- सूरत के बाबूभाई पटेल ने अपने ससुराल वालों पर झूठे मामलों में फंसाने और परेशान करने का आरोप लगाया है.
- उन्होंने जिला कलेक्टर को याचिका देकर सख्त कार्रवाई या इच्छामृत्यु की अनुमति की मांग की है.
- बाबूभाई ने पुलिस में कई शिकायतें कीं लेकिन कोई कार्रवाई न होने से वे निराश और परेशान हैं.
गुजरात के सूरत में एक वैवाहिक विवाद इतना बढ़ गया कि मामला इच्छामृत्यु की मांग तक पहुंच गया. एक स्थानीय व्यक्ति बाबूभाई पटेल ने जिला कलेक्टर को याचिका देकर आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी मोनिका चौहान, सास ताराबेन और साले दीपक चौहान उन्हें झूठे मामलों में फंसाकर लगातार परेशान कर रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि या तो उनके ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए या फिर उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए.
बाबूभाई पटेल का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस में शिकायत की. लेकिन उनकी बात पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वह बेहद निराश हो चुके हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वह कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे.
पटेल ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि उनकी पत्नी ने उनके पहले विवाह से हुए 12 वर्षीय बेटे की हत्या करने की कोशिश की थी. उन्होंने इस मामले में पहले भी पुलिस को शिकायत दी थी. लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई. अब उन्होंने इस मामले में दोबारा कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि सच्चाई सामने लाने के लिए उनके बेटे की काउंसलिंग कराई जा सकती है.
उन्होंने बताया कि हाल ही में वह अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे थे, जहां से उन्हें कुछ पुलिस अधिकारियों के पास भेजा गया और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया. लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उनका आरोप है कि सिर्फ इसलिए उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा क्योंकि वह पुरुष हैं. पटेल ने अपनी पत्नी पर पैसे ऐंठने का भी आरोप लगाया है. उनका कहना है कि तलाक के नाम पर उनसे पैसे की मांग की गई और वह उनकी चौथी शादी है, जबकि बेटा पहली शादी से है.
वहीं, पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच कई बार समझौता कराने की कोशिश की गई, लेकिन विवाद सुलझ नहीं सका. बाद में पत्नी अपने मायके चली गई और उसने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है, साथ ही भरण-पोषण के लिए अदालत में भी याचिका दी है. पुलिस के मुताबिक, हत्या के प्रयास से जुड़े आरोपों की जांच सबूतों के आधार पर की जाएगी और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी.
ये भी पढ़ें : कर्नाटक के सीएम तो बन गए DK, लेकिन बीजेपी-जेडीएस के साथ ही अपनों से भी चुनौतियां
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं