विज्ञापन
Story ProgressBack
This Article is From Jul 12, 2022

Estrogen Hormone: क्या है एस्ट्रोजन हॉर्मोन? जानें इसके लो या हाई होने से महिलाओं के शरीर में क्या असर पड़ता है

Estrogen Hormone: मेनोपॉज के बाद ये हार्मोन शरीर में कम बनते हैं, जिसका असर भी  शरीर पर दिखाई देने लगता है. लेकिन इससे पहले ही इस हार्मोन की मात्रा कम या ज्यादा हो जाए तो कुछ मश्किलों का सामना करना पड़ सकता है

Read Time: 4 mins
Estrogen Hormone: क्या है एस्ट्रोजन हॉर्मोन? जानें इसके लो या हाई होने से महिलाओं के शरीर में क्या असर पड़ता है
Estrogen Hormone: जानें क्यों महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन का संतुलन है जरूरी.

शरीर में मौजूद हर जरूरी तत्व के संतुलन की तरह शरीर में एस्ट्रोजन का बैलेंस होना भी बहुत जरूरी है. एस्ट्रोजन एक तरह का हार्मोन है जो महिलाओं के पूरे जीवन में खासी अहमियत रखता है. पहले माहवारी, फिर गर्भधारण से लेकर खाना पचाने तक में महिलाओं में ये हार्मोन बड़ी भूमिका अदा करता है. तकरीबन 12 साल की उम्र से लेकर औसतन 47 साल तक की उम्र तक ये हार्मोन शरीर में एक्टिव रहता है. मेनोपॉज के बाद ये हार्मोन शरीर में कम बनते हैं, जिसका असर भी  शरीर पर दिखाई देने लगता है. लेकिन इससे पहले ही इस हार्मोन की मात्रा कम या ज्यादा हो जाए तो कुछ मश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

क्या होता है एस्ट्रोजन हार्मोन- What Is Hormone?

Mood Swing: क्या है मूड-स्विंग? जानें लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

estrogen hormone


एस्ट्रोजन को महिलाओं में मौजूद सेक्स हार्मोन कहा जा सकता है. ये हार्मोन हर महिला के विकास के साथ साथ ग्रोथ और रिप्रोडक्शन के लिए बहुत जरूरी है. ये हार्मोन शरीर में बहने वाले खून के जरिए सभी ऑर्गन्स तक पहुंचता है. महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन का बैलेंस बना रहना बहुत जरूरी है. इस हार्मोन के कम या ज्यादा होने पर अलग अलग तरह की मुश्किलें हो सकती हैं. 

इस उम्र के बाद महिलाओं को नहीं होते Periods, जानें क्या है Menopause की सही एज, लक्षण और इलाज

एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने के लक्षण- Symptoms Of Low Estrogen Hormone:

  • एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने पर महिलाओं के पीरियड्स पर सबसे पहले असर पड़ता है. पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं. सिरदर्द और थकान भी महसूस होने लगती है. 
  • महिलाओं में अक्सर मूड स्विंग की शिकायत होती है. उसकी वजह भी इस हार्मोन का कम होना हो सकती है. 
  • डिप्रेशन और एकाग्रता में कमी के जरिए ये हार्मोन महिलाओं को मेंटली भी इफेक्ट करता है. 
  • जिन महिलाओं में एस्ट्रोजन की कमी होती है, उनकी हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं और फ्रेक्चर का खतरा बढ़ जाता है.

एस्ट्रोजन हार्मोन ज्यादा होने के लक्षण- Symptoms Of High Estrogen Hormone:

  • एस्ट्रोजन हार्मोन के ज्यादा होने से भी पीरियड्स में अनियमितता, सिरदर्द और थकान तो होती ही है. इसके अलावा भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
  • जरूरत से ज्यादा एस्ट्रोजन होने पर ब्रेस्ट में गठान हो सकती है.
  • इस हार्मोन की अधिकता से जूझ रही महिलाएं अनिद्रा  की शिकार भी हो जाती हैं.
  • हाथ पैर ठंडे रहना और बाल झड़ना भी इसका एक लक्षण है.
  • हार्मोन के बढ़ने का असर याददाश्त पर भी नजर आता है.

Low-Lying Placenta, Placenta Previa: क्या है लॉ लाइंग प्लेसेंटा,क्‍या करें अगर बच्‍चे की नाल हो नीचे

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
डार्क मोड/लाइट मोड पर जाएं
Our Offerings: NDTV
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • इंडिया
  • मराठी
  • 24X7
Choose Your Destination
Previous Article
दुबला पतला है शरीर, दिखता है हड्डियों का ढांचा, तो अपना लें बस ये 6 नियम, पतले शरीर पर चढ़ेगा मांस, महीनेभर में दिखेगा असर
Estrogen Hormone: क्या है एस्ट्रोजन हॉर्मोन? जानें इसके लो या हाई होने से महिलाओं के शरीर में क्या असर पड़ता है
किडनी पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालती हैं ये चीजें, आज ही छोड़ने में है भलाई, जानें हेल्दी किडनी के उपाय
Next Article
किडनी पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालती हैं ये चीजें, आज ही छोड़ने में है भलाई, जानें हेल्दी किडनी के उपाय
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
;