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इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली बार-बार खाते हैं? सरकार पैकेट पर लिखवाएगी बड़ी चेतावनी

AIIMS Delhi ने Breast Cancer की जल्द पहचान के लिए AI आधारित तकनीक विकसित की है. यह AI मैमोग्राफी रिपोर्ट का विश्लेषण कर कैंसर के खतरे का संकेत दे सकती है, जिससे छोटे शहरों की महिलाओं को भी फायदा मिलेगा.

इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली बार-बार खाते हैं? सरकार पैकेट पर लिखवाएगी बड़ी चेतावनी
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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनचाहे गर्भ से बचने के लिए इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल बहुत आम हो गया है. मेडिकल स्टोर पर जाकर लोग बिना सोचे-समझे इसे खरीद लेते हैं. कई लोग तो इसे हर महीने की आम गोली समझने की भूल कर बैठते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इमरजेंसी पिल का बार-बार इस्तेमाल शरीर के हार्मोन्स का पूरा संतुलन बिगाड़ सकता है. इसी खतरे को देखते हुए अब केंद्र सरकार ने एक बड़ा और जरूरी कदम उठाने की तैयारी कर ली है.

केंद्र सरकार ने Levonorgestrel युक्त इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियों के लिए नए पैकेजिंग नियम प्रस्तावित किए हैं. प्रस्ताव के अनुसार, दवा के पैकेट पर मोटे अक्षरों में चेतावनी लिखी जाएगी कि यह केवल आपात स्थिति में इस्तेमाल की जाने वाली गोली है, नियमित गर्भनिरोधक का विकल्प नहीं.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने लिवोनोर्गेस्ट्रेल (Levonorgestrel) साल्ट वाली इन गोलियों के लिए नए नियम का प्रस्ताव रखा है. यह वही दवा है जो बाजार में 0.75 mg और 1.5 mg की डोज में अलग-अलग ब्रांड नामों से आसानी से मिल जाती है. आइए समझते हैं कि सरकार का यह नया नियम क्या है और एक आम इंसान को इससे क्या सीख मिलती है.

इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली क्या होती है?

इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली असुरक्षित यौन संबंध या गर्भनिरोधक उपाय विफल होने की स्थिति में गर्भधारण के जोखिम को कम करने के लिए इस्तेमाल की जाती है. यह नियमित परिवार नियोजन का विकल्प नहीं मानी जाती.

इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोली केवल आपात स्थिति के लिए होती है. इसे नियमित गर्भनिरोधक के विकल्प के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

डॉ. नूपुर गुप्ता फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (FMRI), गुरुग्राम में प्रसूति एवं स्त्री रोग (Obstetrics & Gynaecology) विभाग की निदेशक

Emergency Pill कब लेनी चाहिए?

  • असुरक्षित यौन संबंध के बाद
  • कंडोम फटने पर
  • नियमित गर्भनिरोधक गोली छूट जाने पर
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार विशेष परिस्थितियों में

दवा के पैकेट पर साफ-साफ लिखी होगी यह चेतावनी

सरकार का मानना है कि जानकारी के अभाव में लोग इस गोली का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. इसीलिए ड्रग्स रूल्स 1945 के शेड्यूल K में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया गया है. अब दवा कंपनियों को पैकेट के ऊपर और अंदर की पर्ची पर मोटे अक्षरों में ये बातें लिखनी होंगी:

यह केवल इमरजेंसी गोली है: इसे सिर्फ आपात स्थिति में ही लिया जाना चाहिए, इसे रोज-रोज का नुस्खा न बनाएं.
नियमित गर्भनिरोधक नहीं: इसे परिवार नियोजन की सामान्य गोली की तरह बार-बार इस्तेमाल करने की सख्त मनाही है.
बार-बार खाने से बड़ा नुकसान: पैकेट पर साफ लिखा होगा कि इस गोली को बार-बार लेने से शरीर को गंभीर साइड इफेक्ट्स झेलने पड़ सकते हैं.
डॉक्टर से मिलें: परमानेंट या रेगुलर उपाय के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल या डाक्टर की सलाह लेने की हिदायत दी जाएगी.
यह एबॉर्शन पिल नहीं है: कई लोगों को यह गलतफहमी होती है कि यह बच्चा गिराने की गोली है. सरकार साफ कर रही है कि यह गर्भपात की दवा बिल्कुल नहीं है.
बीमारी से कोई बचाव नहीं: यह गोली एचआईवी (HIV) या किसी अन्य गुप्त रोग से कोई सुरक्षा नहीं देती.

सरकार को आखिर यह फैसला क्यों लेना पड़ा

असल में हमारे समाज में इन गोलियों को लेकर बहुत सी गलतफहमियां फैली हुई हैं. बहुत से नौजवान लड़के-लड़कियां इसे सामान्य गोली समझकर महीने में दो-तीन बार गटक लेते हैं.

  • डॉक्टरों का कहना है कि लिवोनोर्गेस्ट्रेल में भारी मात्रा में हार्मोन्स होते हैं.
  • इसे बार-बार खाने से महिलाओं का मासिक धर्म यानी पीरियड का चक्र पूरी तरह गड़बड़ा जाता है.
  • लगातार इस्तेमाल से भारी पेट दर्द, उल्टी, कमजोरी और भविष्य में मां बनने में भी अड़चनें आ सकती हैं.
  • इसी लापरवाही को रोकने के लिए सरकार ने सीधे पैकेट पर ही खतरे की घंटी छापने का मन बनाया है.

सरकार के प्रस्तावित नियम की 5 बड़ी बातें

Emergency Pill पर अनिवार्य चेतावनी
नियमित गर्भनिरोधक की तरह इस्तेमाल न करने की सलाह
संभावित जोखिमों का उल्लेख
डॉक्टर से सलाह लेने की हिदायत
यह गर्भपात की गोली नहीं है, इसका स्पष्ट उल्लेख

कब से लागू होगा यह नया नियम

स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिलहाल इस बदलाव का ड्राफ्ट जारी किया है. सरकार ने आम जनता, डॉक्टरों और दवा कंपनियों से 30 दिनों के भीतर अपनी राय और सुझाव मांगे हैं.
इन सुझावों पर विचार करने के बाद सरकार फाइनल अधिसूचना जारी करेगी, जिसके बाद सभी दवा कंपनियों को अपनी पैकिंग बदलनी होगी.

अपनी सेहत के साथ कभी न करें खिलवाड़

इमरजेंसी पिल वाकई सिर्फ उस वक्त के लिए होती है जब कोई और चारा न बचा हो. इसे आदत बनाना अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करने जैसा है. अगली बार जब भी ऐसी नौबत आए, तो पैकेट पर लिखी चेतावनी को ध्यान से पढ़ें और बेहतर यही होगा कि अपनी मर्जी से गोली खाने के बजाय किसी महिला रोग विशेषज्ञ से सही और सुरक्षित तरीके के बारे में बात करें. थोड़ी सी समझदारी आपको बहुत बड़ी परेशानी से बचा सकती है.

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