आज के समय में हमारा ज़्यादातर वक्त मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन के सामने बीतता है. काम की मजबूरी हो या आदत. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी कुछ रोज़ाना की आदतें आपकी आंखों को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा रही हैं? जाने-माने हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. सलीम ज़ैदी ने अपने हालिया सोशल मीडिया रील्स में तीन ऐसी बड़ी गलतियों के बारे में बताया है, जिन्हें लोग अक्सर अनजाने में करते हैं और अपनी आंखों की रोशनी को खतरे में डालते हैं. आइए जानते हैं कि वे कौन सी 3 गलतियां हैं जिन्हें आपको आज और अभी से करना बंद कर देना चाहिए.
आंखों को नुकसान पहुंचा रहीं आपकी ये 3 आदतें-
1. अंधेरे में मोबाइल चलाना-
डॉ. सलीम ज़ैदी के मुताबिक, सबसे पहली और बड़ी गलती है रात को सोने से पहले कमरे की लाइट बंद करके अंधेरे में मोबाइल का इस्तेमाल करना. जब आप अंधेरे में तेज़ ब्राइटनेस के साथ स्क्रीन देखते हैं, तो मोबाइल से निकलने वाली हानिकारक ब्लू लाइट सीधे आपकी आंखों के रेटिना पर असर डालती है. इससे आंखों में सूखापन, धुंधलापन और सिरदर्द की समस्या होने लगती है. लंबे समय तक ऐसा करने से आंखों की रोशनी कम होने का खतरा बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है.

आंखों को नुकसान पहुंचा रही ब्लू लाइट. (Image NDTV)
2. आखों को ज़ोर-ज़ोर से मलना-
जब आंखों में हल्की सी खुजली या थकान महसूस होती है, तो हममें से ज़्यादातर लोग तुरंत आंखों को ज़ोर-ज़ोर से मलना शुरू कर देते हैं. डॉक्टर सलीम ज़ैदी चेतावनी देते हैं कि ऐसा करना बेहद खतरनाक हो सकता है. हमारी आंखों की ऊपरी परत (कॉर्निया) बहुत नाजुक होती है. हाथों को रगड़ने से कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है और आंखों के अंदर की बारीक खून की नसें फट सकती हैं. इसके अलावा, हाथों में मौजूद बैक्टीरिया आंखों में जाकर गंभीर इन्फेक्शन पैदा कर सकते हैं.
3. कॉन्टैक्ट लेंस-
तीसरी बड़ी गलती चश्मा लगाने वाले या फैशन के लिए कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोग करते हैं. डॉक्टर बताते हैं कि लोग अक्सर लेंस को साफ रखने में लापरवाही बरतते हैं या फिर एक्सपायरी डेट निकल जाने के बाद भी आई ड्रॉप्स या आई प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते रहते हैं. गंदे लेंस या खराब हो चुके आई ड्रॉप्स के इस्तेमाल से आंखों में अल्सर हो सकता है, जिससे हमेशा के लिए आंखों की रोशनी जाने का खतरा हो सकता है.
क्या कहती है रिसर्च-
National Institutes of Health की इस रिसर्च में साफ बताया गया है कि डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट हमारी आंखों के रेटिना को गंभीर नुकसान पहुंचाती है और इससे नींद न आने की समस्या भी होती है.
American Academy of Ophthalmology की स्टडी बताती है कि लगातार और ज़ोर से आंखें मलने के कारण केराटोकोनस नाम की बीमारी हो सकती है, जिससे कॉर्निया का आकार बिगड़ जाता है और चश्मे का नंबर तेज़ी से बढ़ता है.
ये भी पढ़ें- फुटबॉलर जर्सी के नीचे क्या पहनते हैं? जिसे लोग समझते हैं Sports Bra, उसकी कहानी कुछ और है
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं