विज्ञापन

Cruise Ship पर फैला खतरनाक Hantavirus! इंसानों से इंसानों में भी फैल रहा संक्रमण, 3 मौतों के बाद भारत अलर्ट

Hantavirus: अमेरिका और यूरोप के कई देशों के स्वास्थ्य अधिकारी अलर्ट पर हैं. वे एक दुर्लभ हंतावायरस स्ट्रेन से संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने में जुटे हैं. यह वायरस एक क्रूज शिप पर फैलने के बाद चिंता का बड़ा कारण बन गया है. यह संक्रमण Andes नाम के दुर्लभ हंतावायरस स्ट्रेन से जुड़ा है, जो इंसान से इंसान में फैल सकता है.

Cruise Ship पर फैला खतरनाक Hantavirus! इंसानों से इंसानों में भी फैल रहा संक्रमण, 3 मौतों के बाद भारत अलर्ट
अब इंसानो से इंसानों में भी फैल रहा है हंतावायरस! ( AI Image)

Hantavirus: नीदरलैंड के क्रूज शिप MV Hondius पर हंतावायरस संक्रमण और 3 मौतों के मामले सामने आने के बाद भारत सरकार भी सतर्क हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर निगरानी और सर्विलांस बढ़ा दिया है. सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, भारत इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और National Centre for Disease Control (NCDC), Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP), World Health Organization (WHO) समेत कई अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के संपर्क में है.

इस मामले ने दुनियाभर का ध्यान इसलिए खींचा है क्योंकि इसमें Andes strain का हंतावायरस मिला है. यह ऐसा इकलौता हंतावायरस माना जाता है जो सीमित रूप से इंसान से इंसान में फैल सकता है. WHO के मुताबिक जहाज पर मिले 8 संदिग्ध मामलों में से 5 लोगों में वायरस की पुष्टि हो चुकी है.

भारत ने बढ़ाई निगरानी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत ने अपने हेल्थ सर्विलांस सिस्टम के तहत एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. IDSP-NCDC के Public Health Emergency Operations Centre (PHEOC) ने इस मामले पर एक हाई लेवल मीटिंग भी की, जिसमें कई बड़े अधिकारी शामिल हुए. बैठक में निगरानी व्यवस्था, तैयारी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल पर चर्चा हुई.

5 संक्रमित, 3 लोगों की मौत

WHO से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक MV Hondius जहाज पर अब तक 8 संभावित हंतावायरस केस मिले हैं, जिनमें से 5 की लैब रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इस संक्रमण से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है. WHO को मई के पहले हफ्ते में इस मामले की जानकारी दी गई थी. जहाज पर अलग-अलग देशों के यात्री और क्रू मेंबर मौजूद थे, इसलिए अब कई देशों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और निगरानी की जा रही है.

जहाज पर मौजूद हैं 2 भारतीय

स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस जहाज पर 2 भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं. फिलहाल दोनों में कोई लक्षण नहीं दिखे हैं और उन्हें निगरानी में रखा गया है. अधिकारियों का कहना है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं. अभी तक दोनों भारतीयों में संक्रमण की आशंका नहीं जताई गई है.

क्या है Andes Hantavirus?

WHO के मुताबिक हंतावायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों और दूसरे कृंतकों के यूरिन, लार और मल के संपर्क में आने से फैलता है. MV Hondius पर मिला वायरस Andes strain है, जो मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में पाया जाता है. खास बात यह है कि यही एक ऐसा हंतावायरस है जिसमें इंसान से इंसान में सीमित संक्रमण फैलने के सबूत मिले हैं. हालांकि इसके लिए लंबे और बहुत करीबी संपर्क की जरूरत होती है.

WHO की एक्सपर्ट मारिया वैन केरखोव ने कहा कि, “यह कोविड या फ्लू जैसा वायरस नहीं है. यह बहुत अलग तरीके से फैलता है.”

WHO ने कहा- खतरा फिलहाल कम

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक WHO ने फिलहाल इस संक्रमण से आम लोगों के लिए खतरे को कम बताया है. हालांकि वायरस का incubation period यानी लक्षण दिखने में समय ज्यादा लग सकता है, इसलिए निगरानी जारी रखी गई है.

अमेरिका की CDC एजेंसी के अनुसार, हंतावायरस के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे हो सकते हैं. इसमें बुखार, बदन दर्द और थकान शामिल हैं. गंभीर मामलों में सांस लेने में दिक्कत भी हो सकती है.

WHO क्या-क्या कर रहा है?

WHO इस मामले में कई तरह की अंतरराष्ट्रीय मदद और निगरानी कर रहा है, जैसे:

  • जांच और टेस्टिंग में मदद
  • संक्रमित लोगों की ट्रैकिंग
  • यात्रियों की निगरानी
  • सुरक्षित तरीके से जहाज से उतारने की व्यवस्था
  • देशों के बीच यात्रा समन्वय

क्यों जरूरी है निगरानी?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई दुर्लभ वायरस सामने आता है, जिसमें इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की थोड़ी भी संभावना हो, तो निगरानी बहुत जरूरी हो जाती है. भारत का IDSP और NCDC ऐसे अंतरराष्ट्रीय मामलों पर लगातार नजर रखते हैं ताकि समय रहते तैयारी की जा सके.

कोविड जैसी स्थिति नहीं

WHO और दूसरे विशेषज्ञ लगातार साफ कर रहे हैं कि यह स्थिति कोविड-19 जैसी नहीं है. यह वायरस हवा के जरिए आसानी से नहीं फैलता और संक्रमण के लिए लंबे समय तक करीबी संपर्क जरूरी होता है. फिलहाल WHO का कहना है कि आम लोगों के लिए खतरा कम है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी और जानकारी साझा करने का काम जारी रहेगा.

ये भी पढ़ें: चूहों से फैलने वाला Hantavirus कितना खतरनाक? क्या ये कोविड से भी ज्यादा घातक? WHO ने दिया जवाब

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com