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Arjun Ki Chaal: अर्जुन की छाल से जुड़ी कुछ मजेदार बातें, आयुर्वेद से जानें यह कहां पाया जाता है, इसकी तासीर और कब लें?

Arjun Ki Chaal Ke Fayde: अगर आप ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या हृदय से जुड़ी किसी भी समस्या से परेशान हैं, तो आयुर्वेद में एक ऐसा प्राकृतिक उपाय मौजूद है जो कई मामलों में मददगार साबित हुआ है. यह है अर्जुन का पेड़, जिसकी छाल को 'हृदय-बल्य' यानी हृदय को ताकत देने वाली औषधि कहा जाता है.  

Arjun Ki Chaal: अर्जुन की छाल से जुड़ी कुछ मजेदार बातें, आयुर्वेद से जानें यह कहां पाया जाता है, इसकी तासीर और कब लें?
What are the benefits of Arjuna bark?

Arjun Ki Chaal Ke Fayde: अगर आप ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या हृदय से जुड़ी किसी भी समस्या से परेशान हैं, तो आयुर्वेद में एक ऐसा प्राकृतिक उपाय मौजूद है जो कई मामलों में मददगार साबित हुआ है. यह है अर्जुन का पेड़, जिसकी छाल को 'हृदय-बल्य' यानी हृदय को ताकत देने वाली औषधि कहा जाता है.

अर्जुन का पेड़ कहां पाया जाता है?

अर्जुन का पेड़ भारत के लगभग हर हिस्से में पाया जाता है, खासकर नदियों, तालाबों और जल स्रोतों के किनारे. इसकी छाल में ऐसे शक्तिशाली गुण हैं जो हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, रक्त प्रवाह को संतुलित करते हैं और धड़कन को नियमित रखने में मदद करते हैं.

अर्जुन की छाल के फायदे

अर्जुन की छाल के फायदे

अर्जुन की छाल से कौन-कौन सी बीमारी ठीक होती है?

अर्जुन की छाल ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करती है. इसके नियमित इस्तेमाल से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी संतुलित रहता है, जिससे दिल संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. आयुर्वेद में इसे दिल की शक्ति बढ़ाने और हृदय रोगों से बचाव करने वाली सबसे भरोसेमंद औषधियों में शामिल किया गया है. इसके अलावा, यह छाल एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है, जो शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करती है और रक्त को शुद्ध करती है.

हड्डियों के लिए अर्जुन की छाल के फायदे

सिर्फ दिल ही नहीं, अर्जुन की छाल हड्डियों और घावों के लिए भी फायदेमंद है. इसका लेप हड्डियों के फ्रैक्चर, सूजन या घावों पर लगाने से राहत दिलाता है, इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं. दस्त, पेचिश और मूत्र संक्रमण जैसी परेशानियों में भी इसका काढ़ा लाभकारी माना गया है. इसके अलावा, खांसी, अस्थमा और सांस की तकलीफ जैसी समस्याओं में भी अर्जुन की छाल का काढ़ा या चूर्ण राहत देता है.

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अर्जुन की छाल कब और कैसे पिएं?

अर्जुन का सेवन करना आसान है, इसकी छाल का काढ़ा, दूध में उबालकर पीना या चूर्ण का इस्तेमाल- ये सभी तरीके हृदय और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं. सुबह और शाम इसका सेवन करने से दिल मजबूत होता है और शरीर स्वस्थ रहता है. हालांकि, सावधानी जरूरी है. ज्यादा मात्रा में सेवन करने से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को चिकित्सक की सलाह से ही इसे लेना चाहिए.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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