क्या सेंधा नमक सामान्य नमक से ज्यादा हेल्दी है? बहुत से लोग व्रत और डाइट के दौरान इसका ज्यादा सेवन करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार सेंधा नमक में भी सोडियम होता है और इसकी अधिक मात्रा हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और किडनी की समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है.
सेंधा नमक को अक्सर सामान्य सफेद नमक से ज्यादा प्राकृतिक और सेहतमंद मानकर इस्तेमाल किया जाता है. खासकर व्रत और डाइट के दौरान लोग सेंधा नमक का सेवन बढ़ा देते हैं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सेंधा नमक भी आखिर नमक ही है और इसमें सोडियम की पर्याप्त मात्रा होती है. इसलिए इसे ज्यादा मात्रा में खाना भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सेंधा नमक को सामान्य नमक का ऐसा विकल्प नहीं माना जा सकता, जिसे बिना किसी सीमा के खाया जाए.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वयस्कों को प्रतिदिन 2,000 मिलीग्राम से कम सोडियम का सेवन करना चाहिए, जो लगभग 5 ग्राम नमक के बराबर है. जरूरत से ज्यादा सोडियम लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हाई ब्लड प्रेशर हृदय रोग तथा स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाने वाला प्रमुख कारण है.
सेंधा नमक के बारे में जरूरी बातें
- सेंधा नमक में भी सोडियम होता है
- ज्यादा सेवन से BP बढ़ सकता है
- किडनी और हार्ट मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए
- WHO 5 ग्राम से कम नमक लेने की सलाह देता है
- केवल नमक का प्रकार नहीं, कुल मात्रा ज्यादा महत्वपूर्ण है
किडनी पर क्यों पड़ सकता है असर?
किडनी शरीर में सोडियम और पानी का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. जब भोजन में सोडियम की मात्रा लगातार अधिक रहती है तो शरीर में पानी रुक सकता है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. लंबे समय तक अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है. WHO भी अधिक सोडियम सेवन को किडनी संबंधी बीमारी के बढ़ते जोखिम से जोड़ता है.
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सेंधा नमक खाने से किसी स्वस्थ व्यक्ति की किडनी तुरंत खराब हो जाएगी. समस्या मुख्य रूप से लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा सोडियम लेने की है. जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट फेलियर या शरीर में पानी जमा होने की समस्या है, उन्हें नमक की मात्रा को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
क्या सेंधा नमक से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है?
डॉक्टरों के मुताबिक सेंधा नमक और हार्ट अटैक के बीच कोई ऐसा सीधा संबंध नहीं है कि सेंधा नमक खाते ही हार्ट अटैक हो जाएगा. लेकिन यदि सेंधा नमक सहित किसी भी प्रकार के नमक का सेवन जरूरत से ज्यादा किया जाए और इससे ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रहे, तो लंबे समय में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. WHO के अनुसार अधिक सोडियम सेवन हाई ब्लड प्रेशर का प्रमुख कारण है और हाई ब्लड प्रेशर हृदय रोग, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाता है.
नमक में सोडियम क्यों मिलाया जाता है, देखें वीडियो -
डॉक्टर ने क्या कहा?
डॉक्टर विकास चोपड़ा, प्राइमस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी और कार्डियक कैथ लैब के निदेशक एवं प्रमुख*ने कहा, “सेंधा नमक को लेकर लोगों में यह धारणा है कि यह सामान्य नमक से पूरी तरह अलग और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है. यह धारणा सही नहीं है. सेंधा नमक में भी सोडियम होता है और शरीर को सोडियम की जरूरत सीमित मात्रा में ही होती है. यदि कोई व्यक्ति दिनभर के भोजन में जरूरत से ज्यादा सेंधा नमक ले रहा है तो इससे कुल सोडियम सेवन बढ़ सकता है.
इसका असर ब्लड प्रेशर पर पड़ सकता है और लंबे समय में हृदय तथा किडनी की सेहत प्रभावित हो सकती है. खासकर हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी, हार्ट डिजीज या डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार नमक की मात्रा तय करनी चाहिए.”
डॉक्टर के अनुसार, लोगों को केवल यह देखकर नमक का चुनाव नहीं करना चाहिए कि वह सेंधा है या सामान्य. सबसे महत्वपूर्ण बात कुल नमक और सोडियम की मात्रा है. पैकेज्ड स्नैक्स, अचार, पापड़, नमकीन, सॉस और प्रोसेस्ड फूड भी सोडियम के महत्वपूर्ण स्रोत हो सकते हैं.
विशेषज्ञों की सलाह है कि भोजन में नमक कम रखने के साथ ताजे और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जाए. WHO भी वयस्कों को प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक लेने की सलाह देता है.
यानी सेंधा नमक अपने आप में ‘जहर' नहीं है, लेकिन इसे ज्यादा खाना भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता. स्वस्थ व्यक्ति भी इसकी मात्रा सीमित रखे और जिन लोगों को ब्लड प्रेशर, हृदय या किडनी से जुड़ी समस्या है, वे डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार नमक का सेवन करें.
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