How Does Fertility Decrease: कई महिलाएं गर्भ धारण करने की कोशिश में महीनों या साल भी लगा देती हैं. दुर्भाग्य से यह एक आम समस्या है जो दुनिया भर में लाखों महिलाओं को प्रभावित करती है, जिसमें कई कारक योगदान दे सकते हैं. एक कारक जिसे अक्सर अनदेखा किया जाता है वह है एनीमिया, एक ऐसी स्थिति जिसमें रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन की कमी होती है. यह महिला प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है और इर्रेगुलर पीरियड्स, ओव्यूलेशन की समस्या और अन्य प्रजनन स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. इसके अलावा, एनीमिया गर्भावस्था और प्रसव के दौरान जटिलताओं के जोखिम को बढ़ा सकता है. इसलिए गर्भधारण से पहले इस स्थिति के बारे में जानना जरूरी है.
एनीमिया प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करता है? | How Does Anemia Affect Fertility?
एनीमिया महिलाओं में प्रजनन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है, जिससे प्रजनन प्रणाली कई तरह से प्रभावित हो सकती है. स्थिति अनियमित पीरियड्स का कारण बन सकती है या ओव्यूलेशन को पूरी तरह से रोक भी सकती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि शरीर मस्तिष्क और हार्ट जैसे जरूरी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने को प्राथमिकता देता है, जिससे प्रजनन प्रणाली सहित शरीर के अन्य भागों के लिए कम ऑक्सीजन बचता है. नतीजतन अंडाशय ठीक से काम नहीं कर सकते हैं, जिससे महिला को गर्भधारण करने में मुश्किल होती है. इसके अलावा अगर कोई महिला गर्भवती हो जाती है तो एनीमिया गर्भपात या समय से पहले जन्म का खतरा बढ़ा सकता है. खून में ऑक्सीजन की कमी भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकती है, जिससे गर्भावस्था के दौरान कॉम्प्लीकेशन हो सकती हैं.
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एनीमिया से कैसे निपटें? | How To Deal With Anemia?
एनीमिया का इलाज किया जा सकता है और प्रोपर मैनेजमेंट के साथ फर्टिलिटी रिजल्ट में सुधार करना संभव है. यहां कुछ स्टेप्स दिए गए हैं जो महिलाएं इस कंडिशन को मैनेज करने के लिए उठा सकती हैं.
अपनी डाइट में सुधार करें: एनीमिया को मैनेज करने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है अपनी डाइट में सुधार करना है. इसका मतलब है आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 से भरपूर फूड्स का सेवन करना. रेड ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन के लिए आयरन जरूरी है, जबकि भ्रूण की ग्रोथ के लिए फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 की जरूरत होती है, जिन फूड्स में आयरन अधिक होता है उनमें रेड मीट, पोल्ट्री, सीफूड, बीन्स, पालक और फोर्टिफाइड अनाज शामिल हैं. फोलिक एसिड पत्तेदार हरी सब्जियों, खट्टे फलों में पाया जाता है और विटामिन बी 12 मांस, मछली और डेयरी प्रोडक्ट्स में पाया जाता है.
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आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 से भरपूर फूड्स का सेवन करें. Photo Credit: iStock
सप्लीमेंट्स लें: अगर आप अपनी डाइट के जरिए आयरन, फोलिक एसिड या विटामिन बी 12 नहीं ले पा रहे हैं, तो आपका डॉक्टर सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दे सकता है. इन्हें गोलियों या इंजेक्शन के रूप में लिया जा सकता है.
किसी भी गंभीर बीमारी का इलाज करें: एनीमिया एक गंभीर बीमारी के कारण हो सकता है, जैसे कि हैवी पीरियड्स ब्लीडिंग या एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर.
सेल्फ केयर प्रैक्टिस करें: डाइट में सुधार करने और सप्लीमेंट डाइट लेने के अलावा सेल्फ केयर करना भी जरूरी है. इसका मतलब पर्याप्त आराम करना, तनाव कम करना और उन बिहेवियर से बचना है जो एनीमिया को बढ़ा सकते हैं, जैसे धूम्रपान या अत्यधिक शराब पीना.
फर्टिलिटी ट्रीटमेंट: अगर आपको एनीमिया के कारण गर्भवती होने में कठिनाई हो रही है, तो आप फर्टिलिटी ट्रीटमेंट पर विचार कर सकती हैं. इनमें ओव्यूलेशन या इन विट्रो निषेचन को उत्तेजित करने वाली दवाएं शामिल हो सकती हैं.
एनीमिया का महिला प्रजनन क्षमता पर प्रभाव पड़ सकता है. आयरन की कमी से एनीमिया खासतौर से इनफर्टिलिटी, गर्भपात और गर्भावस्था के खराब परिणामों से जुड़ा हुआ है. डायग्नोस और इलाज के लिए अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर से मिलना जरूरी है, क्योंकि प्रजनन क्षमता के लिए स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती का ख्याल रखना जरूरी है.
(डॉ. ज्योति पाटिल मिलन फर्टिलिटी एंड बर्थिंग हॉस्पिटल, इंदिरानगर, बैंगलोर में सीनियर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन स्पेशलिस्ट हैं)
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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