अस्पताल में भर्ती होने के बाद सबसे बड़ा डर इस बात का रहता है कि आखिर में बिल कितना बनेगा. कई बार तो बिल देखकर ही मरीज के होश उड़ जाते हैं. पर अब ऐसा नहीं चलेगा. केंद्र सरकार ने एक बहुत राहत देने वाला फैसला लिया है, जिससे आम आदमी को अपनी जेब का अंदाजा पहले ही लग जाएगा.
केंद्रीय स्वास्थ मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को साफ निर्देश दे दिया है कि हर अस्पताल और क्लिनिक को अपनी सभी सेवाओं का रेट बोर्ड पर साफ-साफ लिखना होगा.
मरीजों को कैसे मिलेगा सीधा फायदा
अक्सर देखा जाता है कि इलाज के दौरान हर छोटी-बड़ी जांच या सर्विस का अलग चार्ज जोड़ दिया जाता है, जिसके बारे में पहले कोई नहीं बताता. केंद्र के इस कदम से कई चीजें आसान होंगी:
- इलाज शुरू होने से पहले ही पता रहेगा कि किस जांच, बेड या सर्विस का कितना पैसा लगना है.
- मरीज के घरवाले अपने बजट के हिसाब से सही फैसला ले सकेंगे.
- सबसे बड़ी बात कि बिलिंग को लेकर अस्पताल और तीमारदारों के बीच होने वाले झगड़े और बेवजह के कन्फ्यूजन बंद होंगे.
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लोकल भाषा और अंग्रेजी, दोनों में दिखेगा रेट
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को चिट्ठी लिखकर यह नियम सख्ती से लागू करवाने को कहा है.
- रेट लिस्ट अस्पताल में ऐसी जगह लगानी होगी जहां हर किसी की नजर आसानी से पड़ सके.
- यह जानकारी सिर्फ अंग्रेजी में नहीं, बल्कि वहा की लोकल भाषा में भी लिखनी जरूरी होगी ताकि हर आम इंसान उसे समझ सके.
- जिन राज्यों में 'क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट' लागू है, वहां तो यह अनिवार्य है ही, बाकी राज्यों को भी अपने नियमों के तहत इसे तुरंत अमल में लाने को कहा गया है.
विदेशी मरीजों के लिए भी पैकेज रेट बताना जरूरी
भारत में बाहर के देशों से भी बहुत लोग मेडिकल और आयुष वीजा पर इलाज कराने आते हैं. सरकार ने साफ किया है कि इन अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए भी पैकेज रेट खुलकर डिसप्ले किए जाएं. इससे बाहर से आने वाले मरीजों को भी कोई ठग नहीं पाएगा और भारत के मेडिकल सिस्टम पर उनका भरोसा मजबूत होगा.
अब जेब पर नहीं पड़ेगा अचानक बोझ
सरकार की इस पहल का सीधा मकसद यह है कि मरीज सिर्फ एक ग्राहक बनकर न रह जाए, बल्कि उसे अपनी सेहत और जेब दोनों की सही जानकारी हो. अब राज्यों के अफसरों को जमीन पर उतरकर यह देखना होगा कि अस्पताल वाकई रेट बोर्ड लगा रहे हैं या मनमानी जारी है. यह कदम लागू होने से हर आम इंसान को राहत जरूर मिलेगी.
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