इंदौर के बेटे मेजर हमज़ा आरिफ ने देश की सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी. 31 साल के मेजर हमजा शहर के राजेंद्र नगर क्षेत्र के रहने वाले थे. वर्तमान में वे राजस्थान के जैसलमेर जिले में पदस्थ थे. गुरुवार 30 जुलाई की रात ड्यूटी से वापस लौटते समय उनका सैन्य वाहन सड़क पर अचानक आए एक ऊंट से टकराकर अनियंत्रित होकर पलट गया. हादसे में मेजर हमज़ा आरिफ शहीद हो गए, जबकि उनके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए.
एक महीने पहले हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, मेजर हमज़ा आरिफ पिछले 9 वर्षों से भारतीय सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे थे. महज एक महीने पहले ही उनका विवाह हुआ था. हाथों की मेहंदी का रंग भी पूरी तरह नहीं छूटा था कि इससे पहले उनकी शहादत की खबर आ गई.

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घर में पसरा मातम
मेजर हमज़ा आरिफ के पिता आरआर कैट से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, परिवार में माता-पिता और तीन बहनें हैं. हमजा की शहादत की खबर आने के बाद से सभी का बुरा हाल है. उनकी पत्नी बार-बार बेसुध हो रही हैं.
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कल 1 अगस्त को इंदौर आएगा शव
मेजर हमज़ा का पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर तक इंदौर पहुंचने की संभावना है, जहां सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी. इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है. हादसे की जानकारी मिलते ही राऊ विधायक मधु वर्मा, स्थानीय जन प्रतिनिधियों और नागरिकों ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.
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