हैं साउथ कोरिया?
साउथ कोरिया का हेल्थकेयर सिस्टम दुनिया के सबसे एडवांस्ड सिस्टम्स में से एक माना जाता है. यहां के अस्पतालों में ऐसे-ऐसे डायग्नोस्टिक टूल्स और मशीनें हैं, जो बीमारियों का सटीक और जल्दी पता लगा लेती हैं. लेकिन सिर्फ तकनीक ही वजह नहीं है, इसके पीछे कुछ और भी बड़े कारण हैं-
- कम इंतज़ार- अमेरिका या यूरोप के कई देशों में किसी बड़े ऑपरेशन या जांच के लिए महीनों का इंतज़ार करना पड़ता है. साउथ कोरिया में यही काम बहुत ही कम समय में और बिना किसी देरी के हो जाता है.
- स्पेशल सुविधाएं- विदेश से आने वाले मरीजों को भाषा की दिक्कत न हो, इसके लिए यहां के अस्पतालों में ट्रांसलेटर की सुविधा मिलती है. इसके अलावा ट्रैवल में मदद और इलाज के बाद रिकवरी का पूरा ध्यान रखा जाता है.
- सरकारी नियम- कोरियाई सरकार ने इलाज की क्वालिटी और मरीजों की सुरक्षा को लेकर काफी सख्त नियम बनाए हैं. इससे मरीजों को धोखाधड़ी का डर नहीं रहता और उन्हें ट्रांसपेरेंट इलाज मिलता है.

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सोल (Seoul) है इस बदलाव का मेन सेंटर-
साउथ कोरिया की राजधानी सोल इसकी वजह. सोल में दुनिया भर से मान्यता प्राप्त कई बड़े अस्पताल और स्पेशलाइज्ड क्लिनिक हैं. यहां के अस्पतालों में विशेष रूप से इंटरनेशनल पेशेंट सेंटर्स बनाए गए हैं. इन सेंटर्स का काम विदेश से आने वाले यात्रियों की हर संभव मदद करना होता है. जैसे डॉक्टर से अपॉइंटमेंट बुक करना, उनके रुकने का इंतज़ार करना, भाषा समझाने के लिए गाइड देना और इलाज के बाद की देखभाल की पूरी लिस्ट तैयार करना. इसके अलावा, सोल शहर की ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी इतनी शानदार है कि हवाई अड्डे से अस्पताल तक पहुंचना बेहद आसान हो जाता है.
किन बीमारियों और ट्रीटमेंट के लिए पहुंच रहे हैं लोग?
साउथ कोरिया में अलग-अलग तरह के इलाजों के लिए दुनिया के हर कोने (एशिया, मिडिल ईस्ट, नॉर्थ अमेरिका और यूरोप) से लोग आ रहे हैं.
- कॉस्मेटिक और स्किन केयर- साउथ कोरिया को प्लास्टिक सर्जरी, स्किन केयर और बिना चिर-फाड़ वाले ब्यूटी ट्रीटमेंट्स के लिए दुनिया भर में बेस्ट माना जाता है. यहां का स्किन ट्रीटमेंट काफी फेमस है.
- प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप- बीमारियों से बचने के लिए लोग यहां के फुल बॉडी चेकअप पैकेज काफी पसंद करते हैं. कम समय में पूरे शरीर की जांच हो जाती है, जिससे किसी भी बीमारी का शुरुआती स्टेज में ही पता चल जाता है.
- ऑर्थोपेडिक और फर्टिलिटी केयर- हड्डियों के इलाज, जॉइंट रिप्लेसमेंट, आईवीएफ (IVF/फर्टिलिटी) और रीहैबिलिटेशन प्रोग्राम्स के लिए भी बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं.
सरकार का पूरा समर्थन और आसान वीज़ा प्रक्रिया-
साउथ कोरिया की सरकार ने मेडिकल टूरिज्म को देश की अर्थव्यवस्था का एक मुख्य हिस्सा बना दिया है. सरकार ने ऐसे नियम बनाए हैं जिससे विदेशी मरीजों का आना आसान हो सके.
मेडिकल वीज़ा- इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए वीज़ा प्रोसेस को काफी आसान और तेज़ बनाया गया है.
अस्पतालों के लिए कड़े नियम- हर अस्पताल विदेशी मरीजों का इलाज नहीं कर सकता. सिर्फ वही अस्पताल ऐसा कर सकते हैं जिनके पास सरकार का सख्त सर्टिफिकेशन हो. इससे मरीजों को सिर्फ बेस्ट क्वालिटी इलाज ही मिलता है.
भविष्य में क्या बेहतर बनाने का प्लान-
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में साउथ कोरिया का यह सेक्टर और भी बड़ा होने वाला है. कोरियाई अस्पताल अब डिजिटल हेल्थकेयर पर ज़ोर दे रहे हैं.
जल्द ही विदेश में बैठे मरीज़ AI डायग्नोस्टिक्स और टेलीमेडिसिन (ऑनलाइन कंसल्टेशन) के ज़रिए कोरियाई डॉक्टरों से सीधे जुड़ सकेंगे. इससे जो लोग कोरिया नहीं भी आ सकते, वे भी वहां के डॉक्टर्स की सलाह ले सकेंगे.
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