दिवाली, भाई दूज, छठ जैसे त्योहारों की भीड़ में बच्चों को सुरक्षित रखना पेरेंट्स के लिए सबसे बड़ा टास्क हो जाता है. क्योंकि इन त्योहारों की भीड़ के चलते बच्चों को इंफेक्शन, खाने में परेशानी, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, जिसकी वजह से मास्क पहनना बहुत ही जरूरी हो जाता है. लेकिन 2 साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क नहीं पहना सकते. ऐसे में माता-पिता अक्सर परेशान रहते हैं कि त्योहारों के इस सीजन में छोटे बच्चों को किस तरह से सुरक्षित रखें? अगर आप भी इस बात को लेकर परेशान हैं, तो यहां आपकी इस परेशानी का हल मिलेगा. हमने इस विषय की जानकारी के लिए मदरहुड हॉस्पिटल में नियोनेटोलॉजी एंड पीडियाट्रिक्स डिपार्टमेंट के लीड कंसल्टेंट डॉ. अनिश पिल्लई से बातचीत की.
डॉक्टर पिल्लई ने कहा त्योहारों के दौरान बच्चों का अधिक लोगों के संपर्क में आना सामान्य बात है. इससे उन्हें सामान्य संक्रमणों के संपर्क में आने का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि, कुछ आसान सावधानी बरतकर आप अपने छोटे बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं.
बच्चों को इंफेक्शन से कैसे रखें सुरक्षित?
डॉ. पिल्लई का कहना है कि कुछ बातों को ध्यान में रखकर आप अपने छोटे से बच्चे को सुरक्षित रख सकते हैं, जैसे-
बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालें. खाने से पहले और बाहर से लौटने के बाद साबुन-पानी या जरूरत पड़ने पर अल्कोहल-आधारित हैंड रब का इस्तेमाल करें.
त्योहारों की बिजी लाइफस्टाइल के बीच बच्चों को संतुलित और समय पर भोजन दें. पर्याप्त पानी पिलाएं और भरपूर आराम सुनिश्चित करें, ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे.
बुखार, शरीर पर चकत्ते, असामान्य थकान, भूख कम लगना या चिड़चिड़ापन जैसे लक्षणों पर नजर रखें.
वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज जरूर लगवाएं
डॉक्टर ने कहा समय पर करवाया गया वैक्सीनेशन बच्चों को उन बीमारियों से बचाता है, जिन्हें वैक्सीनेशन के माध्यम से रोका जा सकता है. साथ ही इंफेक्शन का प्रसार कम होने से आसपास के अन्य लोग भी सुरक्षित रहते हैं.
डॉ. पिल्लई ने सलाह दी कि माता-पिता बच्चों की सेहत पर लगातार नजर रखें. अगर कोई लक्षण लंबे समय तक बना रहे, बढ़ जाए या चिंता का कारण बने तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. उन्होंने हर बाल पीडियाट्रिक की विजिट पर बच्चे का टीकाकरण रिकॉर्ड साथ ले जाने, टीकाकरण शेड्यूल की समीक्षा कराने और छूटे हुए या कैच-अप टीकों के बारे में जानकारी लेने की भी सलाह दी.
त्योहारों में बच्चों को सुरक्षित रखने के उपाय
दिल्ली स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी डिपार्टमेंट की कंसल्टेंट डॉ. अदिति सचदेवा ने बच्चों की सुरक्षा के लिए खाना, शोर, कपड़ों और फायर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियां शेयर कीं.
- बच्चों को फ्रेश और सही तरीके से सुरक्षित खाना खिलाएं. त्योहारों की भागदौड़ में उनका मील स्कीप न होने दें.
- ज्यादा मीठी चीजें या फिर तले-भुने स्नैक्स बच्चों को न दें.
- तेज म्यूजिक और पटाखों की आवाज से बच्चों को सुरक्षित रखने की कोशिश करें.
- बच्चों को पटाखों, धुएं और खराब वेंटिलेशन वाले स्थानों से दूर रखें.
- अस्थमा या अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं से ग्रस्त बच्चों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें.
- बच्चों को अच्छी फिटिंग वाले 100 प्रतिशत सूती कपड़े पहनाएं.
- इस्तेमाल किए गए फुलझड़ी या अन्य छोटे पटाखों को बच्चों से दूर रखें.
- अगर बच्चा जल जाए, तो प्रभावित हिस्से को 20 मिनट तक ठंडे बहते पानी के नीचे रखें.
- जलने पर बर्फ या घरेलू नुस्खे लगाने से बचें और गंभीर स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें.
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