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सावधान! क्या आप भी AI को बता रहे हैं अपनी बीमारियां? भारी पड़ सकती है आपकी ये छोटी सी गलती

AI Privacy Risks: अगर आप भी AI को बता रहे हैं अपनी बीमारियां, तो आज से ही कर दें बंद. क्योंकि हाल ही में एक्स पर शेयर के पोस्ट जिसमें एक पूर्व इंटेलिजेंस ऑफिसर की चेतावनी आपके होश उड़ा सकती है.

सावधान! क्या आप भी AI को बता रहे हैं अपनी बीमारियां? भारी पड़ सकती है  आपकी ये छोटी सी गलती
AI Privacy Risks: AI को क्यों नहीं बताएं अपनी बीमारियां.

आजकल हम छोटी से छोटी बात के लिए इंटरनेट और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का सहारा लेते हैं. सिर में दर्द हो या पेट में मरोड़, हम तुरंत चैटबॉट से पूछने लगते हैं कि "मुझे क्या हुआ है?" इतना ही नहीं, कई लोग तो अपनी ब्लड रिपोर्ट और एक्स-रे तक AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर देते हैं ताकि उन्हें जल्दी समझ आ जाए कि रिपोर्ट में क्या लिखा है. ​अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो सावधान! क्योंकि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं एक ऐसा तो एक बुरा. हाल ही में एक्स पर शेयर के पोस्ट जिसमें एक पूर्व इंटेलिजेंस ऑफिसर की चेतावनी आपके होश उड़ा सकती है. उनका कहना है कि अपनी मेडिकल जानकारी किसी भी AI प्लेटफॉर्म पर डालना खुद को खतरे में डालने जैसा है. तो चलिए जानते हैं ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए. 

​क्यों है यह खतरनाक? (Why is this dangerous)

​जब आप अपनी मेडिकल रिपोर्ट AI को देते हैं, तो वह डेटा सिर्फ आपके और उस मशीन के बीच नहीं रहता. वह डेटा उस कंपनी के सर्वर पर सुरक्षित हो जाता है. इंटेलिजेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस डेटा का इस्तेमाल भविष्य में आपके खिलाफ कई तरीकों से किया जा सकता है.

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1. ​बीमा- 

अगर आपकी कोई पुरानी बीमारी या जेनेटिक समस्या AI के जरिए लीक हो गई, तो भविष्य में बीमा कंपनियां आपको पॉलिसी देने से मना कर सकती हैं या आपसे बहुत ज्यादा प्रीमियम वसूल सकती हैं. इतना ही नहीं इसका कोई गलत इस्तेमाल भी कर सकता है.

​2. ब्लैकमेलिंग- 

किसी का भी मेडिकल डेटा बहुत ही पर्सनल होता है. अगर यह गलत हाथों में पड़ जाए, तो इसका इस्तेमाल किसी को मानसिक रूप से परेशान करने या डिजिटल फ्रॉड के लिए किया जा सकता है.

3. मिटाना मुश्किल- 

आपको बता दें कि इंटरनेट पर एक बार जो जानकारी चली गई, उसे पूरी तरह मिटाना लगभग नामुमकिन है. AI कंपनियां इस डेटा का इस्तेमाल अपने मॉडल को "ट्रेन" करने के लिए भी कर करती हैं. 

​क्या करें आम आदमी- 

​1. टेक्नोलॉजी बुरी नहीं है, लेकिन उसका इस्तेमाल सावधानी से करना जरूरी है.

2. ​डॉक्टर पर भरोसा करें, मशीन पर नहीं AI सिर्फ पुराने डेटा के आधार पर जवाब देता है, वह डॉक्टर की तरह आपकी शारीरिक स्थिति को देख नहीं सकता. इसलिए खुद का इलाज AI के अधार पर न करें.

3. अगर आपको रिपोर्ट समझनी है, तो अपने डॉक्टर से बात करें. किसी भी रैंडम ऐप या वेबसाइट पर अपनी फाइल न डालें.

4. अगर आप किसी हेल्थ ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसकी सेटिंग्स में जाकर 'डेटा शेयरिंग' को बंद कर दें.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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