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This Article is From Dec 28, 2025

दांतों पर ब्रश नहीं दांतून करें इस्‍तेमाल, आचार्य बालकृष्ण ने बताए फायदे, जानें किस पेड़ की दातून है बेस्‍ट और इस्‍तेमाल का सही तरीका

क्या आप जानते हैं कि आप जो टूथपेस्ट और ब्रश का इस्तेमाल अपने दांतों को साफ करने के लिए करते हैं उससे कहीं ज्यादा फायदेमंद है दातून. आचार्य बालकृष्ण ने बताया हर रोज दातून करने के अनगिनत लाभ.

दांतों पर ब्रश नहीं दांतून करें इस्‍तेमाल, आचार्य बालकृष्ण ने बताए फायदे, जानें किस पेड़ की दातून है बेस्‍ट और इस्‍तेमाल का सही तरीका
दातून करने के अनगिनत फायदे.

Datoon Benefits: आज के समय में जहां लोग दांतों को साफ करने के लिए टूथपेस्ट और ब्रश का इस्तेमाल करते हैं. वहीं कई लोग माउथवॉश यूज करते हैं लेकिन बात करें पुराने समय और पुराने लोगों की तो वो लोग दांतों को साफ करने के लिए दातून का इस्तेमाल करते थे. दातून का इस्तेमाल करने से हर रोज आपको हर रोज एक नया ब्रश मिलता था. दूसरी चीज जब आप अलग-अलग जड़ी बूटियों का नीम से बबूल से महुए से और कीकर से करंज से, चिरचिटा से इन लकड़ियों का जब हम प्रयोग करते हैं तो उससे जो दूसरी हमारे शरीरगत बीमारियां हैं. उन सभी में दातून का इस्तेमाल फायदेमंद होता है. क्योंकि दातून से निकलने वाला रस लार बन कर के सलाइवा के माध्यम से बहुत सारे उसके रस और तत्व पेट में चले जाते हैं जो शरीर के लिए औषधि का काम करते हैं. आचार्य बालकृष्णा ने बताया दातून करने के फायदों के बारे में. 

टूथपेस्ट इस्तेमाल करने से क्या होता है

टूथपेस्ट एक ही तरह का पेस्ट होता है. जब आप पेस्ट को ब्रश पर लगाते हैं तो पेस्ट एक तरह से झूठा हो जाता है उसकी जो बैक्टीरिया है उसके दांतों की जो गड़बड़ी है बीमारी उस पेस्ट में लग जाती है. वहीं आप हर रोज नया ब्रश नहीं खरीद सकते हैं. हर दिन एक ही ब्रश का इस्तेमाल करना आपके लिए हानिकारक हो सकता है. ऐसे में आप अपने ब्रश को गर्म पानी से धुलें.

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वहीं बात करें दातून की तो अगर आप ऐसी जगह पर रहते हैं जहां पर आपको हर रोज ये नहीं मिल पाते हैं तो आप एक साथ दातून को ले जाकर रख सकते हैं. उसे करने से पहले रात भर के लिए पानी में भिगोकर रख दें और सुबह उस दातून से मंजन करें. 

क्या कहता है आयुर्वेद

आयुर्वेद में मसूड़ों की मसाज करने की सलाह दी जाती है. सुबह उठकर उंगली से धीरे-धीरे उनकी मालिश करें ऊपर और नीचे मालिश करने से ही मसूड़े की बीमारियां हैं, दांतों के रोग हैं उससे आप बच सकते हैं. आचार्य ने बताया कि आयुर्वेद में विधान है कि उंगली से मसूड़ों की मालिश करने से आपको मसूड़े से जुड़ी कोई प्रॉब्लम्स नहीं होती हैं. 

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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