Childhood Fatty Liver Disease: आज तक फैटी लिवर को बड़ों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह समस्या तेजी से बच्चों में भी बढ़ती जा रही है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि आज हर 7 में से 1 बच्चा फैटी लिवर की चपेट में आ रहा है. यह आंकड़ा सिर्फ डराने के लिए नहीं, बल्कि माता-पिता को सतर्क करने के लिए काफी है. बदलती लाइफस्टाइल, मोबाइल-टीवी से चिपके रहना, जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और फिजिकल एक्टिविटी की कमी ने बच्चों की सेहत पर गहरा असर डाला है. फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है. अगर समय रहते इसे नहीं पहचाना गया, तो आगे चलकर यह डायबिटीज, हार्मोनल प्रॉब्लम और यहां तक कि लिवर डैमेज का कारण भी बन सकता है.
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि फैटी लिवर शुरुआत में कोई तेज लक्षण नहीं दिखाता, इसलिए माता-पिता अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि बच्चों में फैटी लिवर क्या है, इसके लक्षण कैसे पहचानें और किन आदतों से बच्चों को तुरंत बचाना जरूरी है.
बच्चों में फैटी लिवर क्या होता है? | What Is Fatty Liver in Children?
जब बच्चे के लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है, तो उसे फैटी लिवर कहा जाता है. मेडिकल भाषा में इसे नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) कहा जाता है, क्योंकि बच्चों में यह शराब से नहीं बल्कि गलत खानपान और लाइफस्टाइल से होता है.
फैटी लिवर के शुरुआती संकेत कैसे पहचानें? | How to Recognize the Early Signs of Fatty Liver?
1. बहुत ज्यादा थकान महसूस होना
अगर बच्चा बिना ज्यादा मेहनत के भी थका-थका रहता है, खेलकूद में मन नहीं लगता या हर समय सुस्ती रहती है, तो यह लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है.
2. स्किन डार्कनेस बढ़ना
खासकर गर्दन, बगल या कोहनी के पास त्वचा का काला पड़ना (Acanthosis Nigricans) इंसुलिन रेजिस्टेंस और फैटी लिवर की ओर इशारा करता है.
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3. पेट के ऊपर दायीं तरफ दर्द या भारीपन
लिवर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में होता है. वहां दर्द, खिंचाव या भारीपन महसूस होना फैटी लिवर का संकेत हो सकता है.
4. उल्टी और भूख कम लगना
अगर बच्चे को बार-बार मतली आती है या पहले जैसा खाने का मन नहीं करता, तो यह पाचन और लिवर की गड़बड़ी से जुड़ा हो सकता है.

5. अचानक वजन बढ़ना
बिना ज्यादा खाने के भी वजन तेजी से बढ़ना फैटी लिवर का सबसे आम संकेत है, खासकर अगर पेट के आसपास चर्बी जमा हो रही हो.
वैज्ञानिक शोध क्या कहते हैं?
एक बड़ी स्टडी के अनुसार दुनिया भर के बच्चों में फैटी लिवर की औसत दर लगभग 13% है और मोटे (obese) बच्चों में यह दर लगभग 47% तक भी पहुंच जाती है. यानी मोटापे से ग्रस्त बच्चों में फैटी लिवर बहुत आम है.
एक अन्य शोध के मुताबिक सामान्य बच्चों में फैटी लिवर की दर लगभग 7.6% है, जबकि मोटे बच्चों में यह दर लगभग 34.2% पाई गई.
भारत में स्थिति कैसी है?
भारत में फैटी लिवर बच्चों में भी तेजी से मिल रहा है. एक विश्लेषण में बताया गया है कि भारत में बच्चों में NAFLD का अनुमानित प्रसार करीब 35.4% है.
क्यों बढ़ रही है बच्चों में फैटी लिवर की समस्या?
- जरूरत से ज्यादा जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड.
- मीठे ड्रिंक्स और कोल्डड्रिंक्स.
- मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम्स.
- बाहर खेलना और फिजिकल एक्टिविटी कम होना.
- पानी कम पीना.
बच्चों को किन चीजों से तुरंत बचाना चाहिए? | What Things Should Children be Protected From Immediately?
1. टीवी के सामने बैठकर खाना
टीवी या मोबाइल देखते हुए खाने से बच्चा जरूरत से ज्यादा खा लेता है और उसे यह भी पता नहीं चलता कि पेट भर चुका है. इससे ओवरईटिंग और फैट जमा होने लगता है.
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2. कोल्डड्रिंक्स और पैकेट जूस
कोल्डड्रिंक्स में शुगर और केमिकल्स की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. ये सीधे लिवर में फैट जमा करने का काम करते हैं. बच्चों के लिए यह सबसे खतरनाक आदतों में से एक है.

3. पानी कम पीना
पानी की कमी से शरीर का मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते. यह लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालता है.
फैटी लिवर से बचाव के लिए क्या करें?
- बच्चे को रोज कम से कम 1 घंटा फिजिकल एक्टिविटी कराएं.
- घर का बना ताजा खाना दें.
- फल, सब्जियां और फाइबर डाइट में शामिल करें.
- स्क्रीन टाइम सीमित करें.
- मीठे स्नैक्स की जगह हेल्दी ऑप्शन दें.
- पर्याप्त नींद और पानी की आदत डालें.
माता-पिता के लिए जरूरी मैसेज:
फैटी लिवर कोई उम्र देखकर नहीं आता. आज की लाइफस्टाइल में यह बीमारी बच्चों को भी तेजी से अपना शिकार बना रही है. अच्छी बात यह है कि शुरुआती स्टेज में फैटी लिवर पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है, बस जरूरत है समय पर पहचान और सही आदतों की. अगर बच्चे में ऊपर बताए गए लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं और साथ ही घर में हेल्दी लाइफस्टाइल को प्राथमिकता दें.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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