Minoxidil Risks Benefits and Risks: आज के समय में बाल झड़ना केवल उम्र की समस्या नहीं रह गई है. कम उम्र में ही बालों का पतला होना, हेयरलाइन का पीछे जाना और गंजेपन के लक्षण दिखना लोगों के लिए मानसिक तनाव का कारण बन रहा है. ऐसे में मिनोक्सिडिल टॉपिकल सॉल्यूशन या फोम को बालों के झड़ने का सबसे आम और असरदार इलाज माना जाता है. लेकिन, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो और रिपोर्ट्स के बाद एक सवाल तेजी से उठ रहा है क्या मिनोक्सिडिल जानलेवा हो सकती है? इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि मिनोक्सिडिल क्या है, यह कैसे काम करती है, इसके संभावित साइड इफेक्ट्स क्या हैं और किन लोगों को इसे इस्तेमाल करते समय ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए.
मिनोक्सिडिल क्या है और कैसे काम करती है?
मिनोक्सिडिल एक ऐसी दवा है, जिसे मुख्य रूप से एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया यानी वंशानुगत बालों के झड़ने में इस्तेमाल किया जाता है. यह स्कैल्प में ब्लड फ्लो बढ़ाकर बालों की जड़ों (हेयर फॉलिकल्स) को एक्टिव करती है, जिससे नए बाल उगने में मदद मिलती है और झड़ना धीमा होता है. यह दवा आमतौर पर 2 प्रतिशत और 5 प्रतिशत सॉल्यूशन या फोम के रूप में मिलती है.
क्या WHO मिनोक्सिडिल को खतरनाक मानता है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World Health Organization) सीधे तौर पर मिनोक्सिडिल के साइड इफेक्ट्स की कोई अलग लिस्ट जारी नहीं करता. WHO का काम दवाओं की सेफ्टी से जुड़ा डेटा इकट्ठा करना और उसे मॉनिटर करना है. दूसरी ओर, FDA (US Food and Drug Administration) और अन्य रेगुलेटरी संस्थाएं मिनोक्सिडिल के साइड इफेक्ट्स पर नजर रखती हैं.
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इसके अलावा मायो क्लिनिक, NCBI और रिव्यू ऑफ ऑप्टोमेटरी जैसी संस्थाओं में प्रकाशित केस रिपोर्ट्स और स्टडीज में कुछ दुर्लभ लेकिन गंभीर साइड इफेक्ट्स का जिक्र मिलता है, जिन्हें डॉक्टर ध्यान में रखते हैं.
क्या मिनोक्सिडिल जानलेवा हो सकती है?
साफ शब्दों में कहें तो, मिनोक्सिडिल से जान का खतरा बहुत ही रेयर (बहुत कम) है, खासकर तब जब इसे सही तरीके और सही मात्रा में लगाया जाए. लेकिन, एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि यह दवा कुछ खास स्थितियों में खतरनाक साबित हो सकती है, जैसे:
- छोटे बच्चे: गलती से मिनोक्सिडिल निगल लेने पर गंभीर असर हो सकता है.
- पेट्स (खासकर बिल्ली और कुत्ते): इनके लिए मिनोक्सिडिल बेहद टॉक्सिक हो सकती है.
- गर्भवती महिलाएं और ब्रेस्टफीडिंग मांएं: बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
क्या सच में आंखों से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं?
कुछ रिपोर्ट्स में यह सामने आया है कि मिनोक्सिडिल के इस्तेमाल से आंखों में जलन, धुंधला दिखना या आंखों के आसपास सूजन जैसी समस्याएं हुई हैं. यह आमतौर पर तब होता है जब दवा गलती से आंखों में चली जाए या हाथ ठीक से न धोए जाएं. अगर मिनोक्सिडिल लगाने के बाद आंखों से धुंधला दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
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सही तरीका क्या है? एक्सपर्ट की जरूरी सलाह
मिनोक्सिडिल को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने के लिए एक्सपर्ट्स ये जरूरी बातें बताते हैं:
- सोने से कम से कम 1 घंटे पहले मिनोक्सिडिल लगाएं, ताकि यह पूरी तरह सूख जाए.
- गीले बालों या गीले स्कैल्प पर कभी न लगाएं.
- लगाने के बाद हाथों को एक नहीं, दो बार अच्छे से धोएं.
- दवा लगाने के बाद सिर को हल्के कपड़े से कवर कर लें.
- पिलो कवर और बेडशीट को 2–3 दिन में जरूर धोएं, क्योंकि मिनोक्सिडिल का दाग साफ करना मुश्किल होता है.
- बच्चों और पेट्स की पहुंच से इसे दूर रखें.
मिनोक्सिडिल एक प्रभावी और आमतौर पर सुरक्षित दवा है, लेकिन यह 100% बेफिक्र होकर इस्तेमाल करने की चीज नहीं है. सही जानकारी, सही तरीका और डॉक्टर की सलाह के साथ इसका उपयोग करने से फायदे ज्यादा और जोखिम बेहद कम रहते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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