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Jan Aushadhi Diwas: महंगी दवाओं से राहत, इस सरकारी योजना से 90% तक सस्ती मिल रही हैं दवाएं

Jan Aushadhi Diwas 2026: 7 मार्च को जन औषधि दिवस मनाया जाता है. यह एक ऐसा अभियान है जो लोगों को यह समझाने का प्रयास करता है कि जेनेरिक दवाएं भी उतनी ही सुरक्षित और प्रभावी होती हैं जितनी महंगी ब्रांडेड दवाएं.

Jan Aushadhi Diwas: महंगी दवाओं से राहत, इस सरकारी योजना से 90% तक सस्ती मिल रही हैं दवाएं
हर साल 7 मार्च को जन औषधि दिवस मनाया जाता है.

Jan Aushadhi Diwas 2026: भारत जैसे विशाल देश में हेल्थ सर्विस तक सभी की पहुंच एक बड़ी चुनौती रही है. खासकर दवाओं की कीमतें अक्सर मरीजों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक बोझ बन जाती हैं. कई बार लोग इलाज इसलिए अधूरा छोड़ देते हैं क्योंकि दवाएं बहुत महंगी होती हैं. ऐसे में सस्ती और क्वालिटी दवाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी हो जाती है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) की शुरुआत की. इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को कम कीमत पर अच्छी क्वालिटी वाली जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है. इस पहल को बढ़ावा देने और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 7 मार्च को जन औषधि दिवस मनाया जाता है.

जन औषधि दिवस सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अभियान है जो लोगों को यह समझाने का प्रयास करता है कि जेनेरिक दवाएं भी उतनी ही सुरक्षित और प्रभावी होती हैं जितनी महंगी ब्रांडेड दवाएं. इस अभियान के माध्यम से सरकार लोगों को सस्ती दवाओं का विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करती है.

क्या है जन औषधि दिवस? | What is Jan Aushadhi Diwas?

जन औषधि दिवस भारत के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय (Ministry of Chemicals and Fertilizers) के तहत डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल्स द्वारा आयोजित एक वार्षिक जागरूकता अभियान है. इसका उद्देश्य लोगों को जेनेरिक दवाओं के बारे में जानकारी देना और उन्हें सस्ती दवाओं के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना है.

इस अवसर पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जैसे स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान, मुफ्त जांच और परामर्श, जन औषधि केंद्रों के बारे में जानकारी इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बताया जाता है कि वे कम कीमत में भी अच्छी क्वालिटी की दवाएं प्राप्त कर सकते हैं.

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कैसे काम करती है जन औषधि योजना? | How Does the Jan Aushadhi Scheme Work?

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत देशभर में जन औषधि केंद्र खोले गए हैं. ये खासकर मेडिकल स्टोर होते हैं जहां आम लोगों को बहुत कम कीमत पर जेनेरिक दवाएं मिलती हैं.

इस योजना की कुछ खास बातें:

1. बेहद कम कीमत पर दवाएं: जन औषधि केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं आम ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक सस्ती होती हैं.

2. दवाओं की बड़ी रेंज: इस योजना के तहत 2000 से ज्यादा दवाएं और लगभग 300 सर्जिकल प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं.

3. कई बीमारियों की दवाएं: इन केंद्रों पर कई सामान्य और गंभीर बीमारियों की दवाएं मिलती हैं, जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, संक्रमण, कैंसर.

सबसे जरूरी बात यह है कि इन दवाओं की क्वालिटी सुनिश्चित करने के लिए इन्हें WHO-GMP मानकों को फॉलो करने वाली कंपनियों से खरीदा जाता है और सरकारी लैब में जांच भी की जाती है.

तेजी से बढ़ रहा है जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क

पिछले कुछ सालों में भारत में जन औषधि केंद्रों की संख्या तेजी से बढ़ी है. 2025 तक देश में लगभग 18,000 जन औषधि केंद्र काम कर रहे थे. सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक इनकी संख्या 25,000 तक पहुंचाई जाए.

आज ये केंद्र केवल बड़े शहरों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी खोले जा रहे हैं, ताकि हर व्यक्ति को सस्ती दवाएं मिल सकें. सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर दिन 10 लाख से ज्यादा लोग इन केंद्रों से दवाएं खरीदते हैं.

क्यों जरूरी हैं सस्ती दवाएं?

भारत में ज्यादातर लोग हेल्थ सर्विस का खर्च अपनी जेब से चुकाते हैं. ऐसे में अगर दवाएं महंगी हों, तो मरीज इलाज बीच में ही छोड़ सकता है.

सस्ती दवाओं के फायदे:

  • मरीज इलाज नियमित रूप से कर पाते हैं.
  • बीमारी की जटिलताएं कम होती हैं.
  • अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम पड़ती है.
  • परिवार पर आर्थिक बोझ कम होता है.

खासकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों में लंबे समय तक दवाएं लेनी पड़ती हैं. ऐसे में सस्ती दवाएं मरीजों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित होती हैं.

जन औषधि दिवस 2026 भारत की उस सोच का प्रतीक है जिसमें हर नागरिक को सस्ती और क्वालिटी हेल्थ सर्विसेज उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सरकार ने लाखों लोगों के लिए इलाज को ज्यादा सुलभ और किफायती बना दिया है.

हालांकि अभी भी जागरूकता और पहुंच से जुड़ी कुछ चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन इस योजना की सफलता यह दिखाती है कि सही नीतियों और प्रयासों से हेल्थ सर्विसेज को आम जनता तक पहुंचाया जा सकता है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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