राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले को डॉक्टरों ने मानसून सत्र से पहले दो हफ्ते तक वॉइस रेस्ट (Voice Rest) करने की सलाह दी है. जिसके बाद से वो कुछ समय तक मीडिया से दूरी बनाएं रखेंगी और इसी के साथ रैलियों में भी शामिल नहीं होंगी. ऐसे में मन में सवाल उठता है कि आखिर गले में ऐसा क्या हो जाता है कि डॉ. बोलने तक से मना कर देते हैं?
सुप्रिया सुले ने इस बारे में जानकारी साझा करते हुए कहां कि,"मैंने अभी-अभी अपने गले और आवाज के संबंध में डॉ. मिलिंद कीर्तने से मुलाकात की. उन्होंने मेरे गले में थोड़ी सूजन का पता लगाया है और आवाज को पूरी तरह से आराम देने की सलाह दी है." सुले ने यह भी कहा कि वो आवाज की थेरेपी कराएंगी और उन्हें अगले एक से दो सप्ताह तक भाषणों, साक्षात्कारों और लंबे समय तक बोलने से बचेंगी.
गले में इंफेक्शन क्या होता है?
जब गले में कोई वायरस, बैक्टीरिया या किसी दूसरी वजह से गले में सूजन आ जाती है, तो ऐसे में इसे गले का इंफेक्शन कहा जाता है. कई बार सिर्फ गले में दर्द होता है, कई मामलों में आवाज बैठ जाती है और बोलने में काफी ज्यादा तकलीफ होती है. अगर इंफेक्शन वोकल कॉर्ड तक पहुंच जाता है तो ऐसे में डॉक्टर कुछ दिनों तक कम बोलने या बिल्कुल न बोलने की सलाह दे सकते हैं. ऐसा करने से वोकल कॉर्ड को रेस्ट मिलता है. जिससे जल्दी राहत मिलती है.
गले में इंफेक्शन क्यों होता है?
गले में इंफेक्शन होने की कई वजह हो सकती हैं-
- वायरल इंफेक्शन (सर्दी-जुकाम या फ्लू)
- बैक्टीरियल इंफेक्शन (जैसे स्ट्रेप थ्रोट)
- लंबे समय तक लगातार बोलने या फिर जोर-जोर से बोलने की वजह से
- धूल, धुआं या पॉल्यूशन की वजह से
- स्मोकिंग
- एसिड रिफ्लक्स (पेट का एसिड गले तक आना)
- मौसम में बदलाव, खासकर मानसून और सर्दियों के दौरान
गले में इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं?
- गले में दर्द या जलन होना
- निगलने में तकलीफ होना
- आवाज बैठ जाना या भारी हो जाना
- खांसी
- बुखार
- गले में सूजन
- गर्दन की ग्रंथियों में सूजन
कैसे होता है इलाज?
गले में इंफेक्शन का इलाज इस बात पर डिपेंड करता है कि ये वायरस है फिर किसी बैक्टीरिया की वजह से हुआ है.
- वायरल इंफेक्शन होने पर गुनगुने पानी से गरारे करनें, पर्याप्त मात्रा में पानी और लक्षणों को देखते हुए दवाओं का सेवन करने से आराम मिल सकता है.
- गले में इंफेक्शन होने पर कई बार डॉक्टर जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक भी देते हैं.
- अगर इंफेक्शन या बैक्टीरिया की वजह से आवाज पर ज्यादा असर पड़ा हो तो, डॉ Voice Rest यानी कम से कम बोलने की सलाह दी जाती है.
- गुनगुने नमक वाले पानी से गरारे करने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह भी दी जाती है.
Voice Rest क्यों जरूरी होता है?
डॉ जब वोकल रेस्ट देते हैं वो इसलिए क्योंकि ज्यादा बोलने पर वोकल कॉर्ड जिसमें पहले से ही सूजन होती है उस पर दबाव पड़ता है. ऐसा करने से सूजन बढ़ सकती है और गले को ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है. इसलिए डॉक्टर कुछ दिनों तक कम बोलने या बिल्कुल न बोलने की सलाह देते हैं, ताकि वोकल कॉर्ड को आराम मिल सके.
कैसे करें बचाव?
- खूब सारा पानी पिएं.
- स्मोकिंग और धुएं से बचें.
- ज्यादा तेज आवाज में और लगातार न बोलें
- हाथों का साफ-सफाई का ध्यान रखें, ताकि वायरल संक्रमण होने का खतरा कम हो.
- सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाएं और दवा लें.
- अगर आवाज को बैठे 2 हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं, गले में तेज दर्द हो या सांस लेने में दिक्कत हो, तो डॉक्टर से तुरंक संपर्क करें.
गले का इंफेक्शन अमूमन कुछ मामलों में तो कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन अगर आवाज लगातार और ज्यादा दिनों तक बैठी रहे और लक्षण गंभीर हो तो लापरवाही न करते हुए डॉक्टर को दिखाएं. इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेना या एंटीबायोटिक शुरू करना सही नहीं है.
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