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मां से पेट में पल रहे बच्चे को भी हो सकता है एमपॉक्स संक्रमण, डब्ल्यूएचओ ने चेताया

एमपॉक्स वायरस संक्रमित व्यक्ति द्वारा छुए गये किसी वस्तु या सतह को छूने से भी स्वस्थ व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता है.

मां से पेट में पल रहे बच्चे को भी हो सकता है एमपॉक्स संक्रमण, डब्ल्यूएचओ ने चेताया
"गर्भावस्था के दौरान संक्रमण भ्रूण तक भी फैल सकता है."

इन दिनों दुनिया में तेजी से फैल रहे मंकीपॉक्स या एमपॉक्स के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि यह मां से उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को भी हो सकता है. संगठन ने रविवार को एमपॉक्स के जुड़ी कुछ जानकारियां शेयर की हैं. इनमें बताया गया है कि एमपॉक्स आमतौर पर छूने, यौन संबंध बनाने और नजदीकी संपर्क में रहने से होता है. इसके अलावा एमपॉक्स वायरस संक्रमित व्यक्ति द्वारा छुए गये किसी वस्तु या सतह को छूने से भी स्वस्थ व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता है.

जानकारियों में कहा गया है, "गर्भावस्था के दौरान संक्रमण भ्रूण तक भी फैल सकता है. जन्म के समय या जन्म के बाद त्वचा से त्वचा के संपर्क में आने से और शिशु या बच्चों से माता-पिता के नजदीकी संपर्क में आने से भी यह फैल सकता है."

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डब्ल्यूएचओ का क्या कहना है?

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि जिस व्यक्ति में वायरस हैं, लेकिन बीमारी के कोई लक्षण नहीं है, यानी जो पूरी तरह हेल्दी दिख रहा है, उससे संक्रमण फैलने की कुछ रिपोर्ट मिली है, लेकिन इस बारे में अभी और अध्ययन की जरूरत है. संक्रमित व्यक्तियों के शुक्राणुओं में भी एमपॉक्स के जिंदा वायरस मिले हैं, लेकिन अभी यह ज्ञात नहीं है कि शुक्राणु, योनी के फ्लुइड या मां के दूध से संक्रमण फैलने का कितना खतरा होता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 14 अगस्त को एमपॉक्स महामारी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया था. दुनिया भर में इस साल एमपॉक्स के 15 हजार से ज्यादा मामले आ चुके हैं और 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

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डब्ल्यूएचओ का कहना है कि एमपॉक्स को ठीक होने में दो से चार हफ्ते का समय लग सकता है. जब तक फफोले पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते और फफोलों वाली त्वचा की जगह नई त्वचा नहीं आ जाती तब तक व्यक्ति को संक्रमण मुक्त नहीं माना जा सकता. ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना चाहिए.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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