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हीटवेव का जानवरों पर कैसा असर होता है? भीषण गर्मी में देखभाल कैसे करें, किन बातों का रखें ख्याल, जानिए

Animal Care in Heatwave: हीटवेव से बकरियां, गाय-भैंस हो रहीं बीमार. तेज बुखार, डिहाइड्रेशन, दस्त का खतरा बढ़ा. ईद-उल-अजहा 2026 से पहले पशुपालक रहें सतर्क. एक्सपर्ट के 5 केयर टिप्स जानें.

हीटवेव का जानवरों पर कैसा असर होता है? भीषण गर्मी में देखभाल कैसे करें, किन बातों का रखें ख्याल, जानिए
ईद-उल-अजहा 2026 से पहले बकरियों की तबीयत बिगड़ने से पशुपालक भी चिंता में हैं. (AI Image)

Animal Heatstroke Prevention: देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि जानवरों के लिए भी बड़ी परेशानी बनती जा रही है. खासतौर पर बकरियां, गाय, भैंस और दूसरे पालतू जानवर तेज लू और गर्म हवाओं की वजह से तेजी से बीमार पड़ रहे हैं. कई जगहों पर पशु अस्पतालों में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ रही है, जहां जानवर तेज बुखार, डिहाइड्रेशन और दस्त जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. ईद-उल-अजहा 2026 से पहले बकरियों की तबीयत बिगड़ने से पशुपालक भी चिंता में हैं. एएनआई ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें पशु चिकित्सा अधिकारी विकास कुमार कहते हैं,पशु चिकित्सा अधिकारी विकास कुमार के मुताबिक, तेज गर्मी के कारण जानवरों को लगातार पानी और ठंडी जगह की जरूरत होती है. अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए, तो हीटवेव जानवरों की जान तक के लिए खतरा बन सकती है.

हीटवेव का जानवरों पर कैसा असर पड़ता है?

गर्मी का सीधा असर जानवरों के शरीर पर पड़ता है. इंसानों की तरह जानवर पसीने के जरिए शरीर का तापमान आसानी से कंट्रोल नहीं कर पाते. यही वजह है कि तेज धूप और गर्म हवाओं में उनका शरीर जल्दी गर्म हो जाता है.

हीटवेव के दौरान जानवरों में तेज सांस चलना, कमजोरी, भूख कम लगना, ज्यादा सुस्ती और शरीर का तापमान बढ़ना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. गंभीर स्थिति में डिहाइड्रेशन, दस्त और तेज बुखार की समस्या भी हो सकती है.

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पशु चिकित्सा अधिकारी विकास कुमार के अनुसार, “तेज लू के कारण जानवरों को तेज बुखार, डिहाइड्रेशन और यहां तक कि दस्त की भी समस्या हो रही है. इन मामलों में बकरियों की संख्या सबसे ज्यादा है.”

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बकरियों पर ज्यादा क्यों पड़ रहा असर?

बकरियां गर्मी के प्रति काफी संवेदनशील मानी जाती हैं. खुले में ज्यादा समय रहने और पर्याप्त पानी न मिलने से उनमें हीट स्ट्रेस तेजी से बढ़ सकता है. ईद-उल-अजहा से पहले कई लोग बकरियों की खरीद-बिक्री के लिए उन्हें बाहर लेकर जा रहे हैं, जिससे वे तेज धूप और लू की चपेट में आ रही हैं. लंबे समय तक धूप में रहने से उनकी तबीयत बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है.

हीटवेव में जानवरों की देखभाल कैसे करें? | How to Care for Animals During a Heatwave?

1. भरपूर पानी देना सबसे जरूरी

गर्मी में जानवरों के शरीर में पानी की कमी बहुत जल्दी हो जाती है. इसलिए उन्हें दिनभर साफ और ठंडा पानी उपलब्ध कराना जरूरी है. पानी के बर्तन को धूप से दूर रखें और बार-बार बदलते रहें.

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2. धूप में बाहर निकालने से बचें

दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक का समय सबसे ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान जानवरों को बाहर ले जाने से बचें. उन्हें छायादार और हवादार जगह पर रखें.

3. खाने में हल्का और पौष्टिक डाइट दें

गर्मी में जानवरों को ज्यादा भारी और सूखा चारा देने से परेशानी बढ़ सकती है. हरा चारा, मिनरल्स और पौष्टिक डाइट उनके शरीर को एनर्जी देने में मदद करता है.

4. शरीर को ठंडा रखने का करें इंतजाम

जानवरों के रहने वाली जगह पर हवा का अच्छा इंतजाम होना चाहिए. जरूरत पड़ने पर पानी का छिड़काव या पंखे का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.

5. बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

अगर जानवर लगातार सुस्त दिखे, खाना बंद कर दे, तेज सांस ले या दस्त और बुखार की समस्या हो, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें. विकास कुमार के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर जानवरों को ड्रिप चढ़ाई जाती है और एंटीबायोटिक या दर्द निवारक दवाएं भी दी जाती हैं.

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पशुपालकों को क्यों सतर्क रहने की जरूरत है?

हीटवेव का असर धीरे-धीरे जानवरों की सेहत कमजोर कर सकता है. इससे दूध उत्पादन कम होना, वजन घटना और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. अगर समय पर सावधानी बरती जाए और जानवरों को पर्याप्त पानी, आराम और सही देखभाल मिले, तो उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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