HIV के इलाज की दिशा में दुनिया को पहली बार ऐसी उम्मीद मिली है जो सिर्फ कंट्रोल नहीं, बल्कि इस बीमारी को हमेशा के लिए खत्म करने का रास्ता खोल सकती है. वैज्ञानिकों ने एक क्रिस्पर बेस्ड थेरैपी तैयार की है, जिसने लैब टेस्ट में संक्रमित ह्यूमन सेल्स से HIV का डीएनए हटा दिया और वायरस को दोबारा लौटने का मौका भी नहीं दिया. यह पहली बार है जब किसी तकनीक ने वायरस के जेनेटिक मैटीरियल को सीधे टारगेट करके उसे सेल के जीनोम से बाहर निकालने में कामयाबी दिखाई है.
HIV का रिबाउंड नहीं होगा-
अभी तक HIV के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीरिट्रोवायरल थेरेपी केवल वायरस को दबाती है, उसे खत्म नहीं करती. मरीजों को रोजाना दवाइयां लेनी पड़ती हैं और जैसे ही दवाइयां बंद होती हैं, वायरस फिर से एक्टिव हो जाता है. लेकिन इस नए क्रिस्पर ट्रीटमेंट ने दिखाया कि अगर वायरस की जड़ यानी उसका डीएनए ही मिटा दिया जाए, तो HIV को वापस आने का कोई रास्ता नहीं बचेगा. लैब में हुए प्रयोगों में संक्रमित सेल्स ने किसी भी तरह की वायरल रिप्लिकेशन या रिबाउंड नहीं दिखाया, जो अब तक संभव नहीं था.
ये भी पढ़ें- जवानी में सफेद हो गए बाल? तो जान लें कम उम्र में बाल सफेद होने के कारण और बचने का उपाय
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
क्रिस्पर तकनीक एक तरह की जेनेटिक कैंची की तरह काम करती है. वैज्ञानिकों ने इसे इस तरह डिजाइन किया कि यह HIV के डीएनए को पहचान कर काट दे और सेल को साफ कर दे. इसका सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि भविष्य में HIV का इलाज एक बार के ट्रीटमेंट से संभव हो, जिससे मरीजों को जिंदगीभर दवाइयां लेने की जरूरत न पड़े.
शुरुआती कामयाबी है ये-
हालांकि रिसर्च टीम ने साफ किया है कि अभी यह स्टेज शुरुआती है और इसे ह्यूमन ट्रायल तक पहुंचने में समय लगेगा. सुरक्षा, साइड इफेक्ट्स और शरीर की प्रतिक्रिया जैसे कई सवाल अभी बाकी हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि HIV को पूरी तरह मिटा दिया गया है, लेकिन ये नतीजे इस दिशा में उठाया गया अब तक का सबसे मजबूत कदम हैं. अगर यह थेरेपी क्लिनिकल ट्रायल में सफल होती है, तो यह महामारी बन चुके HIV/AIDS के खिलाफ दुनिया की लड़ाई को नई दिशा दे सकती है. लाखों लोग जो आजीवन दवाइयों पर निर्भर हैं, उन्हें पहली बार पूरी आज़ादी की उम्मीद मिल सकती है.
अस्थमा का इलाज क्या है? डॉक्टर से जानिए
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं